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धर्मांतरण के विरोध में फीरोजाबाद में भी गुस्सा
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 13 Dec 2014 11:30 AM IST
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आगरा में हुए धर्मांतरण के विरोध में काजी शाहनियाज अली के नेतृत्व में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया गया। इमामबाड़ा चौराहे पर राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीओ सिटी राजेश चौधरी को सौंपा। उन्होंने ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
जुमा की नमाज के बाद धर्मांतरण के विरोध में जलसा का आयोजन करने एवं जुलूस निकालने की चेतावनी काजी शाहनियाज अली की ओर से दी गई थी। खुफिया विभाग की टीमों के साथ पुलिस फोर्स नमाज से पहले सीओ सिटी राजेश चौधरी के नेतृत्व में सक्रिय हो गया।
सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद के साथ नाले की पुलिया पर स्थिति मस्जिद मेवा फरोशान व शाही मस्जिद के साथ अन्य प्रमुख मस्जिदों के निकट फोर्स मुस्तैद था। सीओ सिटी काफी देर तक जामा मस्जिद के समीप प्रभारी निरीक्षक दक्षिण के साथ मौजूद रहे। काजी शाहनियाज अली के नेतृत्व में विरोध करने की जानकारी मिली तो पूरी फोर्स इमामबाड़ा चौराहे पर पहुंच गया। काली पट्टी बांधकर जुलूस में शामिल युवकों ने जैसे ही गली से बाहर निकलने का प्रयास किया तो फोर्स ने रोक दिया।
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राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित ज्ञापन सीओ सिटी राजेश चौधरी के सौंपते हुए वापस लौट गए। कुछ युवकों ने बाजार की ओर बढ़ने का प्रयास किया तो काजी शाहनियाज अली ने उनको रोका। आगरा में धर्मांतरण में शामिल संगठनों पर प्रतिबंध लगाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कहा शरारती तत्व मुल्क में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे तत्वों से सावधान रहने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश एकता अमन कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दिलशाद अली राजू, मुहर्रम इंतजामियां कमेटी के मो. इरफान खान, खालिद जमाल सिद्दीकी, साजिद जफर ने माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मो. उमर फारुख, कमर आलम साबरी, अखलाख खां, मेहरोज, शिराज अली, नदीम भाई, आजम खान, इमरान मुस्तफा, आरिफ खान, साजिद हुसैन, हसीन अहमद, जफर आलम सहित कई युवा शामिल थे।
अफसर करते रहे निगरानी
जुमा की नमाज के बाद जलसा, विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी के कारण पुलिस एवं प्रशासन के आला अफसर भी चिंतित थे। डीएम विजय किरन आनंद ने तहसीलदार सदर को लगाया वहीं शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र का फोर्स शहर में सक्रिय रहा। डीएम मीटिंग में होने के बाद भी बाजार की रिपोर्ट लेते रहे।
नहीं हुआ जलसा
धर्मांतरण के विरोध में घोषित किया जलसा नहीं हुआ। सिर्फ बड़ा इमामबाड़ा से बाहर निकलकर चौराहे पर ही आकर ज्ञापन दिया। अफसरों की मानें तो जलसा की पूर्व में कोई अनुमति भी नहीं थी।
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जुमा की नमाज के बाद धर्मांतरण के विरोध में जलसा का आयोजन करने एवं जुलूस निकालने की चेतावनी काजी शाहनियाज अली की ओर से दी गई थी। खुफिया विभाग की टीमों के साथ पुलिस फोर्स नमाज से पहले सीओ सिटी राजेश चौधरी के नेतृत्व में सक्रिय हो गया।
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सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद के साथ नाले की पुलिया पर स्थिति मस्जिद मेवा फरोशान व शाही मस्जिद के साथ अन्य प्रमुख मस्जिदों के निकट फोर्स मुस्तैद था। सीओ सिटी काफी देर तक जामा मस्जिद के समीप प्रभारी निरीक्षक दक्षिण के साथ मौजूद रहे। काजी शाहनियाज अली के नेतृत्व में विरोध करने की जानकारी मिली तो पूरी फोर्स इमामबाड़ा चौराहे पर पहुंच गया। काली पट्टी बांधकर जुलूस में शामिल युवकों ने जैसे ही गली से बाहर निकलने का प्रयास किया तो फोर्स ने रोक दिया।
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राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित ज्ञापन सीओ सिटी राजेश चौधरी के सौंपते हुए वापस लौट गए। कुछ युवकों ने बाजार की ओर बढ़ने का प्रयास किया तो काजी शाहनियाज अली ने उनको रोका। आगरा में धर्मांतरण में शामिल संगठनों पर प्रतिबंध लगाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कहा शरारती तत्व मुल्क में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे तत्वों से सावधान रहने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश एकता अमन कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दिलशाद अली राजू, मुहर्रम इंतजामियां कमेटी के मो. इरफान खान, खालिद जमाल सिद्दीकी, साजिद जफर ने माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मो. उमर फारुख, कमर आलम साबरी, अखलाख खां, मेहरोज, शिराज अली, नदीम भाई, आजम खान, इमरान मुस्तफा, आरिफ खान, साजिद हुसैन, हसीन अहमद, जफर आलम सहित कई युवा शामिल थे।
अफसर करते रहे निगरानी
जुमा की नमाज के बाद जलसा, विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी के कारण पुलिस एवं प्रशासन के आला अफसर भी चिंतित थे। डीएम विजय किरन आनंद ने तहसीलदार सदर को लगाया वहीं शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र का फोर्स शहर में सक्रिय रहा। डीएम मीटिंग में होने के बाद भी बाजार की रिपोर्ट लेते रहे।
नहीं हुआ जलसा
धर्मांतरण के विरोध में घोषित किया जलसा नहीं हुआ। सिर्फ बड़ा इमामबाड़ा से बाहर निकलकर चौराहे पर ही आकर ज्ञापन दिया। अफसरों की मानें तो जलसा की पूर्व में कोई अनुमति भी नहीं थी।