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बीमारी और बुढ़ापा: अलाव की चिंगारी बन गई काल, वृद्ध की जिंदा जलकर मौत; बाबा रामदास खुद को बचा भी न सके
Sat, 07 Feb 2026 12:40 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 07 Feb 2026 12:40 PM IST
सार
फिरोजाबाद के थाना लाइनपार के छारबाग स्थित स्वर्गाश्रम में 60 वर्षीय वृद्ध बाबा रामदास की जिंदा जलकर मौत हो गई। सांस की बीमारी के कारण बाबा रामदास चलने में असमर्थ थे।
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- फोटो : istock
विस्तार
फिरोजाबाद के थाना लाइनपार क्षेत्र में शुक्रवार की रात एक हृदयविदारक घटना हुई। छारबाग स्थित स्वर्गाश्रम में रहने वाले एक 60 वर्षीय वृद्ध की अलाव से लगी आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। वह शारीरिक रूप से लाचार थे, जिसके कारण आग लगने पर वह खुद को बचा नहीं सके।
पुलिस के अनुसार, बाबा रामदास (60) पिछले एक साल से स्वर्गाश्रम में रह रहे थे। वह लंबे समय से सांस की गंभीर बीमारी से ग्रसित थे, जिसके कारण उन्हें चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई होती थी। शुक्रवार की रात ठंड से बचने के लिए उन्होंने जमीन पर बिस्तर लगाया और पास ही अलाव जला लिया।
नींद के दौरान अलाव की चिंगारी से अचानक उनके बिस्तर और कपड़ों में आग लग गई। बीमारी की वजह से लाचार रामदास बिस्तर से उठ नहीं पाए और रात के अंधेरे में ही तड़पते रहे। आग में उनका पेट से लेकर पैर तक का आधा शरीर बुरी तरह झुलस गया। शनिवार तड़के जब आश्रम के अन्य लोग वहां पहुंचे, तब घटना का पता चला। आनन-फानन में पुलिस और डायल 112 को सूचना दी गई। मौके पर सीओ सदर तेजस त्रिपाठी और थानाध्यक्ष रमित कुमार आर्य पुलिस बल के साथ पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
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एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि वृद्ध सांस की बीमारी के कारण जमीन पर ही सोते थे। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कपड़ों में आग लगने के बाद उठे धुएं से उनका दम घुट गया और शरीर जलने के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
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पुलिस के अनुसार, बाबा रामदास (60) पिछले एक साल से स्वर्गाश्रम में रह रहे थे। वह लंबे समय से सांस की गंभीर बीमारी से ग्रसित थे, जिसके कारण उन्हें चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई होती थी। शुक्रवार की रात ठंड से बचने के लिए उन्होंने जमीन पर बिस्तर लगाया और पास ही अलाव जला लिया।
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नींद के दौरान अलाव की चिंगारी से अचानक उनके बिस्तर और कपड़ों में आग लग गई। बीमारी की वजह से लाचार रामदास बिस्तर से उठ नहीं पाए और रात के अंधेरे में ही तड़पते रहे। आग में उनका पेट से लेकर पैर तक का आधा शरीर बुरी तरह झुलस गया। शनिवार तड़के जब आश्रम के अन्य लोग वहां पहुंचे, तब घटना का पता चला। आनन-फानन में पुलिस और डायल 112 को सूचना दी गई। मौके पर सीओ सदर तेजस त्रिपाठी और थानाध्यक्ष रमित कुमार आर्य पुलिस बल के साथ पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
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एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि वृद्ध सांस की बीमारी के कारण जमीन पर ही सोते थे। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कपड़ों में आग लगने के बाद उठे धुएं से उनका दम घुट गया और शरीर जलने के कारण उनकी मृत्यु हो गई।