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Fatehpur News: नौनिहाल करते इंतजार, देर से आते जल्दी चले जाते मास्साब
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फतेहपुर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के स्कूल पहुंचने का समय तय नहीं है। ग्रामीणांचल के स्कूलों से अक्सर शिक्षक नदारद रहते हैं। पड़ोसी जिलों आने-जाने वाले शिक्षकों की मनमानी चलती है। वे क्षेत्रीय खंड शिक्षा अधिकारी की मिलीभगत से शिफ्टवार ड्यूटी करते हैं। स्कूल पहुंचने के तय समय सुबह 7.30 बजे ग्रामीण क्षेत्र के कई स्कूल खुलते तक नहीं हैं। वहीं कई शिक्षक पहुंचते भी नहीं हैं।
जिले में कुल 2123 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 2.60 लाख बच्चे पढ़ते हैं। स्कूलों में करीब 10 हजार शिक्षक व दो हजार शिक्षामित्र कार्यरत हैं। शिक्षामित्रों का स्कूल खुलने और बंद होने कोई खास मतलब नहीं है। लेकिन नियमित शिक्षक विद्यालयों से गायब रहते हैं। वे देर से आते हैं और जल्दी चले जाते हैं। ये तरीका जनपद के दूरदराज और अन्य जनपद से आने वाले शिक्षक अपनाते हैं। शुक्रवार को स्कूलों की पड़ताल में कई खामियां उजागर हुईं।
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जिले में कुल 2123 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 2.60 लाख बच्चे पढ़ते हैं। स्कूलों में करीब 10 हजार शिक्षक व दो हजार शिक्षामित्र कार्यरत हैं। शिक्षामित्रों का स्कूल खुलने और बंद होने कोई खास मतलब नहीं है। लेकिन नियमित शिक्षक विद्यालयों से गायब रहते हैं। वे देर से आते हैं और जल्दी चले जाते हैं। ये तरीका जनपद के दूरदराज और अन्य जनपद से आने वाले शिक्षक अपनाते हैं। शुक्रवार को स्कूलों की पड़ताल में कई खामियां उजागर हुईं।
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