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Firozabad News: भरत का त्याग संयुक्त परिवार की मिसाल
Sun, 28 Dec 2025 11:29 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 28 Dec 2025 11:29 PM IST
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कथा सुनाते प्रणवपुरी महाराज। स्रोत: आयोजक
- फोटो : कथा सुनाते प्रणवपुरी महाराज। स्रोत: आयोजक
फिरोजाबाद। पालीवाल हॉल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन भरत के राम को वन से लेने जाने के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथावाचक प्रणवपुरी महाराज ने इस प्रसंग के माध्यम से प्रेम और त्याग का महत्व समझाया।
कथा के दौरान प्रणवपुरी महाराज ने कहा कि भरत का चरित्र प्रेम, त्याग और पारिवारिक मूल्यों का श्रेष्ठ उदाहरण है। भरत ने अपने भाई राम के लिए राज्य, सुख और वैभव का त्याग कर दिया और उन्हें वापस लाने के लिए वन की ओर प्रस्थान किया। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि परिवार की खुशी के लिए अपने स्वार्थ को त्यागना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भरत का जीवन संयुक्त परिवार, सुखी परिवार की भावना को दर्शाता है, जहां सभी सदस्य एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं। आज के समय में भी यदि हम भरत के आदर्शों को अपनाएं तो पारिवारिक जीवन अधिक सुखमय बन सकता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई, जिससे आयोजक उत्साहित नजर आए। महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान राम की भक्ति और प्रेम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राम भक्ति से ही जीवन को सार्थक दिशा मिलती है। कथा में भागवत संचालक पंडित देवेंद्र शास्त्री, हनुमान प्रसाद गर्ग, शिवम शर्मा, अमित उपाध्याय, राजेश दुबे आदर्श, देवब्रत पांडे, धीरेन्द्र भारद्वाज, भास्कर शर्मा, विकास गोयल, प्रवीन अग्रवाल उपस्थित रहे।
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कथा के दौरान प्रणवपुरी महाराज ने कहा कि भरत का चरित्र प्रेम, त्याग और पारिवारिक मूल्यों का श्रेष्ठ उदाहरण है। भरत ने अपने भाई राम के लिए राज्य, सुख और वैभव का त्याग कर दिया और उन्हें वापस लाने के लिए वन की ओर प्रस्थान किया। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि परिवार की खुशी के लिए अपने स्वार्थ को त्यागना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भरत का जीवन संयुक्त परिवार, सुखी परिवार की भावना को दर्शाता है, जहां सभी सदस्य एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं। आज के समय में भी यदि हम भरत के आदर्शों को अपनाएं तो पारिवारिक जीवन अधिक सुखमय बन सकता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई, जिससे आयोजक उत्साहित नजर आए। महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान राम की भक्ति और प्रेम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राम भक्ति से ही जीवन को सार्थक दिशा मिलती है। कथा में भागवत संचालक पंडित देवेंद्र शास्त्री, हनुमान प्रसाद गर्ग, शिवम शर्मा, अमित उपाध्याय, राजेश दुबे आदर्श, देवब्रत पांडे, धीरेन्द्र भारद्वाज, भास्कर शर्मा, विकास गोयल, प्रवीन अग्रवाल उपस्थित रहे।
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