फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   दोस्त ही निकला जीतू का कातिल

दोस्त ही निकला जीतू का कातिल

Wed, 25 Jun 2014 05:30 AM IST
Firozabad
Firozabad Updated Wed, 25 Jun 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
फीरोजाबाद। मथुरा नगर निवासी जीतू की हत्या उसके दोस्त सचिन ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी और हत्या के आरोप से बचने के लिए खुद को भी गोली मार ली थी। घायल हालत में सचिन को उसके परिवारीजन जिला अस्पताल से आगरा के लिए रेफर कराकर फरार हो गए। पुलिस उनकी इस साजिश को भांप नहीं पाई और बाद में सचिन की तलाश में आगरा के अस्पतालों की खाक छानती रही।
विज्ञापन

इस मामले में जीतू के पिता रामगोपाल यादव ने सचिन के अलावा दीपक, संजय, राजकुमार उर्फ रज्जो और संत कुमार को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इन पर जीतू को घर से बुलाकर ले जाने और हत्या करने का आरोप लगाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सचिन पर जीतू के 80 हजार रुपये उधार थे और इनका तगादा करने पर हत्या की गई। हत्या के आरोप से बचने के लिए सचिन ने खुद को गोली मार कर घायल कर लिया। थानाध्यक्ष बसई मोहम्मदपुर का कहना है सचिन से पूछताछ के लिए एक टीम को देर रात आगरा के उस अस्पताल में भेजा गया था, जहां उसका उपचार चल रहा था। लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस टीम ने कई अस्पतालों में सचिन की तलाश की। अन्य चार आरोपी और उनके परिवार के लोग भी फरार हैं।
विज्ञापन

कैसे फरार हो गया घायल आरोपी
इस हत्याकांड के बाद पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। गोली लगने से घायल हालत में सचिन को लेकर परिवारीजन थाना बसई मोहम्मदपुर के बीहड़ वाले इलाके से जिला अस्पताल पहुंचे तथा वहां से रेफर कराकर आगरा ले गए। संदिग्ध मामलों में जिला अस्पताल से पुलिस को सूचना दी जाती है। इसके अलावा जिला अस्पताल में भी पुलिस रहती है। पुलिस जब तक जागी और सचिन से पूछताछ करने के लिए आगरा पहुंची, वह फरार हो चुका था। कत्ल जैसी संगीन वारदात के आरोपी का पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाना, पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाद में छावनी बना दिया अस्पताल
जीतू की हत्या के बाद घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक छावनी बन गया था। देर रात पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके आवास साथ अन्य स्थानों पर दबिश भी दी लेकिन एक भी हाथ नहीं आया। सुबह जीतू के शव का पीएम होने से पूर्व अस्पताल को जहां छावनी बना गया। वह सुभाष तिराहा पर पीएसी के साथ टूंडला सर्किट के थानेदारों को तैनात किया था। क्षेत्रीय बाजार भी सुबह से ही बंद रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed