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नहरें कागजों में रहतीं लबालब
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Sat, 19 Dec 2015 12:15 AM IST
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शासन की मुफ्त सिंचाई सेवा कागजों में सिमट कर रह गई
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है। जिले की रामगंगा व निचली गंगा नहर का निर्धारित रोस्टर हवा-हवाई साबित
हो रहा है। दोनों नहरें सूखी पड़ी हैं। जबकि सात से 21 दिसंबर तक रामगंगा
नहर में पानी का रोस्टर चल रहा है। रोस्टर के 12 दिन बीतने पर भी तक नहर
सूखी पड़ी हुई है। किसानों को प्रदेश सरकार की मुफ्त सिंचाई योजना का लाभ
नहीं मिल रहा है। निजी नलकूपों से किसान फसलों की सिंचाई कर रहे हैं।
प्रशासन की उदासीनता से नहरों की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। कौशांबी जिले तक के किसानों की फसल सिंचाई करने वाली रामगंगा व निचली गंगा नहर इस समय बदहाली के दौर से गुजर रही हैं।
प्रशासन नहरों की टेल तक पानी पहुंचाने में नाकाम है। जिले का किसान भी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहा है। प्रदेश सरकार की मुफ्त सिंचाई योजना कागजों में सिमट गई है।
रबी फसल सिंचाई के लिए शासन से रामगंगा नहर व निचली गंगा में पानी देने का 15-15 दिन का रोस्टर बना हुआ है। जिसमें सात दिसंबर से 21 दिसंबर तक रामगंगा नहर में पानी छोडने का रोस्टर चल रहा है।
12 दिन बीतने के बाद एक भी रजबहा व माइनर में पानी नहीं गया है। किसान फसलों की सिंचाई के लिए निजी नलकूपों का सहारा ले रहा है।
हुसैनगंज क्षेत्र के किसान छिट्टनलाल ने बताया कि फसलों की सिंचाई के समय नहर में पानी नहीं आता है। हुसैनगंज में रामगंगा की प्रमुख नहर है। जो सूखी पड़ी हुई है। रजबहा व माइनरों में पानी का सवाल ही नहीं उठता है।
किसान पूती ने बताया कि जब से मुफ्त सिंचाई योजना शुरू हुई है, तब से नहर में पानी ही नहीं आता है। फसलों की सिंचाई खत्म होने के बाद ही पानी आता है। किसान बोधीलाल ने बताया कि गेहूं की फसल सिंचाई करने का समय है।
रामंगगा नहर में पानी का रोस्टर भी चल रहा है, लेकिन नहर सूखी पड़ी हुई है। अधिशासी अभियंता, रामगंगा नहर ओपी चौधरी ने कहा कि स़ूखा की वजह से ऊपर से ही निर्धारित रोस्टर के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है।
नहर में पर्याप्त पानी देने की शासन से मांग की जा रही है। बीते रोस्टर में पर्याप्त पानी न मिलने की वजह से एक सप्ताह रोस्टर बढ़ाने की मांग की गई है।
प्रशासन की उदासीनता से नहरों की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। कौशांबी जिले तक के किसानों की फसल सिंचाई करने वाली रामगंगा व निचली गंगा नहर इस समय बदहाली के दौर से गुजर रही हैं।
प्रशासन नहरों की टेल तक पानी पहुंचाने में नाकाम है। जिले का किसान भी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहा है। प्रदेश सरकार की मुफ्त सिंचाई योजना कागजों में सिमट गई है।
रबी फसल सिंचाई के लिए शासन से रामगंगा नहर व निचली गंगा में पानी देने का 15-15 दिन का रोस्टर बना हुआ है। जिसमें सात दिसंबर से 21 दिसंबर तक रामगंगा नहर में पानी छोडने का रोस्टर चल रहा है।
12 दिन बीतने के बाद एक भी रजबहा व माइनर में पानी नहीं गया है। किसान फसलों की सिंचाई के लिए निजी नलकूपों का सहारा ले रहा है।
हुसैनगंज क्षेत्र के किसान छिट्टनलाल ने बताया कि फसलों की सिंचाई के समय नहर में पानी नहीं आता है। हुसैनगंज में रामगंगा की प्रमुख नहर है। जो सूखी पड़ी हुई है। रजबहा व माइनरों में पानी का सवाल ही नहीं उठता है।
किसान पूती ने बताया कि जब से मुफ्त सिंचाई योजना शुरू हुई है, तब से नहर में पानी ही नहीं आता है। फसलों की सिंचाई खत्म होने के बाद ही पानी आता है। किसान बोधीलाल ने बताया कि गेहूं की फसल सिंचाई करने का समय है।
रामंगगा नहर में पानी का रोस्टर भी चल रहा है, लेकिन नहर सूखी पड़ी हुई है। अधिशासी अभियंता, रामगंगा नहर ओपी चौधरी ने कहा कि स़ूखा की वजह से ऊपर से ही निर्धारित रोस्टर के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है।
नहर में पर्याप्त पानी देने की शासन से मांग की जा रही है। बीते रोस्टर में पर्याप्त पानी न मिलने की वजह से एक सप्ताह रोस्टर बढ़ाने की मांग की गई है।