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बंकर में छिपे लोग, पीने के पानी की किल्लत

Sat, 26 Feb 2022 12:35 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 12:35 AM IST
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यूक्रेन में फंसे बेटे आषुतोष गुप्ता से फोन पर बात करने का प्रयास करते डॉ. एके गुप्ता। संवाद - फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। यूक्रेन में फंसे जिले युवाओं का हर पल जोखिम व डर से गुजर रहा है। परिवार के लोग उनसे बात करने को बेचैन है। जयराम नगर निवासी डॉ. अरविंद गुप्ता का बेटा आशुतोष भी राजधानी कीव में फंसा हुआ है। उन्होंने बताया कि बेटे ने फोन पर वहां का मंजर बयां किया तो हम सभी डर गए। उसके फ्लैट से चंद कदम की दूरी पर ही एक इमारत में मिसाइल गिरी। तेज धमाके के साथ पूरा इलाका दहल गया। वहां आग भी लग गई। बाद में पता चला कि हमले में कई लोग हताहत हुए हैं।
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नर्सिंग होम संचालक डॉ. अरविंद का बड़ा बेटा आशुतोष पिछले चार साल से एमबीबीएस की पढ़ाई यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थित कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी से कर रहा है। परिवार के लोगों की आशुतोष से बात नहीं हो पाई थी। जिससे वे व पतनी डॉ. सीमा गुप्ता खासे परेशान थे। डॉ. अरविंद ने बताया कि शुक्रवार सुबह उससे वीडियो कॉलिंग से बातचीत हुई। बेटे ने बताया कि राजधानी पर हमला होते ही हम सब सहम गए थे। एक-एक पल डर के बीच बीत रहा है। डॉ. अरविंद की बेटी सीतापुर रोड स्थित कॉलेज की छात्रा है। दूसरा बेटा साथ ही रहता है।
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शहर के लोधीगंज निवासी घनश्याम लोधी क्लीनिक संचालक हैं। उनका पुत्र विभव कुमार यूक्रेन की नेशनल पीरगोव मेमोरियल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उसका अंतिम साल है। वह विनित्सिया शहर में रहता है। पिता ने बताया कि शुक्रवार सुबह की बेटे की फ्लाइट थी, लेकिन युद्ध के चलते रद्द हो गई। उनकी बेटे से सुबह भी बातचीत हुई। वह घबराया हुआ है। उसे सबकुछ ठीक हो जाने का भरोसा दिलाया। वह फ्लैट के भूतल में बने बंकर में लोगों के साथ छिपा है। बताया कि वहां पुलिस हर एक घंटे घूमकर घरों में रहने का एनाउंस कर रही है। बेटे के पास रुपये भी नहीं बचे हैं। युद्घ के दो-तीन पहले राशन ले लिया था। इकलौते बेटे के फंसे होने की खबर से मां लक्ष्मी देवी परेशान हैं। उनकी एक बेटी राधिका है। वह बीएमएस की आगरा मेडिकल कालेज में पढ़ाई कर रही है।
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शहर के शादीपुर इलाके के नर्सिंग होम संचालक महेश मिश्रा का बेटा हर्ष, उदय मिश्रा और सिविल लाइन के व्यापारी हरिश्चंद्र मिश्रा का बेटा अंकित मिश्रा पोल्टावा शहर में फंसे है। महेश मिश्रा ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े चार बजे बेटों से बातचीत हुई है। आसपास इलाके में सैन्य ठिकानों पर हमले से बेटे घबराए हुए हैं। सारी व्यवस्था चरमराई है। खाने के लिए राशन खत्म हो रहा है। सबसे जरूरी पानी की आपूर्ति फ्लैट तक नहीं पहुंच पा रही है। पीने तक के लिए पानी खत्म हो गया है। आसपास दुकानों के बंद होने से कोई भी सामान नहीं मिल पा रहा है।

रायबरेली शहर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले राजबहादुर तिवारी (निलंबित एसडीएम) की बेटी स्वाती तिवारी भी पोल्टावा में फंसी है। नर्सिंग होम संचालक महेश मिश्रा ने बताया कि स्वाती की बेटे हर्ष से शादी तय है। वह भी बेटे के साथ पढ़ाई पूरी कर रही है। वह परिवार के साथ लखनऊ में रहते हैं। स्वाती उनकी इकलौती बेटी है।

पत्नी संग यूक्रेन में फंसे बेटे विभव से वीडीओ काल के जरिए बात करते घनश्याम। संवाद

पत्नी संग यूक्रेन में फंसे बेटे विभव से वीडीओ काल के जरिए बात करते घनश्याम। संवाद- फोटो : FATEHPUR

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