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संवाद और योग से बढ़ाया जा रहा आत्मविश्वास और मानसिक दक्षता

Sun, 03 Apr 2022 11:45 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 11:45 PM IST
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amar ujala abhiyan education
संवाद और योग से बढ़ाया जा रहा आत्मविश्वास और मानसिक दक्षता
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अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाईं जा रहीं, लिखने का भी कराया जा रहा अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद। कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को मानसिक और शारीरिक दक्षता में कुछ कमियां आईं हैं। स्कूल खुलने के बाद इन्हें दूर करने में शिक्षक जुट गए हैं। इसके लिए अतिरिक्त कक्षाएं, परिचर्चा और संवाद के साथ ही योग की कक्षाएं भी चलाईं जा रहीं हैं।
ज्ञान दीप सीनियर सेकेंड्री पब्लिक स्कूल की प्रबंध निदेशक डॉ. रजनी यादव ने बताया कि बच्चों से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी की जा रही है। शिक्षक बच्चों को ऑफलाइन पढ़ाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कोरोना काल में नुकसान की भरपाई करने के लिए प्रधानाचार्य भी बच्चों से संवाद कर रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई से सबसे ज्यादा असर बच्चों की पठन-पाठन क्षमता पर पड़ा है। बच्चों की लिखावट भी कुछ हद तक प्रभावित हुई है। शिक्षक कक्षाओं में बच्चों से किताबों को पढ़वा रहे हैं। लिखने का भी अभ्यास कराया जा रहा है। योग शिक्षक के माध्यम से बच्चों को योग और आसन के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। शिक्षक यह भी पता लगा रहे हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों में और क्या बदलाव आए हैं।
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कोरोना काल में छात्र ऑफलाइन पढ़ाई करते रहे। इससे उनकी शारीरिक व मानसिक क्षमता प्रभावित हुई है। उन्हें दुरुस्त करने के लिए हम जुटे हुए हैं। इसके लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं। प्रतिदिन सुबह योग की कक्षा लगा कर बच्चों में ध्यान, योग, आसन कराया जा रहा है। बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ाया जा रहा है। सुबह योग और आसन करने से शारीरिक क्षमता बढ़ने के साथ मन और मस्तिष्क भी स्वस्थ हो जाता है।
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- डॉ. पीएस राना योग शिक्षक
- स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाई में हर बात आसानी से समझ में आती है। अकेले पढ़ने के बजाय कक्षाओं में सहपाठियों के साथ पढ़ाई करने का अलग ही मजा है। साथी से कक्षा में आगे निकलने की ललक भी रहती है।
- प्रिया
- कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई करते समय आंखों में दिक्कत होती थी। स्कूलों में खेलकूद की गतिविधियां भी दो साल बंद रहीं। अब योग की क्लास लगवाई जा रही है। इससे काफी राहत महसूस हो रही है।
- रिया
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- दो साल बाद स्कूल खुले हैं। कक्षा में पढ़ाई करने में बहुत अच्छा लग रहा है। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई हुई। अब शिक्षक उनमें आई कमियों को दुरुस्त करने में जुटे हैं। शिक्षक उनसे खुद बाद कर रहे हैं। इससे आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
- पूजा
- कक्षा में शिक्षक कोई भी समस्या आने पर उसे दूर करते हैं। ऑनलाइन पढ़ाई में वे अकेले पढ़ते थे। सहपाठियों से भी बात नहीं हो पाती थी। चर्चा, परिचर्चा के साथ योग के माध्यम से शरीर को स्वस्थ बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
- कौशिकी
- ऑनलाइन पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही थी। बार-बार नेटवर्क की समस्या उत्पन्न होती थी, इस वजह से पढ़ाई में मन नहीं लगता था। स्कूल में आकर अच्छी तरह से पढ़ाई हो रही है। योग की कक्षा से मन मस्तिष्क को दुरुस्त किया जा रहा है।

- समीक्षा
- कोरोना काल में घरों में कैद रहने से मन में हीन भावना बढ़ रही थी। स्कूल खुलने के बाद स्कूल में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। अपने पुराने साथियों से मिलकर पढ़ाई पर विचार-विमर्श करना अच्छा लगता है।
- शिखा
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