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गर्मी में ओवरलोडिंग से फुंकने लगे ट्रांसफार्मर
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फतेहपुर। गर्मी ने बिजली विभाग का फ्यूज उड़ा दिया है। ओवरलोडिंग इस कदर बढ़ी है कि ट्रांसफार्मर टिक ही नहीं पा रहे हैं। जुलाई के जो आंकड़े सामने आए हैं वह वास्तव में चौंकाने वाले हैं। इस माह के बीते 10 दिनों में जिले भर में 350 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। यह सभी ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग के कारण खराब हुए हैं। तेज से ट्रांसफार्मरों में आ रही खराबी के कारण इन्हें 48 घंटे में बदलाना भी संभव नहीं हो पा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी है।
ट्रांसफार्मरों फुंकने के मामले अप्रैल से जून तक तेज से बढ़े। अभी कुछ दिन से गर्मी अधिक हुई तो ट्रांसफार्मर और भी तेजी से फुंकने लगे हैं। जुलाई के पिछले 10 दिनों के आंकड़े इसकी गवाही भी दे रहे हैं।
ऐसे में बिजली विभाग के वर्कशाप में ट्रांसफार्मर तैयार कर बदलवाना मुश्किल होता जा रहा है। वर्कशाप में एक महीने में करीब 900 ट्रांसफार्मर बनाने की क्षमता है। एक दिन में 25 से 30 ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं, लेकिन इस बीच में ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या तेजी से बढ़ गई है। अप्रैल महीने पर नजर डालें तो 550 ट्रांसफार्मर खराब
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हुए थे। मई में 800 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हुए, जिनको सही कराकर लगवाया गया। जून में 935 ट्रांसफार्मर खराब हुए। जुलाई के इन 10 दिनों की बात की जाए तो 350 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं। ऐसे में इस माह एक हजार से ज्यादा खराब ट्रांसफार्मरों के खराब होने की संभावना जताई जा रही है। ट्रांसफार्मर तेजी से फुंकने के कारण कई-कई क्षेत्रों में तो 15-15 दिन में इन्हें बदला जा रहा है।
मुराइन टोला में रोज 10 ट्रांसफार्मर से अधिक बनाए जाते हैं और बेरुईहार उपकेंद्र में 15-20 ट्रांसफार्मर रोज बनाने की क्षमता है। दोनों वर्कशाप में खराब ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ी है। बीच-बीच प्रयागराज से भी ट्रांसफार्मर मंगाए जा रहे हैं। इस समय भीषण गर्मी और लो-वोल्टेज के कारण अधिक ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। मौसम में सुधार होने पर ही हालात संभलेंगे। - संजय कुमार यादव, एसडीओ वर्कशाप।
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ट्रांसफार्मरों फुंकने के मामले अप्रैल से जून तक तेज से बढ़े। अभी कुछ दिन से गर्मी अधिक हुई तो ट्रांसफार्मर और भी तेजी से फुंकने लगे हैं। जुलाई के पिछले 10 दिनों के आंकड़े इसकी गवाही भी दे रहे हैं।
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ऐसे में बिजली विभाग के वर्कशाप में ट्रांसफार्मर तैयार कर बदलवाना मुश्किल होता जा रहा है। वर्कशाप में एक महीने में करीब 900 ट्रांसफार्मर बनाने की क्षमता है। एक दिन में 25 से 30 ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं, लेकिन इस बीच में ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संख्या तेजी से बढ़ गई है। अप्रैल महीने पर नजर डालें तो 550 ट्रांसफार्मर खराब
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हुए थे। मई में 800 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हुए, जिनको सही कराकर लगवाया गया। जून में 935 ट्रांसफार्मर खराब हुए। जुलाई के इन 10 दिनों की बात की जाए तो 350 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं। ऐसे में इस माह एक हजार से ज्यादा खराब ट्रांसफार्मरों के खराब होने की संभावना जताई जा रही है। ट्रांसफार्मर तेजी से फुंकने के कारण कई-कई क्षेत्रों में तो 15-15 दिन में इन्हें बदला जा रहा है।
मुराइन टोला में रोज 10 ट्रांसफार्मर से अधिक बनाए जाते हैं और बेरुईहार उपकेंद्र में 15-20 ट्रांसफार्मर रोज बनाने की क्षमता है। दोनों वर्कशाप में खराब ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ी है। बीच-बीच प्रयागराज से भी ट्रांसफार्मर मंगाए जा रहे हैं। इस समय भीषण गर्मी और लो-वोल्टेज के कारण अधिक ट्रांसफार्मर खराब हो रहे हैं। मौसम में सुधार होने पर ही हालात संभलेंगे। - संजय कुमार यादव, एसडीओ वर्कशाप।