फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Administration team reached the investigations of glass factories, stirred

कांच कारखानों की जांच को पहुंची प्रशासन की टीम, हड़कंप

Tue, 25 Apr 2017 10:59 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद Updated Tue, 25 Apr 2017 10:59 PM IST
विज्ञापन
Administration team reached the investigations of glass factories, stirred
कारखानों की चेकिंग के दौरान मौजूद टीम और उद्यमी।
कांच कारखानों में मानकों की जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में गठित टीम ने मंगलवार को कारखानों का निरीक्षण किया। अधिकांश कारखाना संचालक जांच टीम को अभिलेख दिखाने में असमर्थ रहे। नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि अभिलेख नहीं देने वाले फैक्ट्री संचालकों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
विज्ञापन

एसआर ग्लास में टिनशेड गिरने के बाद लगी आग में दो श्रमिकों की मौत एवं ब्राइट ग्लास में टिन शेड गिरने से एक श्रमिक की मौत के मामले के बाद डीएम नेहा शर्मा ने कारखानों में मानकों की पड़ताल के लिए कमेटी गठित की है। कमेटी में नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर यादव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विश्वनाथ शर्मा, सहायक आयुक्त उद्योग अंबरेश कुमार पांडेय, सहायक प्रबंधक उद्योग आरके पाठक, श्रम प्रवर्तन अधिकारी आरके गुप्ता, सहायक अभियंता आरईएस मोहम्मद शमीम शामिल हैं। इस कमेटी ने मंगलवार को जांच शुरू की। नगर मजिस्ट्रेट सुरेंद्र बहादुर यादव ने स्टेशन रोड स्थित अंसार और इरफान ग्लास, पत्थर वाली गली में स्थित श्रीनाथ ग्लास, श्याम ग्लास के साथ आदर्श कांच उद्योग में जांच की। जांच के दौरान अधिकारियों ने श्रमिकों से बात कर न्यूनतम वेतन की जानकारी ली। श्रमिकों ने बताया आठ के स्थान पर नौ-नौ घंटे काम करते हैं। भगार बीनने वाली श्रमिक नसीरन बेगम, ऊषा देवी ने अधिकारियों से मकान की मांग की। इरफान ग्लास में पानी पिलाने वाले महबूब, खलील खां, अब्दुल और बबलू के साथ गुलफाम से बातचीत की।
विज्ञापन


कारखानों में जांच के बिंदु
नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि कारखानों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी, भट्ठियों की संख्या, उत्पादन की क्षमता, जिला उद्योग केंद्र का पंजीयन, उत्पादित वस्तुओं का नाम, फैक्ट्री पार्टनर का विवरण, श्रमिकों को न्यूनतम वेतन का ब्योरा मांगा है। फैक्ट्री एक्ट में लेआउट मानचित्र पास है या नहीं, फैक्ट्री एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की संख्या, टॉयलेट, बाथरूम एवं टिनशेड की स्थिति टिकाऊ एवं गिरासू है देखी गई। फायर प्वाइंट और हाईड्रेंट प्वाइंट भी देखे जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


फैक्ट्री संचालकों में हड़कंप
प्रशासन की ओर से कांच कारखानों में जांच शुरू होने के साथ फैक्ट्री संचालकों की धड़कनें तेज हो गई। कारखाना संचालक एक दूसरे को फोन भी घुमाते रहे। कुछ संचालक कारखानों में ही नहीं गए।


202 कांच कारखानों की होनी है जांच
जिला उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक आरके पाठक का कहना है कि शहर की 202 कांच काखानों की जांच होनी है। इन सभी कारखानों में व्यवस्थाओं को जांचने,परखने के बाद ही नोटिस जारी किए जाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed