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पिता-पुत्री के शव देख मची चीखपुकार
Firozabad
Updated Sun, 06 Apr 2014 05:30 AM IST
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नारखी। पिता-पुत्री सहित पांच रिश्तेदारों की मौत के बाद गांव भूड़ नगरिया में दूसरे दिन भी मातमी सन्नाटा पसरा रहा। शाम करीब पांच बजे पिता-पुत्री के शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। राजनीति पार्टियों के साथ काफी संख्या में आसपास के ग्रामीण भी मृतक परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
गौरतलब है कि गढ़ी भूड़नगरिया निवासी रमेश चंद्र ने अपने बेटे राहुल का रिश्ता झांसी में तय किया था। जिसकी गोदभराई की रस्म अदा करने के लिए रमेश अपने पुत्र राहुल, आरती पुत्री खुशीपाल और अन्य रिश्तेदारों के साथ झांसी गए थे। रास्ते में हुई दुर्घटना में आरती और खुशीपाल के साथ तीन अन्य रिश्तेदारों की मौत हो गई। इसकी सूचना जैसे ही गांव पहुंची कोहराम मच गया। शनिवार को भी गांव में दिन चीखपुकार मची रही। शाम करीब पांच बजे पिता पुत्री के शव गांव पहुंचे तो महिलाओं के करुण क्रंदन ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गांव में चूल्हे तक नहीं जल सके। पिता पुत्री अंतिम यात्रा के दौरान सभी की आंखें झलक आईं। अंतिम संस्कार के दौरान सपा से फर्रुखाबाद विधायक विजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चंद्र चंचल, विधानसभा अध्यक्ष संजय सिंह के साथ भाजपा, कांग्रेस और बसपा कार्यकर्ताओं व अन्य लोग मौजूद थे।
खुशीपाल की आर्थिक स्थिति नहीं थी ठीक
हादसे में बेटी के साथ मौत का शिकार हुए खुशीपाल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। सात बीघा जमीन के साथ मजदूरी कर वह परिवार का भरण पोषण कर रहा था। खुशीपाल की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह अपने पीछे एक बेटी और दो पुत्र को छोड़ गए हैं।
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गौरतलब है कि गढ़ी भूड़नगरिया निवासी रमेश चंद्र ने अपने बेटे राहुल का रिश्ता झांसी में तय किया था। जिसकी गोदभराई की रस्म अदा करने के लिए रमेश अपने पुत्र राहुल, आरती पुत्री खुशीपाल और अन्य रिश्तेदारों के साथ झांसी गए थे। रास्ते में हुई दुर्घटना में आरती और खुशीपाल के साथ तीन अन्य रिश्तेदारों की मौत हो गई। इसकी सूचना जैसे ही गांव पहुंची कोहराम मच गया। शनिवार को भी गांव में दिन चीखपुकार मची रही। शाम करीब पांच बजे पिता पुत्री के शव गांव पहुंचे तो महिलाओं के करुण क्रंदन ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गांव में चूल्हे तक नहीं जल सके। पिता पुत्री अंतिम यात्रा के दौरान सभी की आंखें झलक आईं। अंतिम संस्कार के दौरान सपा से फर्रुखाबाद विधायक विजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चंद्र चंचल, विधानसभा अध्यक्ष संजय सिंह के साथ भाजपा, कांग्रेस और बसपा कार्यकर्ताओं व अन्य लोग मौजूद थे।
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खुशीपाल की आर्थिक स्थिति नहीं थी ठीक
हादसे में बेटी के साथ मौत का शिकार हुए खुशीपाल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। सात बीघा जमीन के साथ मजदूरी कर वह परिवार का भरण पोषण कर रहा था। खुशीपाल की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह अपने पीछे एक बेटी और दो पुत्र को छोड़ गए हैं।
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