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मौसम बदलने से बढ़ी ठंड
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Sun, 17 Jan 2016 12:22 AM IST
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मकर संक्रांति पर्व कई चेहरों पर खुशियां लेकर आया।
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मौसम ने अपना सर्द रुख फिर से दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार को पूरे दिन
शीतलहर चली। दिन में धूप तो हुई लेकिन असर कम रहा। शरीर पर गर्म कपड़े बढ़
गए। वहीं गरीब, बेसहारा लोगों की भी चिंता अपने शरीर को लेकर बढ़ गई है।
मौसम की इस पलटी से सबसे ज्यादा खुश किसान और गर्म कपड़ों के व्यापारी हैं।
इनके मायूस हो रहे चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
इस वर्ष सर्दी का मौसम अजीबो-गरीब तरीके से बदल रहा है। जनवरी माह के शुरूआती 15 दिनों में मार्च जैसी गर्मी रही। हालत यह रही कि तेज धूप ने लोगों को सर्दी का एहसास ही नहीं होने दिया।
जनवरी माह के शुरूआती दौर में इस तरह की गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया था। पर मकर संक्रांति के त्यौहार पर मौसम भी अचानक बदल गया। अब दो दिन से शाम होते ही कोहरे की सफेद चादर छा जाती है और तेज सर्द हवाएं भी चलने लगती हैं। शनिवार की ुबह भी कुछ ऐसा ही नजारा रहा।
कई दिनों की तेज धूप ने सर्दी के महीने में गर्मी का अहसास करा दिया था। किसान अपनी गेहूं की फसल को कमजोर होता देख किस्मत को कोसने लगे थे। मकर संक्रांति इन सभी के लिए खुशी का माहौल लेकर आई। बेरुखे हो रहे मौसम ने पलटी मारी और एक बार फिर ठंड ने जिले में दस्तक दे दी।
रबी की फसल के लिए ठंड वरदान
बेमौसम गर्मी की वजह से रबी की फसलों में रौनक नहीं है। गेहूं की फसल में हरियाली होने के बजाय पीलापन बढ़ रहा था। राई, सरसों के पौधों में समय से पहले ही फूल निकलने शुरू हो गए हैं। शनिवार को अचानक मौसम का यह बदलाव रबी फसल के लिए वरदान साबित होगा। जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि पूरे जनवरी माह तक ठंड का मौसम रहा तो फसलों में काफी हद तक बदलाव हो जाएगा। इससे गेहूं, चना, राई और सरसों की फसलों में पैदावार बढ़ जाएगी। यदि यही कोहरा पड़ जाए तो फसल के लिए उसे और भी अच्छा माना जाता है।
रबी फसल की बुआई का क्षेत्रफल
फसल क्षेत्रफल हेक्टेयर में
गेहूं एक लाख 76 हजार हेक्टेयर
अरहर 22 हजार हेक्टेयर
आलू 10 हजार हेक्टेयर
राई/सरसों 10 हजार हेक्टेयर
चना 45 हजार हेक्टेयर
बदला मौसम किसानों को देगा खुशी
चंद्रशेखर आजाद कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के वैज्ञानिक डॉ. नौशाद आलम का कहना है कि बदला मौसम किसानों को खुशी देगा। गेहूं की फसल के लिए जितनी ठंड होगी, उतना लाभदायक होगा। बारिश से और फायदा होगा। रबी की अन्य फसलों की भी पैदावार बढ़ेगी। अगर ज्यादा दिन तक कोहरा टिक गया तो फूल वाली फसलों की पैदावार पर मामूली असर पड़ेगा। इस ठंड का आलू की फसल पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
व्यापारियों के चेहरे में आई खुशी
