{"_id":"5c8e8114bdec2214720fa8f2","slug":"101552843028-firozabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"होली का त्योहार करीब,रसोई गैस की किल्लत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होली का त्योहार करीब,रसोई गैस की किल्लत
विज्ञापन
LPG
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। होली का त्योहार करीब आने के साथ रसोई गैस की किल्लत बढ़ गई है। एजेंसियों के गोदामों पर उपभोक्ताओं की कतार लगने लगी है। बुकिंग कराने के बाद भी समय से होम डिलिवरी नहीं की जा रही है। उपभोक्ता गोदाम तक चक्कर लगाने को विवश हैं।
वित्तीय वर्ष 2018-19 का अंतिम माह चल रहा है। प्रत्येक उपभोक्ता को मिलने वाले 12 रसोई गैस सिलिंडर इस माह के बाद खत्म हो जाएंगे। मार्च माह में रसोई गैस की किल्लत बढ़ गई। हालात यह हैं कि हॉकर बुकिंग होने के बाद घरों तक सिलिंडर नहीं पहुंचाता है। इस कारण एजेंसी के गोदाम तक जाना उपभोक्ता की मजबूरी बन गया। एजेंसी संचालकों का कहना है मांग के अनुरूप ऊपर से सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
नगला कोठी निवासी जमील अहमद ने कहा 27 फरवरी को सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। लेकिन घर में आपूर्ति नहीं हुई तो आना पड़ा।
दखल निवासी टीकम सिंह ने कहा कि आठ दिन बाद भी सिलिंडर नहीं पहुंचा। क्योंकि हॉकर लगातार कहते हैं कि गाड़ी कम आ रही है।
भगवाननगर निवासी रामनिवास ने कहा कि रसोई गैस लेने को कई चक्कर लगाए, कोई सुनवाई नहीं होती। खाना बनाना है इसलिए दौड़ लगाना मजबूरी है।
गांधीनगर निवासी सुरेशचंद्र वर्मा बोले बुकिंग के बावजूद दो दिन से दौड़ रहे हैं, मजदूर की सिलिंडर के कारण मजदूरी मारी जा रही है।
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष 2018-19 का अंतिम माह चल रहा है। प्रत्येक उपभोक्ता को मिलने वाले 12 रसोई गैस सिलिंडर इस माह के बाद खत्म हो जाएंगे। मार्च माह में रसोई गैस की किल्लत बढ़ गई। हालात यह हैं कि हॉकर बुकिंग होने के बाद घरों तक सिलिंडर नहीं पहुंचाता है। इस कारण एजेंसी के गोदाम तक जाना उपभोक्ता की मजबूरी बन गया। एजेंसी संचालकों का कहना है मांग के अनुरूप ऊपर से सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
नगला कोठी निवासी जमील अहमद ने कहा 27 फरवरी को सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। लेकिन घर में आपूर्ति नहीं हुई तो आना पड़ा।
दखल निवासी टीकम सिंह ने कहा कि आठ दिन बाद भी सिलिंडर नहीं पहुंचा। क्योंकि हॉकर लगातार कहते हैं कि गाड़ी कम आ रही है।
भगवाननगर निवासी रामनिवास ने कहा कि रसोई गैस लेने को कई चक्कर लगाए, कोई सुनवाई नहीं होती। खाना बनाना है इसलिए दौड़ लगाना मजबूरी है।
गांधीनगर निवासी सुरेशचंद्र वर्मा बोले बुकिंग के बावजूद दो दिन से दौड़ रहे हैं, मजदूर की सिलिंडर के कारण मजदूरी मारी जा रही है।