गर्मी में भी जिला अस्पताल में पंखे बंद, बर्न वार्ड में एससी खराब
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बर्न वार्ड में एसी होना जरूरी है। अन्यथा जले हुए मरीजों की तकलीफ और बढ़ जाती है। संक्रमण का खतरा रहता है। यहां लगा एक एसी खराब है, दूसरा कभी-कभी ही चलाया जाता है। एक और एसी को खराब होने पर उतार दिया गया। इससे बर्न मरीजों को पसीना आने से तकलीफ सहनी पड़ती है। अभी तो गर्मी और पडे़गी ऐसे में एसी सही नहीं हुए तो मरीजों की तकलीफ और बढ़ेगी।
वार्ड नंबर एक में मात्र दो पंखे चल रहे थे। जबकि यहां करीब 30 पंखे लगे हुए हैं। शेष मरीजों का गर्मी से हाल बेहाल था। दोपहर करीब साढे़ 12 बजे मरीजों ने बताया कि करीब दो घंटे से पंखे नहीं चल रहे हैं। ऐसे में गर्मी से बुरा हाल है।
वार्ड नंबर के बरामदे में भी एक बुजुर्ग महिला भर्ती है। जो गर्मी से परेशान होने के कारण तीमारदार हाथ के पंखे से हवा कर रहे थे। अन्य वार्डों में भी यही हाल था। मरीजों के परिजनों ने बताया कि यहां गर्मी से बुरा हाल है।
कूलर भी नहीं रखे गए
गर्मी शुरू होने के बाद भी वार्डों में अभी तक कूलर नहीं रखे गए हैं। रात के समय वार्डों में भर्ती मरीजों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
व्यवस्थाओं को जल्द ही ठीक कराया जा रहा है। गर्मी की शुरुआत हुई है। ऐसे में जल्द ही सभी व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाएगा।
डा. आरके पांडेय, सीएमएस
मरीजों का दर्द
- मुकेशचंद्र ने बताया कि बर्न वार्ड में दो एसी हैं। एक खराब और दूसरा कभी-कभी चलता है। गर्मी शुरू हो गई है अस्पताल अधिकारियों को व्यवस्थाएं देखनी चाहिए।
- श्रीकृष्ण ने कहा कि वार्ड में गर्मी लगती है तो बरामदे में बैठ जाते हैं। बर्न वार्ड में एसी लगे होना जरूरी है। मगर यहां खराब ऐसी को ठीक ही नहीं कराया जा रहा है।
- वार्ड नंबर एक में भर्ती मोहसिम ने कहा कि दो घंटे से पंखा बंद है। स्टाफ ने बताया है कि बिजली नहीं है। दोपहर और रात में गर्मी लगती है। सो भी नहीं पाते हैं।
- आकाश कुमार ने कहा कि बरामदे में मां को भर्ती किया है। स्टाफ से पंख चलाने को कहा तो बताया कि यह पंखे चलते नहीं हैं। हाथ के पंखे से हवा कराकर राहत पा रहे हैं।