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जिंदगी के साठ बसंत गुजारने के बाबजूद भी कभी वोट डालने बूथ पर नहीं गए मुन्नालाल

Sat, 13 Apr 2019 11:50 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2019 11:50 PM IST
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जिंदगी के साठ बसंत गुजारने के बाबजूद भी कभी वोट डालने बूथ पर नहीं गए मुन्नालाल
Lohpeeta - फोटो : amar ujala
राजकुमार
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फिरोजाबाद। साठ बसंत पार कर चुके मुन्नालाल का आज तक न तो वोटरकार्ड बना और न कभी वोट डालने बूथ पर गए। कमोवेश यही हाल उनके पड़ोस में रहने वाली 55 वर्षीय कमलेश देवी का है। वह कहती हैं कि कभी तो हमारे पास वोट बनाने के लिए ही कोई नहीं आया। यह हाल जिले के लोहापीटा समाज के लोगों का है। शिक्षा का अभाव होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तक नहीं मिला। उनकी गाड़ी है उनके परिवार की जीवन की गाड़ी बन गई है।

हम यहां बात कर रहे हैं खुले आसमान के नीचे गाड़ी में पूरे परिवार को संचालन करने वाले लोहापीटा समाज की। ओवरब्रिज के नीचे तो गांव की खाली बस्ती में इनके डेरे दिखाई देते हैं। लेकिन इनकी मूलभूत सुविधाओं की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। शिक्षा इनके बच्चों से तो कोसों दूर है, गरीबों को दिए जाने वाले गेहूं, चावल का लाभ नहीं मिलता।
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कोटला चुंगी चौराहे से आगे बढ़ें तो बुजुर्ग मुन्नालाल कहते हैं कि साहब आज तक वोट डालने नहीं गए, वोटर कार्ड ही नहीं बना, परिवार में दो बेटे सूरज व सोनू हैं। वह भी अशिक्षित। तीन बेटियां सन्नो, गीता व रानी की शादी कर दी। एक लड़के की शादी कर दी परंतु वोट बनवाने को यहां कोई नहीं आया। लोहे का सामान बनाकर बेचकर ही परिवार चलाते हैं।
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बुजुर्ग कमलेश देवी बोली मायके शिकोहाबाद में तो वोटर कार्ड बने लेकिन 55 साल बीत गए हम तो वोट डालने नहीं गए। जिंदगी पुल के नीचे बीत गई। बच्चे पढ़ने कैसे भेजें स्कूलों में तो सही ढंग से पढ़ाई नहीं होती। लोहा पीटते-पीटते ही बेटा-बेटी बड़े हो जाते हैं। खैरगढ़ निवासी बॉबी बोले वोटरकार्ड तो बन गया। लेकिन वोट डालने एक बार गए। सूरज की पत्नी तारा देवी बोलीं कि वोट नहीं बना तो फिर डालने कैसे जाएं।

आवास बनाकर दें हम रहने को तैयार
बुजुर्ग मुन्नालाल कहते हैं कि हम राणाप्रताप के वंशज हैं परंतु अब तो जमाना बदल गया। कोई मकान बनाने को पैसा या जमीन तो दे हम तो रहने को तैयार हैं। कोई सुनवाई नहीं होती है।

यहां रहते हैं लोहापीटा समाज के परिवार
कोटला चुंगी चौराहा ओवरब्रिज के नीचे, आसफाबाद, सुहागनगर चौराहा एलआईसी के पास, कोटला रोड पुलिस चौकी के पास, मक्खनपुर, शिकोहाबाद, टूंडला में स्टेशन रोड, सिरसा गंज क्षेत्र में कई परिवार रहते हैं।


हमारी समस्याएं हल कराते हैं जनप्रतिनिधि : सपना
फिरोजाबाद। मंगलामुखी समाज (थर्ड जेंडर) की बात करें जिलें की मतदाता सूची में इनकी संख्या 91 हैं। इस संबंध में सपना राजौरिया नामक मंगलामुखी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमारी समस्याओं का हल तो हमारे ही जनप्रतिनिधि कराते हैं। उन्होंने कुछ जनप्रतिनिधियों के नाम गिनाते हुए कहा कि उन्होंने सुनवाई की। वोटरकार्ड भी बना है हम वोट डालने जाएंगे। उन्होनें कहा कि शहर में करीब 15 ढोलक (प्रत्येक में कम से पांच से छह मंगला मुखी) हैं। इससे करीब सौ के आसपास संख्या तो शहर में होगी। जबकि ग्रामीण अंचल में यह संख्या और बढ़ सकती है। वह कहती हैं कि हो सकता है कि कुछ लोगों ने वोट ही नहीं बनवाया हो।
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