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Fatehpur News: राशन कोटा व कॉलोनी का झांसा देकर समूह की महिलाओं से 35.67 लाख ठगे
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फतेहपुर। राशन का कोटा और कॉलोनी दिलाने का भरोसा देकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से 35.67 लाख रुपये ठग लिए। रकम वसूलने के बाद संचालिका के भागने की जानकारी पर महिलाओं को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित महिलाओं की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के कुशारा गांव निवासी सपना देवी ने पुलिस को बताया कि कानपुर जिले के नौबस्ता थाना क्षेत्र के योगेंद्र बिहार निवासी कीर्ति विश्वकर्मा जनता समूह की संचालिका है और कई वर्षों से समूह से जुड़ी थी। आरोप है कि उसने अधिकारियों से अच्छी पकड़ होने का दावा कर महिलाओं को राशन कोटा और कॉलोनी आवंटित कराने का झांसा दिया।
राशन की दुकान दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये ऑनलाइन और वर्ष 2025 में अलग-अलग किस्तों में 24 लाख 96 हजार 700 रुपये नकद लिए गए। कॉलोनी दिलाने के नाम पर आठ लाख 50 हजार रुपये नकद वसूले गए। इसके अलावा मंजू देवी से 90 हजार, अनारकली से 90 हजार और गुड़िया देवी से 28 हजार रुपये भी लिए गए।
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पीड़िता के अनुसार कुछ समय बाद आरोपी महिला ने राशन की दुकान से जुड़े कागजात दिए। दस्तावेज लेकर सुमन जब जिला पूर्ति कार्यालय पहुंची तो जांच में सभी कागजात फर्जी पाए गए। ठगी का पता चलने पर महिलाओं ने रुपये वापस मांगे तो आरोप है कि गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी गई।
महिलाएं जब आरोपी के घर पहुंचीं तो उसके और ससुर के मकान में ताले लटके मिले। कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि संचालिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। तलाश की जा रही है।
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बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के कुशारा गांव निवासी सपना देवी ने पुलिस को बताया कि कानपुर जिले के नौबस्ता थाना क्षेत्र के योगेंद्र बिहार निवासी कीर्ति विश्वकर्मा जनता समूह की संचालिका है और कई वर्षों से समूह से जुड़ी थी। आरोप है कि उसने अधिकारियों से अच्छी पकड़ होने का दावा कर महिलाओं को राशन कोटा और कॉलोनी आवंटित कराने का झांसा दिया।
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राशन की दुकान दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये ऑनलाइन और वर्ष 2025 में अलग-अलग किस्तों में 24 लाख 96 हजार 700 रुपये नकद लिए गए। कॉलोनी दिलाने के नाम पर आठ लाख 50 हजार रुपये नकद वसूले गए। इसके अलावा मंजू देवी से 90 हजार, अनारकली से 90 हजार और गुड़िया देवी से 28 हजार रुपये भी लिए गए।
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पीड़िता के अनुसार कुछ समय बाद आरोपी महिला ने राशन की दुकान से जुड़े कागजात दिए। दस्तावेज लेकर सुमन जब जिला पूर्ति कार्यालय पहुंची तो जांच में सभी कागजात फर्जी पाए गए। ठगी का पता चलने पर महिलाओं ने रुपये वापस मांगे तो आरोप है कि गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी गई।
महिलाएं जब आरोपी के घर पहुंचीं तो उसके और ससुर के मकान में ताले लटके मिले। कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि संचालिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। तलाश की जा रही है।