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Fatehpur News: दर्जी के पास टुकड़ों में सिलाई को आया था तिरंगा
Mon, 02 Oct 2023 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Mon, 02 Oct 2023 12:38 AM IST
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- कई जिलों में कलमा लिखे झंडे जुलूस में निकाले गए
- एटीएस ने जुलूस में झंडा फहराने वाले युवकों से पूछताछ कर लौटी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिंदकी। बारावफात जुलूस के दौरान तिरंगे पर अशोक चक्र की जगह कलमा लिखे झंडे को फहराने के मामले में पकड़े गए संदिग्धों से पुलिस पूछताछ में जुटी है। बिंदकी में ही एक दर्जी के यहां के झंडा सिला गया था। मामले की जांच में एटीएस भी लगी है। एटीएस जिले से इनपुट लेकर दूसरे जिलों को रवाना हुई है। कई जिलों में ऐसे झंडे फहराने जाने से बड़ी साजिश मानी जा रही है। स्थानीय पुलिस ने भी अपनी जांच पड़ताल तेज की है।
बारावफात जुलूस के दौरान भीड़ इस्लामिक झंडों के अलावा तिरंगे झंडे लेकर निकली थी। एक बड़े तिरंगे झंडे पर अशोक चक्र की जगह उर्दू में कलमा लिखा था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने शहर काजी मोहम्मद राजा कादरी समेत 50 लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का मामला दर्ज किया था। मामले पुलिस ने तीन आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। उनसे पूछताछ के लिए प्रयागराज से एटीएस भी पहुंची है। युवकों से पूछताछ के बाद टीम लौटी है। इधर, बिंदकी पुलिस की जांच में सामने आया कि झंडे की तीन अलग-अलग पट्टियां आई थीं। इन पट्टियों को सिलकर एक दर्जी ने तिरंगा बनाया था। मामला दर्ज होने के बाद से दर्जी फरार चल रहा है। ऐसे झंडे जालौन, संभल, सुल्तानपुर समेत कई जिलों में फहराए गए हैं। एटीएस हर जिले में घूमकर संदिग्धों से पूछताछ में जुटी है। जिससे राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की साजिश किस स्तर पर हुई है, इसका पता लग सकेगा। कोतवाल अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ कर पूछताछ की जा रही है।
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- एटीएस ने जुलूस में झंडा फहराने वाले युवकों से पूछताछ कर लौटी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिंदकी। बारावफात जुलूस के दौरान तिरंगे पर अशोक चक्र की जगह कलमा लिखे झंडे को फहराने के मामले में पकड़े गए संदिग्धों से पुलिस पूछताछ में जुटी है। बिंदकी में ही एक दर्जी के यहां के झंडा सिला गया था। मामले की जांच में एटीएस भी लगी है। एटीएस जिले से इनपुट लेकर दूसरे जिलों को रवाना हुई है। कई जिलों में ऐसे झंडे फहराने जाने से बड़ी साजिश मानी जा रही है। स्थानीय पुलिस ने भी अपनी जांच पड़ताल तेज की है।
बारावफात जुलूस के दौरान भीड़ इस्लामिक झंडों के अलावा तिरंगे झंडे लेकर निकली थी। एक बड़े तिरंगे झंडे पर अशोक चक्र की जगह उर्दू में कलमा लिखा था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने शहर काजी मोहम्मद राजा कादरी समेत 50 लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का मामला दर्ज किया था। मामले पुलिस ने तीन आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। उनसे पूछताछ के लिए प्रयागराज से एटीएस भी पहुंची है। युवकों से पूछताछ के बाद टीम लौटी है। इधर, बिंदकी पुलिस की जांच में सामने आया कि झंडे की तीन अलग-अलग पट्टियां आई थीं। इन पट्टियों को सिलकर एक दर्जी ने तिरंगा बनाया था। मामला दर्ज होने के बाद से दर्जी फरार चल रहा है। ऐसे झंडे जालौन, संभल, सुल्तानपुर समेत कई जिलों में फहराए गए हैं। एटीएस हर जिले में घूमकर संदिग्धों से पूछताछ में जुटी है। जिससे राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की साजिश किस स्तर पर हुई है, इसका पता लग सकेगा। कोतवाल अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ कर पूछताछ की जा रही है।
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