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आविप कब बनाएगा कालोनी
Firozabad
Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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फीरोजाबाद। राजा का ताल में कालोनी स्थापना का काम अधर में लटका हुआ है। धारा 31 की कार्रवाई के बाद विभाग चुप्पी साधकर बैठ गया। वहीं इस कालोनी में रहने का सपना संजोने वाले इंतजार करते रह गए। विभागीय अधिकारी शासन स्तर पर लंबित होना मान रहे हैं। धारा 31 दो की कार्रवाई होना शेष रह गई है।
आवास विकास परिषद द्वारा जिले में मात्र एक कालोनी सुहागनगर की स्थापना की गई थी। चार सेक्टरों में बंटी इस कालोनी में आवास के साथ कार्मशियल कांपलेक्स स्थापित किए गए। काफी संख्या में सरकारी कार्यालयों का संचालन हो रहा है। विभाग ने लंबे अर्से के बाद एक नई कालोनी बनाने का निर्णय लिया था। ग्राम राजा का ताल, लालऊ एवं मिलिक जहांनपुर की करीब 272 एकड़ भूमि का चिह्नांकन किया। भूमि चिह्नांकन के साथ ही धारा 31 की कार्रवाई की गई थी। उपजाऊ भूमि जाते देख किसानों ने इसका विरोध किया था। राजा का ताल ही नहीं बल्कि जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था। विरोध के चलते भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को रोका दिया था। करीब दो वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी परिषद के अधिकारी यही स्पष्ट नहीं कर सके कि कालोनी विकसित कब तक हो पाएगी। या इस पर काम नहीं होगा। इस संबंध में आवास विकास परिषद के जेई वाईके गुप्ता से बात की तो उन्होंने कहा कि विभाग कालोनी स्थापित करने को तैयार है। यह काम विभाग स्तर पर नहीं बल्कि शासन स्तर से लंबित है। शासन को तय करना है कि फ्लैट की बिक्री करनी है या फिर भवन बनाने हैं। धारा 31 (दो) की कार्रवाई के साथ किसानों को मुआवजा बांटा जाएगा।
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आवास विकास परिषद द्वारा जिले में मात्र एक कालोनी सुहागनगर की स्थापना की गई थी। चार सेक्टरों में बंटी इस कालोनी में आवास के साथ कार्मशियल कांपलेक्स स्थापित किए गए। काफी संख्या में सरकारी कार्यालयों का संचालन हो रहा है। विभाग ने लंबे अर्से के बाद एक नई कालोनी बनाने का निर्णय लिया था। ग्राम राजा का ताल, लालऊ एवं मिलिक जहांनपुर की करीब 272 एकड़ भूमि का चिह्नांकन किया। भूमि चिह्नांकन के साथ ही धारा 31 की कार्रवाई की गई थी। उपजाऊ भूमि जाते देख किसानों ने इसका विरोध किया था। राजा का ताल ही नहीं बल्कि जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था। विरोध के चलते भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को रोका दिया था। करीब दो वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी परिषद के अधिकारी यही स्पष्ट नहीं कर सके कि कालोनी विकसित कब तक हो पाएगी। या इस पर काम नहीं होगा। इस संबंध में आवास विकास परिषद के जेई वाईके गुप्ता से बात की तो उन्होंने कहा कि विभाग कालोनी स्थापित करने को तैयार है। यह काम विभाग स्तर पर नहीं बल्कि शासन स्तर से लंबित है। शासन को तय करना है कि फ्लैट की बिक्री करनी है या फिर भवन बनाने हैं। धारा 31 (दो) की कार्रवाई के साथ किसानों को मुआवजा बांटा जाएगा।
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