{"_id":"57a777ea4f1c1b7d112b95a2","slug":"ac-fans-too-close-to-the-burns-ward-gasping-burned-patient","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसी बर्न वार्ड में पंखे भी बंद, छटपटा रहे जले हुए मरीज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसी बर्न वार्ड में पंखे भी बंद, छटपटा रहे जले हुए मरीज
अमर उजाला ब्यूरो, फीरोजाबाद
Updated Sun, 07 Aug 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
एसी बर्न वार्ड में पंखे भी बंद, छटपटा रहे जले हुए मरीज
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती मरीज गर्मी से छटपटा रहे हैं। जले बदन से पसीना बहने से असहनीय वेदना से कराहते मरीज बिस्तर छोड़ कर वार्डों से बाहर रह रहे हैं। व्यवस्था तो इन्हें एसी वार्ड में रखने की है लेकिन एसी तो दूर पंखे की हवा तक नसीब नहीं हो रही है। रविवार को बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों का यही हाल था। अन्य वार्डों में भी पंखे नहीं चल रहे थे।
दृश्य एक
रविवार को समय दोपहर करीब 12 बजे बर्न वार्ड में कोई मरीज नहीं था। वार्ड को छोड़कर मरीज बरामदे में बैठे और लेटे हुए थे। उनके तीमारदार हाथ के पंखे से हवा करने में हुए लगे थे। पूछने पर मढई गांव की भुवनेश ने बताया कि वार्ड में गर्मी बहुत है। एसी न चले लेकिन पंखा तो चले। दो एसी लगे हैं इनमें से एक एसी खराब है। जले हुए मरीजों की देखभाल के लिए वार्ड में कोई भी चिकित्सक एवं स्टार्फ नर्स मौजूद नहीं थी। चिकित्सकों के मुताबिक बर्न वार्ड इसलिए वातानुकूलित बनाए जाते हैं, ताकि पसीने से इंफेक्शन न हो।
दृश्य दो
जिला अस्पताल के वार्ड नंबर एक में पंखे न चलने से मरीज पसीने से तर-बतर हो रहे थे। वार्ड नंबर एक में भर्ती अजीत ने बताया कि पंखे रात भर नहीं चलते हैं।
बिजली कटौती बहुत हो रही है। जनरेटर बहुत चलता है। मगर ज्यादा गर्म होने पर जनरेटर को बंद कराना पड़ता है। अगर मरीज रातभर बिजली न होने की बात कहते हैं तो यह गलत है। बर्न वार्ड में एसी अगर खराब है तो उसे ठीक कराएंगे।
विज्ञापन
डॉ. अजय शुक्ला, सीएमएस
जिला अस्पताल
विज्ञापन
दृश्य एक
रविवार को समय दोपहर करीब 12 बजे बर्न वार्ड में कोई मरीज नहीं था। वार्ड को छोड़कर मरीज बरामदे में बैठे और लेटे हुए थे। उनके तीमारदार हाथ के पंखे से हवा करने में हुए लगे थे। पूछने पर मढई गांव की भुवनेश ने बताया कि वार्ड में गर्मी बहुत है। एसी न चले लेकिन पंखा तो चले। दो एसी लगे हैं इनमें से एक एसी खराब है। जले हुए मरीजों की देखभाल के लिए वार्ड में कोई भी चिकित्सक एवं स्टार्फ नर्स मौजूद नहीं थी। चिकित्सकों के मुताबिक बर्न वार्ड इसलिए वातानुकूलित बनाए जाते हैं, ताकि पसीने से इंफेक्शन न हो।
विज्ञापन
दृश्य दो
जिला अस्पताल के वार्ड नंबर एक में पंखे न चलने से मरीज पसीने से तर-बतर हो रहे थे। वार्ड नंबर एक में भर्ती अजीत ने बताया कि पंखे रात भर नहीं चलते हैं।
बिजली कटौती बहुत हो रही है। जनरेटर बहुत चलता है। मगर ज्यादा गर्म होने पर जनरेटर को बंद कराना पड़ता है। अगर मरीज रातभर बिजली न होने की बात कहते हैं तो यह गलत है। बर्न वार्ड में एसी अगर खराब है तो उसे ठीक कराएंगे।
विज्ञापन
डॉ. अजय शुक्ला, सीएमएस
जिला अस्पताल