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Firozabad News: झूठे मामले में जेल भेजने का आरोप, महिलाओं की पुलिस से धक्का-मुक्की

Tue, 04 Mar 2025 11:47 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Tue, 04 Mar 2025 11:47 PM IST
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Accused of being sent to jail in a false case, women scuffle with police
सरकारी ट्रामा सेंटर पर पुलिस और महिलाओं के बीच होती धक्का-मुक्की। - फोटो : सरकारी ट्रामा सेंटर पर पुलिस और महिलाओं के बीच होती धक्का-मुक्की।
फिरोजाबाद। मंगलवार को दक्षिण थाना पुलिस पर एक बार फिर से संगीन आरोप लगे हैं। सोमवार को पुलिस ने जिस आरोपी को डेढ़ किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया था। मंगलवार को उसे जेल भेजने से पहले पुलिस मेडिकल कराने पहुंची। आरोपी युवक के परिवार की महिला सदस्य भी अस्पताल जा पहुंची। महिलाओं ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझ कर पुलिस किसी के कहने पर डेढ़ किलो चरस लगाकर जेल भेज रही है। पुलिस ने अपने पास से ही चरस खरीदकर लगाया है। महिलाओं ने आरोपी को जबरन छुड़ाकर ले जाने का प्रयास भी किया। सूचना पर उत्तर पुलिस मौके पर पहुंच गई। महिलाओं और पुलिस के बीच काफी धक्का-मुक्की भी हुई। महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को अलग किया। तब आरोपी को वहां से ले जाया गया। शिवम उर्फ शिवा यादव हाल निवासी सेक्टर नंबर 4 सुहागनगर विमल की टाल थाना दक्षिण मूल निवासी रूपसपुर ठार मेवाराम थाना लाइनपार को दक्षिण पुलिस ने चेकिंग के दौरान मादक पदार्थ की बिक्री और तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया था। उसे जेल भेजने से पहले पुलिसकर्मी आरोपी को बाइक से मेडिकल कराने के लिए सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे थे। जानकारी होने पर उसके परिवार की महिलाएं भी अस्पताल पहुंच गईं। जहां महिलाएं उसे झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाकर हंगामा करने लगीं। महिलाओं का आरोप था कि जानबूझ कर चरस में जेल भेजा जा रहा है। पुलिस से महिलाओं की काफी बहस भी हुई। जैसे पुलिसकर्मी आरोपी को ले जा रहे थे। तभी महिलाओं से उसे जबरन छुड़ाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उनका विरोध किया। लेकिन महिलाओं की भीड़ दोनों पुलिसकर्मियों पर हावी हो गई। सूचना मिलने पर उत्तर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला संभाला। इसके बाद आरोपी को वहां से ले जाया गया।
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पुलिस की कार्यशैली पर पहले भी खड़े हो चुके सवाल
- पिछले साल 21 जून को ही पहला मामला जेल में बंदी आकाश की मौत से शुरू हुआ था। जिसमें पुलिस पर पत्थरबाजी तक की गई। इसके साथ ही बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया था। इस बड़े बवाल में दक्षिण पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हुए थे।
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- इसके बाद जनवरी 2025 में स्टंटबाजी के मामले में कुछ युवकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिसमें जमानत के बाद युवकों ने पुलिस के आलाधिकारियों के समक्ष बताया था कि पुलिसकर्मियों ने चेकिंग के नाम पर रोककर उनकी पिटाई की गई।
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