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-फोटो- मुद्दा : सॉलिड वेस्ट के बिना स्वच्छता का सपना अधूरा
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-फोटो- मुद्दा :
सॉलिड वेस्ट के बिना स्वच्छता का सपना अधूरा
-शहर में हाईवे, नए बाइपास से लेकर घनी आबादी तक डाला जा रहा कूड़ा
-कुतकपुर चनौरा स्थित जमीन पर सॉलिड वेस्ट प्लांट को जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिखाई गंभीरता
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। मोदी-योगी सरकार की पहली प्राथमिकता स्वच्छता है, परंतु नगर निगम हर बार स्वच्छता के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है। सॉलिड वेस्ट का इंतजाम न होने के कारण रैंकिंग में अव्वल आना तो दूर, नगर निगम जनपद की नगर पालिका व नगर पंचायतों का भी मुकाबला नहीं कर पा रही।
फिरोजाबाद शहर कांच की रंग-बिंरगी चूड़ियों व कांच उत्पादों के लिए विख्यात है, परंतु सॉलिड वेस्ट व्यवस्था न होने के कारण शहर से गंदगी का दाग नहीं मिल सका। केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की योगी सरकार द्वारा स्वच्छता के नाम पर हर साल करोड़ों का बजट दिया जा रहा है। व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय बनवाए जा रहे हैं। सड़कों पर हरे-नीले डस्टबिन लगवाए गए, जो टूट कर गायब हो गए। तमाम डस्टबिन वर्कशॉप में ही सड़ रहे हैं। नगर निगम कर्मचारी हाईवे, नए बाइपास से लेकर घनी आबादी के बीच कूड़ा डंप कर रहे हैं। गंदगी के ढेर से उठती दुर्गंध के कारण लोगों का राह चलना मुश्किल है।
लापरवाही का आलम यह है कि एक दशक पूर्व कोटला रोड स्थित कुतकपुर चनौरा में चिह्नित भूमि पर सॉलिड वेस्ट प्लांट तक नहीं लग सका। ऐसी स्थिति में वहां हर रोज कूड़ा जलाया है, जिससे आसपास के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
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शासन की सख्ती पर भेजा 31.50 करोड़ा का एक्शन
स्वच्छता के मामले में हर बार पिछड़ने पर शासन ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नगर निगम से एक्शन प्लान मांगा। नगर आयुक्त विजय कुमार, जेडएसओ दलवीर सिंह, एक्सईएन विकास कुरील सहित अन्य अधिकारियों द्वारा लंबी कवायद के बाद 31.50 करोड़ का एक्शन प्लान तैयार कर शासन को भेजा है। वर्तमान में शासन स्तर पर मामला लंबित है।
बोली जनता
स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर कल्पना राजौरिया का कहना है कि शहर को स्वच्छ बनाने को काफी प्रयास हुए। जब तक शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण का इंतजाम नहीं होगा, तब तक रैंकिंग में अव्वल आना मुश्किल है।
महिला शक्ति की सदस्य प्रीती गर्ग का कहना कि स्वच्छता के नाम करोड़ों का बजट खर्च कर दिया। शहर में जब तक अच्छी सड़कें नहीं बनेंगी, सॉलिड वेस्ट का इंतजाम नहीं होगा, तब तक स्वच्छता की बात करना बेमानी है।
भारतीय रेड क्रास सोसाइटी के महासचिव विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ का कहना है कि नगर निगम द्वारा सॉलिड वेस्ट के लिए सालों से योजना बनाई जा रही है। यह योजना फाइलों में ही कैद है। धरातल पर आजतक कोई काम नहीं हुआ।
प्रशांत राजौरिया का कहना है कि केंद्र व प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के बाद भी शहर स्वच्छता के मामले में काफी पिछड़ा है। अफसरों की लापरवाही के कारण नगर निगम हर बार स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ रहा है।
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सॉलिड वेस्ट के बिना स्वच्छता का सपना अधूरा
-शहर में हाईवे, नए बाइपास से लेकर घनी आबादी तक डाला जा रहा कूड़ा
-कुतकपुर चनौरा स्थित जमीन पर सॉलिड वेस्ट प्लांट को जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिखाई गंभीरता
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। मोदी-योगी सरकार की पहली प्राथमिकता स्वच्छता है, परंतु नगर निगम हर बार स्वच्छता के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है। सॉलिड वेस्ट का इंतजाम न होने के कारण रैंकिंग में अव्वल आना तो दूर, नगर निगम जनपद की नगर पालिका व नगर पंचायतों का भी मुकाबला नहीं कर पा रही।
फिरोजाबाद शहर कांच की रंग-बिंरगी चूड़ियों व कांच उत्पादों के लिए विख्यात है, परंतु सॉलिड वेस्ट व्यवस्था न होने के कारण शहर से गंदगी का दाग नहीं मिल सका। केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश की योगी सरकार द्वारा स्वच्छता के नाम पर हर साल करोड़ों का बजट दिया जा रहा है। व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय बनवाए जा रहे हैं। सड़कों पर हरे-नीले डस्टबिन लगवाए गए, जो टूट कर गायब हो गए। तमाम डस्टबिन वर्कशॉप में ही सड़ रहे हैं। नगर निगम कर्मचारी हाईवे, नए बाइपास से लेकर घनी आबादी के बीच कूड़ा डंप कर रहे हैं। गंदगी के ढेर से उठती दुर्गंध के कारण लोगों का राह चलना मुश्किल है।
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लापरवाही का आलम यह है कि एक दशक पूर्व कोटला रोड स्थित कुतकपुर चनौरा में चिह्नित भूमि पर सॉलिड वेस्ट प्लांट तक नहीं लग सका। ऐसी स्थिति में वहां हर रोज कूड़ा जलाया है, जिससे आसपास के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
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शासन की सख्ती पर भेजा 31.50 करोड़ा का एक्शन
स्वच्छता के मामले में हर बार पिछड़ने पर शासन ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नगर निगम से एक्शन प्लान मांगा। नगर आयुक्त विजय कुमार, जेडएसओ दलवीर सिंह, एक्सईएन विकास कुरील सहित अन्य अधिकारियों द्वारा लंबी कवायद के बाद 31.50 करोड़ का एक्शन प्लान तैयार कर शासन को भेजा है। वर्तमान में शासन स्तर पर मामला लंबित है।
बोली जनता
स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर कल्पना राजौरिया का कहना है कि शहर को स्वच्छ बनाने को काफी प्रयास हुए। जब तक शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण का इंतजाम नहीं होगा, तब तक रैंकिंग में अव्वल आना मुश्किल है।
महिला शक्ति की सदस्य प्रीती गर्ग का कहना कि स्वच्छता के नाम करोड़ों का बजट खर्च कर दिया। शहर में जब तक अच्छी सड़कें नहीं बनेंगी, सॉलिड वेस्ट का इंतजाम नहीं होगा, तब तक स्वच्छता की बात करना बेमानी है।
भारतीय रेड क्रास सोसाइटी के महासचिव विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ का कहना है कि नगर निगम द्वारा सॉलिड वेस्ट के लिए सालों से योजना बनाई जा रही है। यह योजना फाइलों में ही कैद है। धरातल पर आजतक कोई काम नहीं हुआ।
प्रशांत राजौरिया का कहना है कि केंद्र व प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के बाद भी शहर स्वच्छता के मामले में काफी पिछड़ा है। अफसरों की लापरवाही के कारण नगर निगम हर बार स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ रहा है।