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सिंचाई विभाग का रोस्टर किसानों के लिए छलावा

Mon, 06 Jul 2020 06:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 06:33 PM IST
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Trick of roster, no water is going towards field
रोस्टर का छल, खेत की ओर निकल ही नहीं रहा पानी
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फतेहपुर। पानी को तरस रहे धान किसानों के साथ सिंचाई विभाग भी छल कर रहा है। रोस्टर के हिसाब से जुलाई के पहले हफ्ते में निचली गंग नहर में पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू तो हुई लेकिन पानी इतना ही छोड़ा गया कि नहर बस गीली ही हो सकी। हफ्ते के छठे दिन 1135 क्यूसेक के बदले सिर्फ 299 क्यूसेक पानी ही आया। ये नहर में लगाए गए कुलाबों के नीचे से बह रहा है। कुलाबे से खेत की ओर पानी नहीं निकल रहा है। धान किसानों की चिंता अब बढ़ गई है।
सिंचाई विभाग की ओर से इसका रबी और खरीफ की फसलों की सिंचाई का रोस्टर जारी किया जाता है। जुलाई के पहले सप्ताह में 1135 क्यूसेक पानी निचली गंग नहर में चलने का रोस्टर है, लेकिन पूरे सप्ताह बाद नहर में 299 क्यूसेक पानी ही आया है। ये नहर के निचले हिस्से से बह रहा है।
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फसल सिंचाई के लिए लगाए गए कुलाबा व रजबहा, माइनरों के हेड तक भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिन किसानों ने नहर के रोस्टर के हिसाब से धान की रोपाई करने की तैयारी की थी सिंचाई विभाग ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया।
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पधारा गांव के किसान राजकुमार सिंह ने बताया कि पिछले मंगलवार को नहर में पानी आने की उम्मीद से धान रोपाई की तैयारी की थी। अब जो पानी आया है वह खेत में नहीं जा रहा है। अब तो लगता है कि धान की नर्सरी खराब हो जाएगी। बैरागी खेड़ा गांव के किसान शैलेंद्र पटेल ने कहा कि बारिश भी इतनी नहीं हो रही है कि खेत में पानी भर जाए।
धान की नर्सरी 30 दिन से अधिक की हो गई है। अब खराब होने लगी है। जलाला गांव के किसान शिवबली सिंह ने कहा कि चार महीने के बाद नहर में पानी आया है। सिंचाई विभाग ने जो रोस्टर बनाया था, उसके एक सप्ताह बाद आया है। सात जुलाई (मंगलवार) से रामगंगा नहर का रोस्टर चालू हो जाएगा। जो पानी चल रहा है वह भी निचली गंग नहर के किसानों को नहीं मिलेगा।

निचली गंग नहर के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि रोस्टर के अनुसार जिले को पानी दिए जाने की डिमांड अधिकारियों को भेजी गई है। 1135 क्यूसेक पानी मिलता है, तो निचली गंग नहर और रामगंगा नहर में छोड़ा जाएगा।
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