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कांच इकाइयों को मिलेगी अतिरिक्त बिल से राहत
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कांच इकाइयों को मिलेगी अतिरिक्त बिल से राहत
60 हजार घनमीटर गैस की कटौती कर महंगी दर की गैस का बिल देने का मामला
उद्यमियों ने की थी पेट्रोलियम मंत्री और गेल के सीईओ से की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। आरएलएनजी (री गैसीफाइड लिक्विफाइड नेचुरल गैस) के कोटे में नियम से हटकर कटौती किए जाने से कांच उद्यमियों को प्रतिदिन करीब 57 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। उद्यमियों द्वारा 60 हजार घनमीटर गैस कोटे में कटौती की शिकायत केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री और गेल(गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के सीईओ से की थी। शिकायत सही मिलने पर गेल ने 16 मई से फिरोजाबाद की कांच इकाईयों को दी जाने वाली तीन लाख घनमीटर आरएलएनजी श्रेणी के गैस कोटा में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं किए जाने का आश्वासन दिया है।
टीटीजेड क्षेत्र में संचालित कांच एवं चूड़ी इकाइयों को प्रति दिन 11 लाख घनमीटर रियायती दर वाली एपीएम (एडमिनिस्ट्रेड प्राइसिंग मैकेनिज्म) और तीन लाख घनमीटर व्यवसायिक श्रेणी की आरएलएनजी के औसत अनुपात से गैस बिल जारी किए जाते हैं। कांच इकाइयों में ज्यादा खपत होने की स्थिति में अत्यधिक मंहगी दर 145 रुपये प्रति घनमीटर की दर वाली स्पॉट आरएलएनजी को जोड़ते हुए गैस बिलों का निर्धारण होता है। फिरोजाबाद के कांच एवं चूड़ी उद्योग जगत के अनुसार, 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक के गैस बिल में गेल द्वारा रियायती दर वाली नेचुरल गैस के कोटा में से जहां 20,000 घनमीटर की कटौती कर दी। वहीं तीन लाख घनमीटर वाले आरएलएनजी कोटा में से भी प्रतिदिन के हिसाब से करीब 60 हजार घनमीटर की कटौती कर दी। इसके साथ ही महंगी दर वाली स्पॉट आरएलएनजी गैस को जोड़ते हुए बिल जारी किए।
विभिन्न श्रेणी की गैस दरें
- 11 लाख घनमीटर सुनिश्चित कोटा वाली एपीएम नेचुरल गैस - 25 रुपये प्रति घनमीटर
- तीन लाख घनमीटर व्यवसायिक श्रेणी की आरएलएनजी गैस - 50 रुपये प्रति घनमीटर
- महंगी श्रेणी वाली स्पॉट आरएलएनजी की वर्तमान दर - 145 रुपये प्रति घनमीटर
प्रतिदिन 60 हजार घनमीटर की कटौती
कांच उद्योग जगत को रियायती दर वाली एपीएम, व्यवसायिक श्रेणी वाली आरएलएनजी को मिला कर औसत आधार पर गैस बिल जारी होते हैं। आरएलएनजी श्रेणी की गैस कटौती में प्रतिदिन करीब 60 हजार घनमीटर की कटौती हुई। यानि कांच इकाइयों को 60,000 गुणा 95 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से गैस बिल का भुगतान करना पड़ा।
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16 से 30 अप्रैल के दौरान गेल इंडिया ने कांच इकाइयों को निर्धारित रियायती दर वाली एपीएम और व्यवसायिक श्रेणी की आरएलएनजी गैस कोटा में कटौती कर इसके एवज में स्पॉट आरएलएनजी गैस की कीमत जोड़ते हुए गैस बिल जारी किए। यह पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा निर्धारित नियम के विरुद्ध था। हमने इसकी शिकायत केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और गेल इंडिया के सीईओ मनोज जैन से की थी। शिकायत को सही मानते हुए गेल इंडिया ने इसमें सुधार करते हुए 16 मई से 11 लाख घनमीटर रियायती दर और तीन लाख घनमीटर आरएलएनजी गैस कोटे में किसी प्रकार की कटौती न करने का आश्वासन दिया है।
- हेमंत अग्रवाल चॉयस, उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
गेल इंडिया प्रबंधन की ओर से फिरोजाबाद की कांच इकाइयों को आगामी 16 मई से आरएलएनजी कोटा में किसी तरह की कटौती नहीं किए जाने का आश्वासन दिया गया है। कांच उद्यमियों द्वारा अप्रैल के द्वितीय गैस बिल में आरएलएनजी गैस कोटा में कटौती के संबंध में गेल इंडिया और पेट्रोलियम मंत्रालय को आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
- आशीष केशरवानी, क्षेत्रीय अधिकारी विपणन गेल इंडिया लिमिटेड
फोटो-01
चूड़ी उद्योग मजदूर संघ आंदोलन की राह पर
फिरोजाबाद। कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ की बैठक शनिवार को राधा देवी शंखवार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में संघ पदाधिकारियों एवं चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों ने कई शिकायतें की। श्रमिकों के अनुसार कारखानेदार नियमानुसार प्रति सैकडा चूड़ी तोड़ा पर देय 3000 रुपये का मेहनताना नहीं दे रहे। टूट-फूट व चटक आदि के नाम पर चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों के मेहनताना में कटौती की जा रही है। संघ की मंत्री राधा देवी ने 18 मई तक श्रमिकों की समस्या व शिकायतों के निस्तारण की मांग की है। अन्यथा 19 मई से जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन एवं अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। बैठक संचालन प्रेमवीर सविता ने किया। इस दौरान सूरजपाल क्रांति, बृजेश प्रधान, अनिल दीक्षित, राधेश्याम, मिथलेश और निरंजना देवी आदि मौजूद रहे।
