{"_id":"6a57d265d1a7381f240d957b","slug":"water-supply-stalled-for-10-days-due-to-broken-solar-panels-6000-people-left-thirsty-fatehpur-news-c-217-1-srv1001-158595-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: सोलर पैनल टूटने से 10 दिन से ठप जलापूर्ति, छह हजार लोग प्यासे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: सोलर पैनल टूटने से 10 दिन से ठप जलापूर्ति, छह हजार लोग प्यासे
विज्ञापन
फोटो-05-दरियापुर स्थित नमामि गंगे पेयजल योजना की पानी टंकी।संवाद
खागा। विजयीपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बरार के दरियापुर स्थित नमामि गंगे जल जीवन मिशन की पेयजल योजना पिछले 10 दिन से ठप पड़ी है। ग्रामीणों के अनुसार सोलर प्लांट के दो पैनल क्षतिग्रस्त होने से बोर का संचालन बंद हो गया है। इससे बरार और गाजीपुर ग्राम पंचायतों के करीब 10 गांवों के 808 घरों में जलापूर्ति ठप है।
बरार गांव में वर्ष 2023 में शुरू हुई इस योजना पर 4.12 करोड़ खर्च किए गए थे। योजना के तहत 10 गांवों के करीब छह हजार लोगों और 808 घरों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। ओवरहेड टैंक की क्षमता 300 किलोलीटर और वितरण पाइपलाइन की लंबाई 20,999 मीटर है।
ग्रामीण रविकरण पांडेय ने बताया कि प्लांट में 69 सोलर पैनल लगे हैं। इनमें प्रत्येक की क्षमता 545 वाट है। इन्हीं से बोर संचालित होता है। हालांकि दो पैनल टूटने के कारण पिछले 10 दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह बंद है। परियोजना के नलकूप चालक पंकज कुमार ने बताया कि परिसर में जेनरेटर उपलब्ध है। डीजल न होने के कारण उसका संचालन नहीं हो पा रहा है। इससे वैकल्पिक व्यवस्था भी ठप पड़ी है।
विज्ञापन
गाजीपुर के प्रधान गोवर्धन ने बताया कि गांव के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण जियाउल्लाह, जुल्फिकार, पवन, मोतीलाल, शत्रुघ्न, रामप्रताप, चमन, आसिफ, राजकरण पांडेय, रविकरण पांडेय और बरार के प्रधान के प्रतिनिधि लोकनाथ पाल ने बताया कि समस्या से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द जलापूर्ति बहाल न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
नमामि गंगे के जूनियर इंजीनियर जयदीप ने बताया कि क्षतिग्रस्त सोलर पैनलों की मरम्मत का कार्य जल्द कराया जाएगा। इसके बाद पेयजल आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
इन गांवों में पेयजल संकट
दरियापुर स्थित नमामि गंगे योजना से गाजीपुर, मनोहरपुर, मुरादपुर, चंदनापुर, मीनातारा, खरखर, पोखरी, मुसान का डेरा, बरार, बलवंतपुर, दरियापुर, गोकुलपुर, रामपतियापुरवा, रोशनपुर और लोलाबाद में पेयजल आपूर्ति होती है।
विज्ञापन
बरार गांव में वर्ष 2023 में शुरू हुई इस योजना पर 4.12 करोड़ खर्च किए गए थे। योजना के तहत 10 गांवों के करीब छह हजार लोगों और 808 घरों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। ओवरहेड टैंक की क्षमता 300 किलोलीटर और वितरण पाइपलाइन की लंबाई 20,999 मीटर है।
विज्ञापन
ग्रामीण रविकरण पांडेय ने बताया कि प्लांट में 69 सोलर पैनल लगे हैं। इनमें प्रत्येक की क्षमता 545 वाट है। इन्हीं से बोर संचालित होता है। हालांकि दो पैनल टूटने के कारण पिछले 10 दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह बंद है। परियोजना के नलकूप चालक पंकज कुमार ने बताया कि परिसर में जेनरेटर उपलब्ध है। डीजल न होने के कारण उसका संचालन नहीं हो पा रहा है। इससे वैकल्पिक व्यवस्था भी ठप पड़ी है।
विज्ञापन
गाजीपुर के प्रधान गोवर्धन ने बताया कि गांव के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण जियाउल्लाह, जुल्फिकार, पवन, मोतीलाल, शत्रुघ्न, रामप्रताप, चमन, आसिफ, राजकरण पांडेय, रविकरण पांडेय और बरार के प्रधान के प्रतिनिधि लोकनाथ पाल ने बताया कि समस्या से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द जलापूर्ति बहाल न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
नमामि गंगे के जूनियर इंजीनियर जयदीप ने बताया कि क्षतिग्रस्त सोलर पैनलों की मरम्मत का कार्य जल्द कराया जाएगा। इसके बाद पेयजल आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
इन गांवों में पेयजल संकट
दरियापुर स्थित नमामि गंगे योजना से गाजीपुर, मनोहरपुर, मुरादपुर, चंदनापुर, मीनातारा, खरखर, पोखरी, मुसान का डेरा, बरार, बलवंतपुर, दरियापुर, गोकुलपुर, रामपतियापुरवा, रोशनपुर और लोलाबाद में पेयजल आपूर्ति होती है।