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Fatehpur News: बेलगाम ई-रिक्शा ढो रहे मौत का सामान
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फतेहपुर। बिना किसी रोकटोक के सरिया, लोहे के पाइप और दूसरे समान लादकर ई-रिक्शा रोड पर फर्राटा भर रहे हैं। इसकी वजह से शहर में लगने वाले जाम से राहगीर परेशान हो रहे हैं। इनसे कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
जिले में सवारी ई-रिक्शा मालवाहक भी बन गए हैं। ई-रिक्शा सरिया, पाइप सहित कई तरह का भारी सामान लादकर सड़क पर दौड़ रहे हैं। शहर के कलक्टरगंज, वर्मा चौराहा, जिला अस्पताल चौराहा, पत्थरकटा सहित सभी प्रमुख स्थानों से ई-रिक्शा माल दुलाई करते आते-जाते हैं। ई-रिक्शों में चालक सीट के आगे से लेकर कई फीट पीछे तक सरिया, पाइप और लोहे का सामान लादकर निकल रहे हैं। इससे अगल-बगल से निकल रहे राहगीर व अन्य वाहनों को हादसे का खतरा बना रहता है। कम वजनी ई-रिक्शा सामान के अधिक भार से कई बार अनियंत्रित भी हो जाते हैं। इनकी चपेट में आने से कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके साथ ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से यातायात संचालन में भी अवरोध पैदा हो रहा है। सवारी बैठाने, उतारने और वाहन को खड़ा करने का स्थान निर्धारित न होने से चालक बीच सड़क पर ई-रिक्शा खड़ा कर सवारी बैठाते हैं। सवारी भी मानक से ज्यादा बैठाते हैं और समय-समय पर मालवाहक के रूप में भी प्रयोग करते हैं। परिवहन विभाग के साथ ही ट्रैफिक पुलिस इनकी तरफ से आंख मूंदे बैठी है। जिले में करीब सात हजार ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इसके अलावा करीब चार हजार ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के ही सड़कों पर घूम रहे हैं।
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जिले में सवारी ई-रिक्शा मालवाहक भी बन गए हैं। ई-रिक्शा सरिया, पाइप सहित कई तरह का भारी सामान लादकर सड़क पर दौड़ रहे हैं। शहर के कलक्टरगंज, वर्मा चौराहा, जिला अस्पताल चौराहा, पत्थरकटा सहित सभी प्रमुख स्थानों से ई-रिक्शा माल दुलाई करते आते-जाते हैं। ई-रिक्शों में चालक सीट के आगे से लेकर कई फीट पीछे तक सरिया, पाइप और लोहे का सामान लादकर निकल रहे हैं। इससे अगल-बगल से निकल रहे राहगीर व अन्य वाहनों को हादसे का खतरा बना रहता है। कम वजनी ई-रिक्शा सामान के अधिक भार से कई बार अनियंत्रित भी हो जाते हैं। इनकी चपेट में आने से कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके साथ ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से यातायात संचालन में भी अवरोध पैदा हो रहा है। सवारी बैठाने, उतारने और वाहन को खड़ा करने का स्थान निर्धारित न होने से चालक बीच सड़क पर ई-रिक्शा खड़ा कर सवारी बैठाते हैं। सवारी भी मानक से ज्यादा बैठाते हैं और समय-समय पर मालवाहक के रूप में भी प्रयोग करते हैं। परिवहन विभाग के साथ ही ट्रैफिक पुलिस इनकी तरफ से आंख मूंदे बैठी है। जिले में करीब सात हजार ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इसके अलावा करीब चार हजार ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के ही सड़कों पर घूम रहे हैं।
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