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उप निदेशक कृषि सहित दो अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश
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फिरोजाबाद। विभिन्न ग्राम पंचायतों में हुई वित्तीय गड़बड़ियों की जांच एवं आख्या प्रस्तुत करने में लापरवाही करने पर जिले के दो अधिकारियों का वेतन रोका गया है। वहीं डीएम ने इस तरह के 12 अन्य मामलों में जांच के लिए नामित 20 अन्य अधिकारियों को कठोर चेतावनी जारी की है। ब्लॉक अरांव की ग्राम पंचायत कुढ़ीना में ग्राम प्रधान के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के चलते पंचायती राज अधिनियम के तहत अधिकार सीज किए जाने की कार्रवाई की थी। मामले में डीएम ने प्रधान के खिलाफ अंतिम जांच करने के लिए उप निदेशक कृषि डॉ. हंसराज एवं एक्सईएन आरईडी को नामित किया था।
डीएम चंद्र विजय सिंह ने गत 18 मार्च 2020 को जारी पत्र के अनुसार दोनों अधिकारियों को 15 दिन में जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद दोनों अधिकारियों ने निर्धारित अवधि में जांच पूरी नहीं की। इस दौरान दोनों को डीएम स्तर से कई पत्र भी जारी किए लेकिन दोनों ने उनका संज्ञान नहीं लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने दोनों के खिलाफ जुलाई माह का वेतन जारी नहीं किए जाने की कार्रवाई की है। इसकी प्रति जिला कोषाधिकारी को भी जारी की गई है।
वहीं जिले के विभिन्न ब्लॉकों से जुड़ीं 12 ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास कार्यों के नाम पर वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर डीएम चंद्र विजय के निर्देश पर सीडीओ नेहा जैन ने संबंधित ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए अलग-अलग तिथियों में 20 अधिकारियों को जांच अधिकारी नामित किया था। सभी को एक सप्ताह में जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद जांच के लिए नामित अधिकारियों छह माह पूर्व जारी जांच संबंधी डीएम के निर्देशों की अवहेलना की जा रही थी। विगत आठ जुलाई को समीक्षा बैठक में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई।
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बार-बार पत्र जारी करने के बावजूद जांच कार्य में लापरवाही बरत रहे जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, एक्सईएन नलकूप, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, एक्सईएन जिला पंचायत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, एक्सईएन आवास विकास, सहायक निदेशक बचत, जिला कृषि रक्षाधिकारी, जिला मद्यपान निषेध अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित 20 को कठोर चेतावनी जारी की है। डीए मने जारी नोटिस में संबंधित विभागाध्यक्षों को एक सप्ताह में जांच आख्या प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात भी कही है।
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डीएम चंद्र विजय सिंह ने गत 18 मार्च 2020 को जारी पत्र के अनुसार दोनों अधिकारियों को 15 दिन में जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद दोनों अधिकारियों ने निर्धारित अवधि में जांच पूरी नहीं की। इस दौरान दोनों को डीएम स्तर से कई पत्र भी जारी किए लेकिन दोनों ने उनका संज्ञान नहीं लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने दोनों के खिलाफ जुलाई माह का वेतन जारी नहीं किए जाने की कार्रवाई की है। इसकी प्रति जिला कोषाधिकारी को भी जारी की गई है।
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वहीं जिले के विभिन्न ब्लॉकों से जुड़ीं 12 ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास कार्यों के नाम पर वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर डीएम चंद्र विजय के निर्देश पर सीडीओ नेहा जैन ने संबंधित ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए अलग-अलग तिथियों में 20 अधिकारियों को जांच अधिकारी नामित किया था। सभी को एक सप्ताह में जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद जांच के लिए नामित अधिकारियों छह माह पूर्व जारी जांच संबंधी डीएम के निर्देशों की अवहेलना की जा रही थी। विगत आठ जुलाई को समीक्षा बैठक में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई।
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बार-बार पत्र जारी करने के बावजूद जांच कार्य में लापरवाही बरत रहे जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, एक्सईएन नलकूप, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, एक्सईएन जिला पंचायत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, एक्सईएन आवास विकास, सहायक निदेशक बचत, जिला कृषि रक्षाधिकारी, जिला मद्यपान निषेध अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित 20 को कठोर चेतावनी जारी की है। डीए मने जारी नोटिस में संबंधित विभागाध्यक्षों को एक सप्ताह में जांच आख्या प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात भी कही है।