फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   पिछडा वर्ग छात्रवृति घोटाला - आर्थिक अपराध शाखा टीम ने खंगाले रिकार्ड

पिछडा वर्ग छात्रवृति घोटाला - आर्थिक अपराध शाखा टीम ने खंगाले रिकार्ड

Fri, 15 Mar 2019 10:42 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2019 10:42 PM IST
विज्ञापन
पिछडा वर्ग छात्रवृति घोटाला - आर्थिक अपराध शाखा टीम ने खंगाले रिकार्ड
फोटो - पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति घोटाला: आर्थिक अपराध शाखा टीम ने खंगाले रिकार्ड
विज्ञापन

तीन बैंक, एक प्रभारी, बाबू और 12 स्कूलों पर पैनी नजर
लाभार्थियों का डाटा उपलब्ध नहीं कराने वाले दो हजार स्कूल-कॉलेजों को जारी किए गए नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में जुटी आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने शुक्रवार को पिछड़ा वर्ग विभाग में पत्रावलियां खंगालीं। टीम ने लाभार्थियों का डाटा उपलब्ध नहीं कराने वाले करीब 1983 स्कूल-कॉलेजों को नोटिस जारी किए हैं।
आर्थिक अपराध शाखा मेरठ की टीम जिले में सत्र 2003-04 से लेकर 2005-06 के बीच छात्रवृत्ति वितरण की जांच कर रही है। निरीक्षक आर्थिक अपराध शाखा ऊदल सिंह के नेतृत्व में आई टीम ने 2003 से 2006 के दौरान छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों का स्कूलवार डाटा मिलान करने के अलावा अन्य विभागीय पत्रावलियों का परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान अधिकांश शिक्षण संस्थानों को दिया गया डाटा संदिग्ध होने के कारण टीम ने अलग-अलग तिथियों में 1983 शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं।
विज्ञापन


इन बिंदुओं पर मांगी सूचनाएं
एसआर रजिस्टर की प्रमाणित प्रति, छात्रवृत्ति वितरण करने वाले प्रधान, सचिव का नाम, पता व वर्तमान तैनाती, बैंक एकाउंट नंबर, बैंक स्टेटमेंट, छात्र संख्या, लाभार्थियों के जाति प्रमाण पत्र, छात्रवृत्ति वितरण के लिए अपनाई प्रक्रिया, शेष धनराशि और छात्रवृत्ति वितरण की कुल राशि का विवरण मांगा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां घूम रही शक की सूई
शैक्षणिक सत्र 2003-2004 के दौरान जिले में पिछड़ा वर्ग छात्रों की संख्या दो लाख आठ हजार दर्शाई है। सत्र 2004-05 में पिछड़ा वर्ग छात्रों की संख्या चार लाख 52 हजार का आंकड़ा पार गई। सर्वाधिक छात्र संख्या जिले के 12 प्रमुख कॉलेजों में बढ़ी। इनमें कई राजनीतिक दलों से जुडे़ लोगों के स्कूल हैं। पिछड़ा वर्ग कार्यालय से गायब हुए अभिलेख-आर्थिक अपराध शाखा की टीम शुक्रवार को आई थी। जो पत्रावलियां मौके पर नहीं मिलीं। उनकी जानकारी टीम को दे दी है।


आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा और विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिन शैक्षणिक सत्रों की जांच चल रही है। उन सत्रों से संबंधित छात्रवृत्ति वितरण की बिल बुक, लेखा रजिस्टर,ग्रांट रजिस्टर एवं कैश बुक गायब हैं।
अनुपम रॉय, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी

पिछड़ा वर्ग विभाग में कई सालों में हुए छात्रवृत्ति वितरण की जांच चल रही है। करीब दो हजार शिक्षण संस्थानों को नोटिस देकर सेक्टर ऑफिस मेरठ बुलाया है।
ऊदल सिंह, निरीक्षक आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा मेरठ सेक्टर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed