फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   40 former heads and secretary spend government money arbitrarily notices will be issued to them In Firozabad

Firozabad: शिकंजे में 40 पूर्व प्रधान एवं सचिव, मनमानी ढंग से खर्च किया सरकारी पैसा, नहीं है कोई हिसाब

Tue, 31 Jan 2023 06:42 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 31 Jan 2023 06:42 PM IST
सार

फिरोजाबाद जिले में 40 पूर्व प्रधान और सचिव ने मिलकर सरकारी पैसे का जमकर दुरुपयोग किया। उन्होंने मनमानी ढंग से पैसे खर्च किए। इसका हिसाब मांगने पर वह नहीं दे पा रहे हैं। इस पर पंचायतीराज विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। 

विज्ञापन
40 former heads and secretary spend government money arbitrarily notices will be issued to them In Firozabad
नोटिस (सांकेतिक फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां 40 पूर्व प्रधान एवं उनके साथ रहे सचिव पंचायतीराज विभाग के शिकंजे में हैं। विभाग इनके खिलाफ नोटिस जारी करने की योजना बना चुका है। यदि नोटिस में खर्च की गई धनराशि का ब्योरा नहीं दे पाए तो इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यह निर्देश जिले के अधिकारियों को लखनऊ में हुई पंचायतीराज समिति की बैठक में दिए गए हैं।

विज्ञापन


जिले में वित्तीय वर्ष 2011-12 एवं 2012-13 तथा 2013-14 की करीब 125 ग्राम पंचायतें ऐसी थीं, जिन्होंने राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त से मिली धनराशि को मनमाने ढंग से खर्च कर किया। उनके पास खर्च का कोई हिसाब किताब नहीं है। इसकी हकीकत तब सामने आई जब पंचायतों के द्वारा खर्च की गई धनराशि का ऑडिट करने टीमें गांव-गांव पहुंची। हिसाब निकालने के बाद कई पूर्व प्रधान हैरान रह गए। 

विज्ञापन

पंचायतीराज विभाग नोटिस जारी कर चुका है

पिछले दिनों जिला प्रशासन की ओर से दबाव डाला गया तो कई प्रधान एवं सचिव ने इसका निस्तारण कराया। कुछ को पंचायतीराज विभाग नोटिस जारी कर चुका है। जिले में 40 पंचायतें ऐसी हैं, जिनके द्वारा अभी तक खर्चे का हिसाब एवं अभिलेख मुहैया नहीं कराया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन


लखनऊ में विधानसभा की पंचायतीराज समिति ने समीक्षा की। इस दौरान काफी नाराजगी जताई। समिति ने साफ कहा कि इन पूर्व प्रधान एवं सचिव का चिह्नांकन करें। साथ ही अभिलेख मंगाए जाने के सभी को नोटिस जारी करें। नोटिस देने के बाद भी यदि खर्च की गई धनराशि संबंधी अभिलेख मुहैया नहीं कराते है तो फिर इनके खिलाफ अभियोग दर्ज कराने तक की कार्रवाई की जाए। ताकि लाखों रुपया के खर्च का हिसाब मिलान हो सके।

दर्ज किया जाएगा मुकदमा

जिला पंचायत राज अधिकारी नीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि जिले के 40 पंचायतो के पूर्व प्रधान एवं सचिव ऐसे हैं, जिन्होंने अभिलेख मुहैया नहीं कराए हैं। उनको नोटिस जारी किए जाएंगे। हिसाब नहीं दिया तो रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed