बायोमेडिकल बेस्ट निस्तारण न करने पर 76 हास्पिटल एवं पेथोलॉजी को नोटिस
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जिले में 159 नर्सिंग होम, पैथोलाजी और क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं। उनमें 76 अस्पताल, क्लीनिक एवं पैथोलाजी बायोमेडिकल निस्तारण सही तरीका नहीं अपनाते हैं न ही प्रदूषण बोर्ड से एनओसी ले रखी है। इनको स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालकों को चेतावनी दी बिना बायोमेडिकल वेस्ट के सही ढंग से निस्तारण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी के बिना अप्रैल में होने वाले पंजीकरण का रिन्यूअल नहीं हो सकेगा।
छापेमारी के लिए कमेटी का गठन
फिरोजाबाद। जिन अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण के दावे किए जा रहे हैं। उनमें छापेमारी के लिए टीम पहुंचेगी। इस टीम में सीएमओ, अपर नगर मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, आईआएमए अध्यक्ष, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण, चिराग सोसायटी के सदस्य आदि को शामिल किया है।
बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण पर शासन सख्त हो गया है। जिन अस्पतालों में सही ढंग से निस्तारण नहीं किया जाएगा, उनके रिन्यूअल नहीं किए जाएंगे। 76 पैथोलाजी, अस्पताल और क्लीनिकों को नोटिस जारी हुए हैं।
डा. विनोद कुमार, एसीएमओ
- इस तरह होगा वेस्ट का निस्तारण
- पीला डिब्बे में: ऐसे डिब्बों में सर्जरी में कटे हुए शरीर के भाग, लैब के नमूने, खून से युक्त मेडिकल की सामग्री डाली जाती हैं।
- लाल डिब्बा: इसमें दस्ताने, कैथेटर, आईवी सेट , कल्चर प्लेट को डालते हैं।
- नीला या सफेद बैग: इसमें गत्ते के डिब्बे, प्लास्टिक के बैग जिनमे सुई, कांच के टुकड़े या चाकू रखा गया हो उनको डाला जाता है।