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Firozabad News: नाले का केमिकल युक्त पानी से 150 बीघा खेती बंजर
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फिरोजाबाद ! नगर निगम के नाले के ओबरफुल होने के कारण प्रेमपुर रैपुरा सहित आस-पास के कई गांवों की सैक
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। नगर निगम के नाले का पानी शहर से सटे गांवों बरकतपुर व प्रेमपुर रैपुरा के किसानों के लिए मुसीबत बन गया। दस गांवों की करीब 150 बीघा से अधिक खेती बर्बाद हो गई। खेती में किसान फसल नहीं उगा पा रहे हैं। बर्बाद होती फसल को बचाने की डीएम के साथ नगर निगम के अफसरों के समक्ष गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके कारण किसानों को आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है।
शहर के पानी की निकासी को गांव बासठ (मुस्तफाबाद) तक पक्का नाला बना है। बासठ गांव के बाद यमुना तक नाला कच्चा है। यमुना को दूषित होने से रोकने को नगर निगम द्वारा गांव बासठ के पास एसटीएफ (सीवर पंपिंग स्टेशन) का निर्माण कराया गया था। प्लांट चालू होने के बाद बांसठ के पास नाले को बंद कर दिया गया। नाला बंद होने से जहां किसानों के सामने फसलों की सिंचाई को पानी का संकट खड़ा हो गया। वहीं बारिश के दौरान नाला खोले जाने से खेतों में जलभराव होने से किसानों की फसल बर्बाद होने लगी है। खेतों में नाले के माध्यम से आने वाले केमिकल युक्त पानी की सिल्ट जमने लगी है। इसके कारण यह खेती बंजर पड़ी हुई है।
क्षेत्रीय किसानों के अनुसार पहले नाला बना था तो सब्जियों की पैदावार करते थे, लेकिन अब नहीं हो पा रहा है क्योंकि खेतों में पानी हमेशा भरा रहता है। किसानों का कहना है कि यदि नगर निगम के अफसरों को अवगत करा चुके हैं लेकिन यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं किया तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे।
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इन गांवों से होकर गुजरता है कच्चा नाला
कच्चा नाला गांव बरगदपुर स्थित फरास वाली ठार, नई तोर, 90 बीघा, नगला दया, शेख का नगला, तिवारी गढ़ी, नगला बीना, मढुआ, नसीरपुर से होकर यमुना नदी में गिरता है। नाले के आसपास जो भी खेती है, वह बंजर होती जाती जा रही है।
एसटीएफ प्लांट के बाद नाले के पानी को रोका गया था। इससे पहले नाले में ही पानी जाता था। बारिश के दौरान नाला खोला जाता है। यदि इस तरह की कोई समस्या है तो दिखवाकर उस का निस्तारण कराया जाएगा। इससे किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
- रामबाबू राजपूत, महाप्रबंधक जलकल नगर निगम फिरोजाबाद।
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शहर के पानी की निकासी को गांव बासठ (मुस्तफाबाद) तक पक्का नाला बना है। बासठ गांव के बाद यमुना तक नाला कच्चा है। यमुना को दूषित होने से रोकने को नगर निगम द्वारा गांव बासठ के पास एसटीएफ (सीवर पंपिंग स्टेशन) का निर्माण कराया गया था। प्लांट चालू होने के बाद बांसठ के पास नाले को बंद कर दिया गया। नाला बंद होने से जहां किसानों के सामने फसलों की सिंचाई को पानी का संकट खड़ा हो गया। वहीं बारिश के दौरान नाला खोले जाने से खेतों में जलभराव होने से किसानों की फसल बर्बाद होने लगी है। खेतों में नाले के माध्यम से आने वाले केमिकल युक्त पानी की सिल्ट जमने लगी है। इसके कारण यह खेती बंजर पड़ी हुई है।
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क्षेत्रीय किसानों के अनुसार पहले नाला बना था तो सब्जियों की पैदावार करते थे, लेकिन अब नहीं हो पा रहा है क्योंकि खेतों में पानी हमेशा भरा रहता है। किसानों का कहना है कि यदि नगर निगम के अफसरों को अवगत करा चुके हैं लेकिन यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं किया तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे।
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इन गांवों से होकर गुजरता है कच्चा नाला
कच्चा नाला गांव बरगदपुर स्थित फरास वाली ठार, नई तोर, 90 बीघा, नगला दया, शेख का नगला, तिवारी गढ़ी, नगला बीना, मढुआ, नसीरपुर से होकर यमुना नदी में गिरता है। नाले के आसपास जो भी खेती है, वह बंजर होती जाती जा रही है।
एसटीएफ प्लांट के बाद नाले के पानी को रोका गया था। इससे पहले नाले में ही पानी जाता था। बारिश के दौरान नाला खोला जाता है। यदि इस तरह की कोई समस्या है तो दिखवाकर उस का निस्तारण कराया जाएगा। इससे किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
- रामबाबू राजपूत, महाप्रबंधक जलकल नगर निगम फिरोजाबाद।