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अराजक होने लगी हड़ताल, पलायन करने लगे चूड़ी जुड़ाई श्रमिक
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पलायन
- फोटो : amar ujala
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फिरोजाबाद। चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की पिछले 20 दिनों से चल रही कामबंद हड़ताल से मजदूरों का काम छिन गया है और अब वह अपने गांवों या अन्य जगह पलायन करने लगे हैं। शहर के कई मोहल्लों में रह रहे चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों के घरों पर ताले लटके हैं। इधर श्रमिकों की हड़ताल अब अराजक रूप लेने लगी है। शनिवार को रसना टाकीज के निकट तमाम युवकों ने डीसीएम में भरे चूड़ी के तोड़े तोड़ने के साथ दर्जनों तोड़े लूट ले गए।
चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की हड़ताल को 20 दिन हो गए। इससे श्रमिकों के परिवार शहर से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। तमाम श्रमिक शहर मेें किराये पर मकान लेकर जुड़ाई का कार्य करते थे। वह हड़ताल के चलते घरों में ताले डालकर अपने गांव व दूसरे स्थान पर पलायन कर चुके हैं।
न्यू रामगढ़ में सत्यवीर पुत्र पुत्तूलाल का परिवार घर में ताला डालकर पलायन कर चुका है। मायापुरी क्षेत्र में नूरी पत्नी पिंकी घर छोड़कर सैफई चली गई। झलकारी नगर, कौशल्या नगर, मायापुरी, इंद्रा नगर, ऐलान नगर, गंगानगर, बौद्धनगर, नारायन नगर सहित श्रमिक बस्तियों में तमाम श्रमिक घर छोड़कर जा चुके हैं।
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घरों में ठंड पड़े चूल्हे, बच्चों की पढ़ाई भी असर
चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की लंबी हड़ताल के कारण श्रमिकों के परिवारों में भुखमरी की नौबत आ चुकी है। मायापुरी निवासी नीलम ने बताया है कि मेरे तीन बच्चे हैं, जिसमें दो बच्चे कक्षा पांच व छह में पढ़ने जाते थे। हड़ताल के कारण बच्चों की फीस जमा नहीं कर सके, इसलिए स्कूल वालों ने बच्चों को निकाल दिया है। वहीं श्रमिक संतोष कुमार का कहना है कि हड़ताल के कारण घर का चूल्हा तक जलना मुश्किल हो गया है। एक-दो दिन में एक बार ही चूल्हा जल जाता है। फीस जमा न होने के कारण तीन बच्चों की पढ़ाई भी छूट गई।
हाईवे पर चूड़ी के तोड़े से भरे टेंपो में तोड़फोड़
श्रमिक संगठन का विवाद सामने आने के बाद हड़ताल लंबी खिंचने से अब श्रमिकों में भी आक्रोश बढ़ने लगा है। इसका परिणाम शनिवार दोपहर तक सामने आया। नगला मिर्जा के पास दोपहर एक बजे करीब 30-40 युवक हाथों में डंडा थामे हाईवे पर निकले। उन्होंने चूड़ियों के तोड़े से भरे टेंपो में तोड़फोड़ कर दी और दर्जनों तोड़े भी लूट ले गए। टेंपो चालक ने ठेकेदार व सेवायोजक को सूचना दी। सूचना पुलिस को भी दी गई।
हड़ताल खत्म कराने को ठोस पहल नहीं
कांच व चूड़ी मजदूर संघ के आह्वान पर चूड़ी श्रमिकों ने मजदूरी बढ़ोतरी सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर कामबंद हड़ताल शुरू की, लेकिन जिला प्रशासन व श्रम विभाग हड़ताल खत्म कराने को ठोस पहल नहीं कर सके। इसका खामियाजा सेवायोजकों के साथ हजारों चूड़ी व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है।
सेवायोजकों की बढ़ी चिंता
दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के उपाध्यक्ष अनिल जैन पिंकी का कहना है कि जिला प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द हड़ताल खत्म कराने को ठोस प्रयास करने चाहिए।
कांच व चूड़ी उद्योग मजदूर संघ की पुरानी कमेटी भंग
कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ की बैठक रमेशचंद्र भंडारी की अध्यक्षता में सुहाग नगर परशुराम पार्क में हुई। प्रांतीय सह संगठन मंत्री ने पुरानी कार्यकारिणी भंग करते हुए नई कार्यकारिणी का गठित की है। इसमें वर्तमान संघ की मंत्री राधादेवी शंखवार हैं।
पुरानी कमेटी में पूर्व सभासद रामदास मानव मंत्री थे। अध्यक्ष रमेशचंद्र भंडारी ने कहा कि पुरानी कार्यकारिणी ने संघ के झंडे, बैनर व लेटरपैड का प्रयोग किया तो उसके खिलाफ शिकायत की जाएगी। संघ पदाधिकारियों ने सहायक श्रमायुक्त से श्रमिकों की हड़ताल समाप्त कराने की मांग की। दुष्यंत यादव, ब्रजेश कुमार, कायम सिंह, राजेश वर्मा, अमृतलाल शंखवार, अजय यादव आदि शामिल थे।
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चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की हड़ताल को 20 दिन हो गए। इससे श्रमिकों के परिवार शहर से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। तमाम श्रमिक शहर मेें किराये पर मकान लेकर जुड़ाई का कार्य करते थे। वह हड़ताल के चलते घरों में ताले डालकर अपने गांव व दूसरे स्थान पर पलायन कर चुके हैं।
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न्यू रामगढ़ में सत्यवीर पुत्र पुत्तूलाल का परिवार घर में ताला डालकर पलायन कर चुका है। मायापुरी क्षेत्र में नूरी पत्नी पिंकी घर छोड़कर सैफई चली गई। झलकारी नगर, कौशल्या नगर, मायापुरी, इंद्रा नगर, ऐलान नगर, गंगानगर, बौद्धनगर, नारायन नगर सहित श्रमिक बस्तियों में तमाम श्रमिक घर छोड़कर जा चुके हैं।
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घरों में ठंड पड़े चूल्हे, बच्चों की पढ़ाई भी असर
चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की लंबी हड़ताल के कारण श्रमिकों के परिवारों में भुखमरी की नौबत आ चुकी है। मायापुरी निवासी नीलम ने बताया है कि मेरे तीन बच्चे हैं, जिसमें दो बच्चे कक्षा पांच व छह में पढ़ने जाते थे। हड़ताल के कारण बच्चों की फीस जमा नहीं कर सके, इसलिए स्कूल वालों ने बच्चों को निकाल दिया है। वहीं श्रमिक संतोष कुमार का कहना है कि हड़ताल के कारण घर का चूल्हा तक जलना मुश्किल हो गया है। एक-दो दिन में एक बार ही चूल्हा जल जाता है। फीस जमा न होने के कारण तीन बच्चों की पढ़ाई भी छूट गई।
हाईवे पर चूड़ी के तोड़े से भरे टेंपो में तोड़फोड़
श्रमिक संगठन का विवाद सामने आने के बाद हड़ताल लंबी खिंचने से अब श्रमिकों में भी आक्रोश बढ़ने लगा है। इसका परिणाम शनिवार दोपहर तक सामने आया। नगला मिर्जा के पास दोपहर एक बजे करीब 30-40 युवक हाथों में डंडा थामे हाईवे पर निकले। उन्होंने चूड़ियों के तोड़े से भरे टेंपो में तोड़फोड़ कर दी और दर्जनों तोड़े भी लूट ले गए। टेंपो चालक ने ठेकेदार व सेवायोजक को सूचना दी। सूचना पुलिस को भी दी गई।
हड़ताल खत्म कराने को ठोस पहल नहीं
कांच व चूड़ी मजदूर संघ के आह्वान पर चूड़ी श्रमिकों ने मजदूरी बढ़ोतरी सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर कामबंद हड़ताल शुरू की, लेकिन जिला प्रशासन व श्रम विभाग हड़ताल खत्म कराने को ठोस पहल नहीं कर सके। इसका खामियाजा सेवायोजकों के साथ हजारों चूड़ी व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है।
सेवायोजकों की बढ़ी चिंता
दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के उपाध्यक्ष अनिल जैन पिंकी का कहना है कि जिला प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द हड़ताल खत्म कराने को ठोस प्रयास करने चाहिए।
कांच व चूड़ी उद्योग मजदूर संघ की पुरानी कमेटी भंग
कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ की बैठक रमेशचंद्र भंडारी की अध्यक्षता में सुहाग नगर परशुराम पार्क में हुई। प्रांतीय सह संगठन मंत्री ने पुरानी कार्यकारिणी भंग करते हुए नई कार्यकारिणी का गठित की है। इसमें वर्तमान संघ की मंत्री राधादेवी शंखवार हैं।
पुरानी कमेटी में पूर्व सभासद रामदास मानव मंत्री थे। अध्यक्ष रमेशचंद्र भंडारी ने कहा कि पुरानी कार्यकारिणी ने संघ के झंडे, बैनर व लेटरपैड का प्रयोग किया तो उसके खिलाफ शिकायत की जाएगी। संघ पदाधिकारियों ने सहायक श्रमायुक्त से श्रमिकों की हड़ताल समाप्त कराने की मांग की। दुष्यंत यादव, ब्रजेश कुमार, कायम सिंह, राजेश वर्मा, अमृतलाल शंखवार, अजय यादव आदि शामिल थे।