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सर्पदंश के मामले में लापरवाही बरतने पर लेखपाल निलंबित
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खागा। वर्ष 2018 में सांप के काटने से हुई किसान की मौत के मामले में लापरवाही बरतने पर एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया है। सप्ताहभर पहले मृतक की पत्नी ने सर्पदंश से मिलने वाले मुआवजे को लेकर आवेदन किया था। जांच में लेखपाल की लापरवाही पाई गई और इसी कारण महिला को मुआवजा नहीं मिल सका था।
खागा तहसील व धाता ब्लाक के उकाथू गांव निवासी दुखी (55) की वर्ष 2018 में सांप काटने से मौत हो गई थी। सर्पदंश के मामलों में आश्रितों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये का मुआवजा मिलता था। मौजूदा समय सर्पदंश की घटना दैवीय आपदा के तहत आ गई है और इसमें आश्रितों को चार लाख रुपये देने के निर्देश हैं।
सप्ताहभर पहले दुखी की पत्नी दुईजी देवी ने तहसील में पति की मौत पर मुआवजे के लिए आवेदन किया। मामला तीन वर्ष पुराना था तो एसडीएम आशीष कुमार ने इस प्रकरण की जांच तहसीलदार खागा को सौंपी। जांच में पाया गया कि जब दुखी की सांप काटने से मौत हुई थी तो लेखपाल जगतपाल यादव ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत इसकी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को नहीं दी थी। जबकि उन्हें इस घटना की रिपोर्ट देनी चाहिए थी। रिपोर्ट न देने के कारण दुखी के आश्रित को कृषक दुर्घटना का लाभ नहीं मिल सकता था।
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तीन साल पहले हुई इस लापरवाही की रिपोर्ट उन्होंने एसडीएम को दी तो एसडीएम ने लेखपाल जगतपाल यादव को निलंबित कर दिया। जगतपाल वर्ष 2018 से लगातार उकाथू के लेखपाल हैं। एसडीएम आशीष कुमार ने बताया कि लेखपाल की गलती से पात्र महिला को
मुआवजा नहीं मिल सका था। अब मुआवजा मिलना काफी मुश्किल हो गया है। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में यह मामला दिया है। जैसे निर्देश मिलेंगे, महिला को जानकारी दे दी जाएगी।
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खागा तहसील व धाता ब्लाक के उकाथू गांव निवासी दुखी (55) की वर्ष 2018 में सांप काटने से मौत हो गई थी। सर्पदंश के मामलों में आश्रितों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये का मुआवजा मिलता था। मौजूदा समय सर्पदंश की घटना दैवीय आपदा के तहत आ गई है और इसमें आश्रितों को चार लाख रुपये देने के निर्देश हैं।
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सप्ताहभर पहले दुखी की पत्नी दुईजी देवी ने तहसील में पति की मौत पर मुआवजे के लिए आवेदन किया। मामला तीन वर्ष पुराना था तो एसडीएम आशीष कुमार ने इस प्रकरण की जांच तहसीलदार खागा को सौंपी। जांच में पाया गया कि जब दुखी की सांप काटने से मौत हुई थी तो लेखपाल जगतपाल यादव ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत इसकी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को नहीं दी थी। जबकि उन्हें इस घटना की रिपोर्ट देनी चाहिए थी। रिपोर्ट न देने के कारण दुखी के आश्रित को कृषक दुर्घटना का लाभ नहीं मिल सकता था।
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तीन साल पहले हुई इस लापरवाही की रिपोर्ट उन्होंने एसडीएम को दी तो एसडीएम ने लेखपाल जगतपाल यादव को निलंबित कर दिया। जगतपाल वर्ष 2018 से लगातार उकाथू के लेखपाल हैं। एसडीएम आशीष कुमार ने बताया कि लेखपाल की गलती से पात्र महिला को
मुआवजा नहीं मिल सका था। अब मुआवजा मिलना काफी मुश्किल हो गया है। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में यह मामला दिया है। जैसे निर्देश मिलेंगे, महिला को जानकारी दे दी जाएगी।