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नहीं ख्ाुला पीएचसी का ताला, हार गया जिंदगी
Firozabad
Updated Mon, 05 Aug 2013 05:33 AM IST
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टूंडला। गांव गदलपुरा में सरकारी स्वास्थ्य सेवा मुहैया नहीं होने पर झोलाछाप से इलाज कराना दो भाइयों को भारी पड़ गया। दोनों को गंभीर हालत में टूंडला लाया गया। यहां एक किशोर की मौत हो गई तो वहीं दूसरे भाई की हालत नाजुक बनी हुई है। दोनों किशोरों को डायरिया की शिकायत थी।
गांव गदलपुरा निवासी भूदेव सिंह के पुत्र विकास उर्फ बौनी (10) एवं तालेवर (13) को शनिवार दोपहर अचानक पेट में दर्द होने लगा। कुछ ही देर में उन्हें उल्टी और दस्त हो गए। बच्चों की हालत खराब होती देख परिवारीजन दोनों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बजहेरा पहुंचे। यहां ताला लटका हुआ था। केंद्र के बंद होने पर परिवारीजनों ने गांव में ही एक झोलाछाप से बच्चों को दवा दिला दी। दवा खाने के कुछ समय बाद ही दोनों की हालत और गंभीर हो गई। हालत नाजुक देखकर परिवारीजन दोनों को टूंडला लेकर दौड़े। यहां शनिवार देर रात उपचार के दौरान विकास उर्फ बौनी की मौत हो गई। वहीं तालेवर की हालत गंभीर बनी हुई है। विकास की मौत के बाद परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है। विदित हो कि एक पखवाडे़ पूर्व थाना नारखी क्षेत्र में डायरिया फैला था। यहां भी एक मासूम की मौत हो गयी थी तथा दर्जनों की संख्या में बच्चे व अन्य डायरिया के शिकार हुए थे।
डायरिया से बच्चे की मौत होने की जानकारी नहीं मिली है। यदि गांव में डायरिया के केस है तो सोमवार सुबह टीम भेजकर दवाएं दी जाएंगी। चिकित्सक पीएचसी नहीं पहुंचे है, इसकी जांच भी कराई जाएगी।
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डा. संजीव वर्मा
अधीक्षक, सीएचसी, टूंडला
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गांव गदलपुरा निवासी भूदेव सिंह के पुत्र विकास उर्फ बौनी (10) एवं तालेवर (13) को शनिवार दोपहर अचानक पेट में दर्द होने लगा। कुछ ही देर में उन्हें उल्टी और दस्त हो गए। बच्चों की हालत खराब होती देख परिवारीजन दोनों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बजहेरा पहुंचे। यहां ताला लटका हुआ था। केंद्र के बंद होने पर परिवारीजनों ने गांव में ही एक झोलाछाप से बच्चों को दवा दिला दी। दवा खाने के कुछ समय बाद ही दोनों की हालत और गंभीर हो गई। हालत नाजुक देखकर परिवारीजन दोनों को टूंडला लेकर दौड़े। यहां शनिवार देर रात उपचार के दौरान विकास उर्फ बौनी की मौत हो गई। वहीं तालेवर की हालत गंभीर बनी हुई है। विकास की मौत के बाद परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है। विदित हो कि एक पखवाडे़ पूर्व थाना नारखी क्षेत्र में डायरिया फैला था। यहां भी एक मासूम की मौत हो गयी थी तथा दर्जनों की संख्या में बच्चे व अन्य डायरिया के शिकार हुए थे।
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डायरिया से बच्चे की मौत होने की जानकारी नहीं मिली है। यदि गांव में डायरिया के केस है तो सोमवार सुबह टीम भेजकर दवाएं दी जाएंगी। चिकित्सक पीएचसी नहीं पहुंचे है, इसकी जांच भी कराई जाएगी।
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डा. संजीव वर्मा
अधीक्षक, सीएचसी, टूंडला