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Firozabad News: भव्य घटयात्रा निकाली, सिद्धचक्र विधान आज से
Tue, 23 Dec 2025 11:59 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 23 Dec 2025 11:59 PM IST
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घटयात्रा में शामिल जैन समाज की महिलाएं। स्रोत: मंदिर कमेटी।
फिरोजाबाद। शीतलनाथ दिगंबर जैन रत्नत्रय जिनालय नसियाजी में जैन मुनि बालयोगी अमित सागर के सानिध्य में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का आयोजन होगा। इसी के तहत मंगलवार को गाजेबाजे के साथ घटयात्रा निकाली गई।
नेमिनाथ दिगंबर जैन जिनालय हनुमानगंज से बैंडबाजों के साथ भव्य घटयात्रा निकाली गई। घटयात्रा एसआरके कॉलेज और रामलीला चौराहा होते हुए नसियाजी जिनालय पहुंची। घटयात्रा में सबसे आगे आचार्य विद्यासागर का रथ चल रहा था, जिसमें उनकी पद्मासन प्रतिमा विराजमान थी। इसके पीछे स्वर्ण मुकुट और पीत वस्त्र धारण किए अष्ट कुमारियां स्वर्ण कलश लेकर चल रही थीं। मुनि अमित सागर अपने ससंघ के साथ शामिल रहे।
नसिया जिनालय पहुंचने पर ध्वजारोहण के साथ विधान का शुभारंभ किया गया। इसके बाद पांडुकशिला पर विराजमान प्रतिमा का जिनाभिषेक और शांतिधारा की गई। भोपाल से आए विधानाचार्य आशीष जैन और ब्रह्मचारी सविता दीदी व सुनीता दीदी ने मंत्रोच्चारण के साथ मांडना शुद्धि की क्रियाएं कराईं। पहले दिन महिला और पुरुष जिनभक्तों ने अष्ट द्रव्य से आठ अर्घ्य अर्पित किए। अमित सागर ने कहा कि सिद्धचक्र विधान अत्यंत प्रभावशाली विधान है। इसके प्रभाव से जटिल रोगों से भी मुक्ति मिलती है।
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नेमिनाथ दिगंबर जैन जिनालय हनुमानगंज से बैंडबाजों के साथ भव्य घटयात्रा निकाली गई। घटयात्रा एसआरके कॉलेज और रामलीला चौराहा होते हुए नसियाजी जिनालय पहुंची। घटयात्रा में सबसे आगे आचार्य विद्यासागर का रथ चल रहा था, जिसमें उनकी पद्मासन प्रतिमा विराजमान थी। इसके पीछे स्वर्ण मुकुट और पीत वस्त्र धारण किए अष्ट कुमारियां स्वर्ण कलश लेकर चल रही थीं। मुनि अमित सागर अपने ससंघ के साथ शामिल रहे।
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नसिया जिनालय पहुंचने पर ध्वजारोहण के साथ विधान का शुभारंभ किया गया। इसके बाद पांडुकशिला पर विराजमान प्रतिमा का जिनाभिषेक और शांतिधारा की गई। भोपाल से आए विधानाचार्य आशीष जैन और ब्रह्मचारी सविता दीदी व सुनीता दीदी ने मंत्रोच्चारण के साथ मांडना शुद्धि की क्रियाएं कराईं। पहले दिन महिला और पुरुष जिनभक्तों ने अष्ट द्रव्य से आठ अर्घ्य अर्पित किए। अमित सागर ने कहा कि सिद्धचक्र विधान अत्यंत प्रभावशाली विधान है। इसके प्रभाव से जटिल रोगों से भी मुक्ति मिलती है।
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