{"_id":"675dc685bf77aea6b504d7aa","slug":"6722-urban-babus-do-not-want-to-pay-house-and-water-tax-outstanding-of-rs-2570-crore-firozabad-news-c-169-1-sagr1025-138883-2024-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: 6722 शहरी बाबू देना नहीं चाहते गृह व जल कर, 25.70 करोड़ बकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: 6722 शहरी बाबू देना नहीं चाहते गृह व जल कर, 25.70 करोड़ बकाया
Sat, 14 Dec 2024 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 14 Dec 2024 11:25 PM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। कांचनगरी में रहने वाले शहरी बाबुओं को नगर निगम से मिलने वाली सुविधाएं तो सभी चाहिए, लेकिन यह लोग टैक्स देने में काफी पीछे हैं।
शहरी क्षेत्र में लाखों-करोड़ों की कीमत वाले भवनों में रहने वाले 6122 भवन स्वामी निगम को भवन व जलकर देने में हीलाहवाली कर रहे हैं। कई बार नोटिस जारी होने के बाद भी सुध नहीं ली हैंं। अब नगर निगम इन बकाएदार भवन स्वामियों के विरुद्ध रिकवरी जारी किए जाने की तैयारी में हैं।
नगर निगम क्षेत्र के तहत करीब 6722 भवनों पर 25.70 करोड़ रुपये का भवन व जल कर बकाया है। चिह्नित भवन स्वामी बीते 2014 या उससे पूर्व से ही नियमानुसार बकाया भवन व जलकर जमा नहीं करा रहे हैं। हालांकि बीते 2023 में जीआई सर्वे के बाद निगम प्रशासन ने इन सभी 10 से 50 हजार रुपये तक की धनराशि वाले बकाएदारों को कई बार नोटिस जारी किए हैं, लेकिन उक्त सभी निगम का बकाया जमा कराने को लेकर गंभीर नहीं हैं। नगर निगम प्रशासन के अनुसार इन सभी बकाएदारों से बकाया भवन व जलकल अब राजस्व वसूली की तरह जमा कराया जाएगा। इसके लिए बीते बृहस्पतिवार को सचिव नगर विकास एवं नगर आयुक्त ऋषिराज ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
शहरी क्षेत्र में लाखों-करोड़ों की कीमत वाले भवनों में रहने वाले 6122 भवन स्वामी निगम को भवन व जलकर देने में हीलाहवाली कर रहे हैं। कई बार नोटिस जारी होने के बाद भी सुध नहीं ली हैंं। अब नगर निगम इन बकाएदार भवन स्वामियों के विरुद्ध रिकवरी जारी किए जाने की तैयारी में हैं।
नगर निगम क्षेत्र के तहत करीब 6722 भवनों पर 25.70 करोड़ रुपये का भवन व जल कर बकाया है। चिह्नित भवन स्वामी बीते 2014 या उससे पूर्व से ही नियमानुसार बकाया भवन व जलकर जमा नहीं करा रहे हैं। हालांकि बीते 2023 में जीआई सर्वे के बाद निगम प्रशासन ने इन सभी 10 से 50 हजार रुपये तक की धनराशि वाले बकाएदारों को कई बार नोटिस जारी किए हैं, लेकिन उक्त सभी निगम का बकाया जमा कराने को लेकर गंभीर नहीं हैं। नगर निगम प्रशासन के अनुसार इन सभी बकाएदारों से बकाया भवन व जलकल अब राजस्व वसूली की तरह जमा कराया जाएगा। इसके लिए बीते बृहस्पतिवार को सचिव नगर विकास एवं नगर आयुक्त ऋषिराज ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन