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सड़क बनी पार्किंग तो फिर क्यों न लगे जाम
Firozabad
Updated Wed, 07 Nov 2012 12:00 PM IST
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फीरोजाबाद। जाम के झाम से कैसे मिलेगी निजात? समस्या के समाधान के लिए कई बार योजनाएं बनी, लेकिन धरातल पर कार्य नहीं हुआ। पार्किंग न होने के कारण लोग अपने वाहन को मनचाहे स्थान पर खड़ा कर शॉपिंग करने लगते हैं। इससे जाम लगने लगता है।
एक के पीछे एक लगी गाड़ियों की कतार और उनमें आगे निकलने की होड़ के चलते जोर जोर से आती हॉर्न की आवाजों से परेशान हर एक को हर रोज इसका सामना करना पड़ता है। खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सबसे ज्यादा जाम की समस्या रहती है। शहर में कहीं भी वित्तीय संस्थानों, दुकानों, शोरूमों तक पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। सड़क पर ही वाहन खडे़ करके लोग शापिंग करते हैं। ट्रांसपोर्ट नगर न बनने से लोड अनलोड वाहन सर्विस रोड अथवा हाइवे किनारे खडे़ होते हैं। मजेदार बात यह है कि शहर में जहां-जहां यातायात पुलिस ने नो पार्किंग के बोर्ड लगाए हैं इन्हीं बोर्डों के पास वाहन पार्क होते हैं। जहां नये मार्केट और प्रतिष्ठान बन रहे हैं वहां भी पार्किंग की दृष्टि से कोई प्लानिंग नहीं की जा रही है।
यहां बन सकती है पार्किंग
गौशाला से आगे सदर बाजार की तरफ खाली जगह है। इस स्थान पर पार्किंग बन सकती है। कई बार प्रस्ताव भी तैयार हुआ, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। अगर पालिका पार्किंग बनवा दे तो सदर बाजार में लगने वाले जाम से निजात मिल सकती है।
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नालबंद चौराहे से शहर में न हो वाहनों का प्रवेश
नालबंद चौराहे से शहर में चार पहिया वाहनों का प्रवेश नहीं होना चाहिए। गांधी पार्क के सामने पड़े मैदान में पार्किंग बन जाए तो वाहन वहीं पार्क करा दिये जाएंगे, इससे आम आदमी को परेशानी नहीं होगी। वहीं गांधी पार्क से अस्थाई बैरियर लगाकर दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया जाए। इससे चार पहिया वाहन प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
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एक के पीछे एक लगी गाड़ियों की कतार और उनमें आगे निकलने की होड़ के चलते जोर जोर से आती हॉर्न की आवाजों से परेशान हर एक को हर रोज इसका सामना करना पड़ता है। खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सबसे ज्यादा जाम की समस्या रहती है। शहर में कहीं भी वित्तीय संस्थानों, दुकानों, शोरूमों तक पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। सड़क पर ही वाहन खडे़ करके लोग शापिंग करते हैं। ट्रांसपोर्ट नगर न बनने से लोड अनलोड वाहन सर्विस रोड अथवा हाइवे किनारे खडे़ होते हैं। मजेदार बात यह है कि शहर में जहां-जहां यातायात पुलिस ने नो पार्किंग के बोर्ड लगाए हैं इन्हीं बोर्डों के पास वाहन पार्क होते हैं। जहां नये मार्केट और प्रतिष्ठान बन रहे हैं वहां भी पार्किंग की दृष्टि से कोई प्लानिंग नहीं की जा रही है।
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यहां बन सकती है पार्किंग
गौशाला से आगे सदर बाजार की तरफ खाली जगह है। इस स्थान पर पार्किंग बन सकती है। कई बार प्रस्ताव भी तैयार हुआ, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। अगर पालिका पार्किंग बनवा दे तो सदर बाजार में लगने वाले जाम से निजात मिल सकती है।
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नालबंद चौराहे से शहर में न हो वाहनों का प्रवेश
नालबंद चौराहे से शहर में चार पहिया वाहनों का प्रवेश नहीं होना चाहिए। गांधी पार्क के सामने पड़े मैदान में पार्किंग बन जाए तो वाहन वहीं पार्क करा दिये जाएंगे, इससे आम आदमी को परेशानी नहीं होगी। वहीं गांधी पार्क से अस्थाई बैरियर लगाकर दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया जाए। इससे चार पहिया वाहन प्रवेश नहीं कर सकेंगे।