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60 हजार घनमीटर गैस की कटौती कर महंगी दर की गैस का बिल देने का मामला
उद्यमियों ने की थी पेट्रोलियम मंत्री और गेल के सीईओ से की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। आरएलएनजी (री गैसीफाइड लिक्विफाइड नेचुरल गैस) के कोटे में नियम से हटकर कटौती किए जाने से कांच उद्यमियों को प्रतिदिन करीब 57 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। उद्यमियों द्वारा 60 हजार घनमीटर गैस कोटे में कटौती की शिकायत केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री और गेल(गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के सीईओ से की थी। शिकायत सही मिलने पर गेल ने 16 मई से फिरोजाबाद की कांच इकाईयों को दी जाने वाली तीन लाख घनमीटर आरएलएनजी श्रेणी के गैस कोटा में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं किए जाने का आश्वासन दिया है।
टीटीजेड क्षेत्र में संचालित कांच एवं चूड़ी इकाइयों को प्रति दिन 11 लाख घनमीटर रियायती दर वाली एपीएम (एडमिनिस्ट्रेड प्राइसिंग मैकेनिज्म) और तीन लाख घनमीटर व्यवसायिक श्रेणी की आरएलएनजी के औसत अनुपात से गैस बिल जारी किए जाते हैं। कांच इकाइयों में ज्यादा खपत होने की स्थिति में अत्यधिक मंहगी दर 145 रुपये प्रति घनमीटर की दर वाली स्पॉट आरएलएनजी को जोड़ते हुए गैस बिलों का निर्धारण होता है। फिरोजाबाद के कांच एवं चूड़ी उद्योग जगत के अनुसार, 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक के गैस बिल में गेल द्वारा रियायती दर वाली नेचुरल गैस के कोटा में से जहां 20,000 घनमीटर की कटौती कर दी। वहीं तीन लाख घनमीटर वाले आरएलएनजी कोटा में से भी प्रतिदिन के हिसाब से करीब 60 हजार घनमीटर की कटौती कर दी। इसके साथ ही महंगी दर वाली स्पॉट आरएलएनजी गैस को जोड़ते हुए बिल जारी किए।
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विभिन्न श्रेणी की गैस दरें
- 11 लाख घनमीटर सुनिश्चित कोटा वाली एपीएम नेचुरल गैस - 25 रुपये प्रति घनमीटर
- तीन लाख घनमीटर व्यवसायिक श्रेणी की आरएलएनजी गैस - 50 रुपये प्रति घनमीटर
- महंगी श्रेणी वाली स्पॉट आरएलएनजी की वर्तमान दर - 145 रुपये प्रति घनमीटर
प्रतिदिन 60 हजार घनमीटर की कटौती
कांच उद्योग जगत को रियायती दर वाली एपीएम, व्यवसायिक श्रेणी वाली आरएलएनजी को मिला कर औसत आधार पर गैस बिल जारी होते हैं। आरएलएनजी श्रेणी की गैस कटौती में प्रतिदिन करीब 60 हजार घनमीटर की कटौती हुई। यानि कांच इकाइयों को 60,000 गुणा 95 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से गैस बिल का भुगतान करना पड़ा।
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16 से 30 अप्रैल के दौरान गेल इंडिया ने कांच इकाइयों को निर्धारित रियायती दर वाली एपीएम और व्यवसायिक श्रेणी की आरएलएनजी गैस कोटा में कटौती कर इसके एवज में स्पॉट आरएलएनजी गैस की कीमत जोड़ते हुए गैस बिल जारी किए। यह पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा निर्धारित नियम के विरुद्ध था। हमने इसकी शिकायत केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और गेल इंडिया के सीईओ मनोज जैन से की थी। शिकायत को सही मानते हुए गेल इंडिया ने इसमें सुधार करते हुए 16 मई से 11 लाख घनमीटर रियायती दर और तीन लाख घनमीटर आरएलएनजी गैस कोटे में किसी प्रकार की कटौती न करने का आश्वासन दिया है।
- हेमंत अग्रवाल चॉयस, उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
गेल इंडिया प्रबंधन की ओर से फिरोजाबाद की कांच इकाइयों को आगामी 16 मई से आरएलएनजी कोटा में किसी तरह की कटौती नहीं किए जाने का आश्वासन दिया गया है। कांच उद्यमियों द्वारा अप्रैल के द्वितीय गैस बिल में आरएलएनजी गैस कोटा में कटौती के संबंध में गेल इंडिया और पेट्रोलियम मंत्रालय को आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
- आशीष केशरवानी, क्षेत्रीय अधिकारी विपणन गेल इंडिया लिमिटेड
फोटो-01
चूड़ी उद्योग मजदूर संघ आंदोलन की राह पर
फिरोजाबाद। कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ की बैठक शनिवार को राधा देवी शंखवार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में संघ पदाधिकारियों एवं चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों ने कई शिकायतें की। श्रमिकों के अनुसार कारखानेदार नियमानुसार प्रति सैकडा चूड़ी तोड़ा पर देय 3000 रुपये का मेहनताना नहीं दे रहे। टूट-फूट व चटक आदि के नाम पर चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों के मेहनताना में कटौती की जा रही है। संघ की मंत्री राधा देवी ने 18 मई तक श्रमिकों की समस्या व शिकायतों के निस्तारण की मांग की है। अन्यथा 19 मई से जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन एवं अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। बैठक संचालन प्रेमवीर सविता ने किया। इस दौरान सूरजपाल क्रांति, बृजेश प्रधान, अनिल दीक्षित, राधेश्याम, मिथलेश और निरंजना देवी आदि मौजूद रहे।