फतेहपुर। मौसम में आए बदलाव के कारण गरम कपड़ों की डिमांड भी तेजी से बढ़ी है। गर्म कपड़ों की डिमांड बढ़ने से कपड़ा विक्रेताओं के चेहरे खिल उठे हैं। इस बार सर्दी में मौसम शुरूआत से ही बेरुखा रहा है। दिसंबर माह में भी सर्दी बहुत कम रही और जनवरी का शुरूआती आधा माह भी इसी तरह बीत गया। इससे गरम कपड़ों के विक्रेताओं की मुश्किलें बढ़ने लगी थीं।
इस वर्ष सर्दी का मौसम अजीबो-गरीब तरीके से बदल रहा है। जनवरी माह के शुरूआती 15 दिनों में मार्च जैसी गर्मी रही। हालत यह रही कि तेज धूप ने लोगों को सर्दी का एहसास ही नहीं होने दिया।
जनवरी माह के शुरूआती दौर में इस तरह की गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया था। पर मकर संक्रांति के त्यौहार पर मौसम भी अचानक बदल गया। अब दो दिन से शाम होते ही कोहरे की सफेद चादर छा जाती है और तेज सर्द हवाएं भी चलने लगती हैं। शनिवार की ुबह भी कुछ ऐसा ही नजारा रहा।
कई दिनों की तेज धूप ने सर्दी के महीने में गर्मी का अहसास करा दिया था। किसान अपनी गेहूं की फसल को कमजोर होता देख किस्मत को कोसने लगे थे। मकर संक्रांति इन सभी के लिए खुशी का माहौल लेकर आई। बेरुखे हो रहे मौसम ने पलटी मारी और एक बार फिर ठंड ने जिले में दस्तक दे दी।
रबी की फसल के लिए ठंड वरदान
बेमौसम गर्मी की वजह से रबी की फसलों में रौनक नहीं है। गेहूं की फसल में हरियाली होने के बजाय पीलापन बढ़ रहा था। राई, सरसों के पौधों में समय से पहले ही फूल निकलने शुरू हो गए हैं। शनिवार को अचानक मौसम का यह बदलाव रबी फसल के लिए वरदान साबित होगा। जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि पूरे जनवरी माह तक ठंड का मौसम रहा तो फसलों में काफी हद तक बदलाव हो जाएगा। इससे गेहूं, चना, राई और सरसों की फसलों में पैदावार बढ़ जाएगी। यदि यही कोहरा पड़ जाए तो फसल के लिए उसे और भी अच्छा माना जाता है।
रबी फसल की बुआई का क्षेत्रफल
फसल क्षेत्रफल हेक्टेयर में
गेहूं एक लाख 76 हजार हेक्टेयर
अरहर 22 हजार हेक्टेयर
आलू 10 हजार हेक्टेयर
राई/सरसों 10 हजार हेक्टेयर
चना 45 हजार हेक्टेयर
बदला मौसम किसानों को देगा खुशी
चंद्रशेखर आजाद कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के वैज्ञानिक डॉ. नौशाद आलम का कहना है कि बदला मौसम किसानों को खुशी देगा। गेहूं की फसल के लिए जितनी ठंड होगी, उतना लाभदायक होगा। बारिश से और फायदा होगा। रबी की अन्य फसलों की भी पैदावार बढ़ेगी। अगर ज्यादा दिन तक कोहरा टिक गया तो फूल वाली फसलों की पैदावार पर मामूली असर पड़ेगा। इस ठंड का आलू की फसल पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
व्यापारियों के चेहरे में आई खुशी
फतेहपुर। मौसम में आए बदलाव के कारण गरम कपड़ों की डिमांड भी तेजी से बढ़ी है। गर्म कपड़ों की डिमांड बढ़ने से कपड़ा विक्रेताओं के चेहरे खिल उठे हैं। इस बार सर्दी में मौसम शुरूआत से ही बेरुखा रहा है। दिसंबर माह में भी सर्दी बहुत कम रही और जनवरी का शुरूआती आधा माह भी इसी तरह बीत गया। इससे गरम कपड़ों के विक्रेताओं की मुश्किलें बढ़ने लगी थीं।