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विशेष अभियान में बने 2400 गोल्डन कार्ड, 54 हजार परिवार अभी वंचित
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फिरोजाबाद। आयुष्मान भारत योजना के विशेष अभियान में भी शतप्रतिशत लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड पूरे नहीं बन सके हैं। 54 हजार परिवार अभी भी इस बात से अंजान हैं कि वह योजना के लाभार्थी हैं या नहीं। शत प्रतिशत लाभार्थियों को खोजने के लिए जनपद में 15 दिन तक अभियान और चलाया जाएगा।
जिले में एक लाख से 18 हजार से अधिक परिवार आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी हैं। इनका गोल्डन कार्ड बना है, उनका निजी अस्पतालों में भी पांच लाख रुपये का निशुल्क इलाज होता है। इसमें 30 से ज्यादा अस्पताल को इस योजना में सूचीबद्ध किया गया है। स्वास्थ्य संबंधित योजना के बावजूद भी लोगों ने गोल्डन कार्ड नहीं बनवाया है। 15 दिसंबर से चले अभियान में सिर्फ 2400 ही गोल्डन कार्ड बने। अब 15 दिन और अभियान चलेगा। इसमें करीब 54 हजार लाभार्थी परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे।
अब हर गांव में बनें गोल्डन कार्ड
अभी तक जिले में 32 गांव ऐसे थे, जिनमें एक भी लाभार्थी का गोल्डन कार्ड नहीं बना था। लेकिन 15 दिन चले अभियान में इन्हीं गांवों में फोकस रहा। अब हर गांव में गोल्डन कार्ड के लाभार्थी हैं।
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कार्ड बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज
मूल राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, प्रधानमंत्री का मूल पत्र अगर प्राप्त हुआ हो। आधार कार्ड, मुख्यमंत्री का मूल पत्र अगर प्राप्त हुआ हो।
आशा कार्यकर्ताओं के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों व सहज जन सेवा केंद्रों को निर्देशित किया गया है कि प्राथमिकता के आधार पर गोल्डन कार्ड बनवाए जाएं। हर परिवार में कम से कम एक व्यक्ति का कार्ड बन जाएगा तो अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।
डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
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जिले में एक लाख से 18 हजार से अधिक परिवार आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी हैं। इनका गोल्डन कार्ड बना है, उनका निजी अस्पतालों में भी पांच लाख रुपये का निशुल्क इलाज होता है। इसमें 30 से ज्यादा अस्पताल को इस योजना में सूचीबद्ध किया गया है। स्वास्थ्य संबंधित योजना के बावजूद भी लोगों ने गोल्डन कार्ड नहीं बनवाया है। 15 दिसंबर से चले अभियान में सिर्फ 2400 ही गोल्डन कार्ड बने। अब 15 दिन और अभियान चलेगा। इसमें करीब 54 हजार लाभार्थी परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएंगे।
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अब हर गांव में बनें गोल्डन कार्ड
अभी तक जिले में 32 गांव ऐसे थे, जिनमें एक भी लाभार्थी का गोल्डन कार्ड नहीं बना था। लेकिन 15 दिन चले अभियान में इन्हीं गांवों में फोकस रहा। अब हर गांव में गोल्डन कार्ड के लाभार्थी हैं।
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कार्ड बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज
मूल राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, प्रधानमंत्री का मूल पत्र अगर प्राप्त हुआ हो। आधार कार्ड, मुख्यमंत्री का मूल पत्र अगर प्राप्त हुआ हो।
आशा कार्यकर्ताओं के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों व सहज जन सेवा केंद्रों को निर्देशित किया गया है कि प्राथमिकता के आधार पर गोल्डन कार्ड बनवाए जाएं। हर परिवार में कम से कम एक व्यक्ति का कार्ड बन जाएगा तो अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।
डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