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32 लाख गबन के मामले में खनन बाबू गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 14 Mar 2015 11:36 PM IST
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32 लाख के गबन के मामले में मटसेना पुलिस ने कलक्ट्रेट के बाबू (पूर्व खनन लिपिक) को शनिवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पुलिस ने ठेका लेने वाले एमके मैसर्स के डायरेक्टर पर भी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। मामले मेें अन्य लोगों के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करने की बात कह रही है।
रेलवे के माल कॉरीडोर के लिए मिट्टी डालने का ठेका कई माह पूर्व उठाया गया था। उस समय कलक्ट्रेट के बाबू सर्वेश उपाध्याय खनन लिपिक के पद पर तैनात थे। ठेका सत्यनगर निवासी एमके मैसर्स ने लिया था। एमके मैसर्स के डायरेक्टर केपी सिंह को रॉयल्टी के रूप में 32 लाख रुपये विभाग के खाते में जमा करने थे। हालांकि केपी सिंह ने सर्वेश उपाध्याय निवासी बोधाश्रम के साथ मिलीभगत कर फर्जी चालान बनाकर 32 लाख रुपये का घोटाला कर लिया। मामला प्रकाश में आने पर डीएम विजय किरन आनंद ने एडीएम कर्मेंद्र सिंह को जांच के आदेश दिए। जांच में एमके मैसर्स के डायरेक्टर केपी सिंह और लिपिक सर्वेश उपाध्याय को दोषी पाया गया। इसकी रिपोर्ट एडीएम ने तैयार कर डीएम को सौंप दी। दो माह पूर्व डीएम के आदेश पर डिप्टी कलक्टर आशाराम ने दोनों लोगों के खिलाफ मटसेना पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए। शनिवार दोपहर पुलिस ने सर्वेश उपाध्याय को बिलेहना स्थित स्कूल के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में थानाध्यक्ष मटसेना का कहना है कि फरार चल रहे आरोपी केपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे है। मामले में अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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रेलवे के माल कॉरीडोर के लिए मिट्टी डालने का ठेका कई माह पूर्व उठाया गया था। उस समय कलक्ट्रेट के बाबू सर्वेश उपाध्याय खनन लिपिक के पद पर तैनात थे। ठेका सत्यनगर निवासी एमके मैसर्स ने लिया था। एमके मैसर्स के डायरेक्टर केपी सिंह को रॉयल्टी के रूप में 32 लाख रुपये विभाग के खाते में जमा करने थे। हालांकि केपी सिंह ने सर्वेश उपाध्याय निवासी बोधाश्रम के साथ मिलीभगत कर फर्जी चालान बनाकर 32 लाख रुपये का घोटाला कर लिया। मामला प्रकाश में आने पर डीएम विजय किरन आनंद ने एडीएम कर्मेंद्र सिंह को जांच के आदेश दिए। जांच में एमके मैसर्स के डायरेक्टर केपी सिंह और लिपिक सर्वेश उपाध्याय को दोषी पाया गया। इसकी रिपोर्ट एडीएम ने तैयार कर डीएम को सौंप दी। दो माह पूर्व डीएम के आदेश पर डिप्टी कलक्टर आशाराम ने दोनों लोगों के खिलाफ मटसेना पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए। शनिवार दोपहर पुलिस ने सर्वेश उपाध्याय को बिलेहना स्थित स्कूल के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में थानाध्यक्ष मटसेना का कहना है कि फरार चल रहे आरोपी केपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे है। मामले में अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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