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छोटी कुल्हाड़ी से देवरानी व बड़ी से प्रेमी ने मारा
ब्यूरो अमर उजाला फतेहपुर
Updated Fri, 08 Jan 2016 01:56 AM IST
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दंपति हत्याकांड ने एक बार फिर रिश्तों को कलंकित कर दिया। सोचने पर मजबूर कर दिया कि कब कौन पराया हो जाएगा, इसका कोई भरोसा नहीं।
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हत्यारोपी उमा देवी ने अपने प्रेम संबंधों को परवान चढ़ाने के लिए सारी हदें पार कर दी। ग्रामीणों में चर्चा रही अगर कोई शिकायत जेठ रामनरेश से थी तो जेठानी को क्यों मारा।
हत्याकांड के खुलासे की जांच के दौरान मिली दो कुल्हाड़ियां खून से सनी बरामद हुई थी। इसमें एक छोटी कुल्हाड़ी पर खून के साथ महिला के बाल लगे थे। इससे आशंका जाहिर की जा रही थी कि छोटी कुल्हाड़ी से ही विमला की हत्या की गई होगी।
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आरोपी उमा देवी ने कबूला है कि छोटी कुल्हाड़ी से उसने जेठानी पर हमला किया था। ठीक उसी समय प्रेमी सुरेश ने जेठ पर बड़ी कु ल्हाड़ी से हमला बोला। दोनों एक ही बार चीख पाए, इसके बाद तो दोनों शांत ही हो गए।
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मंगाई सुरक्षा के लिए, हो गया खतरा- बरामद दोनों कुल्हाड़ियां वारदात की शाम को पड़ोसी के घर से लाई गई थीं, इन्हें लाने वाला हत्यारोपी उमा देवी का पति राम प्रकाश था।
इससे शक की सुई रामप्रकाश की ओर ही घूमी थी, लेकिन आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पता चला कि कुल्हाड़ियां विमला देवी ने मंगाई थी। उन्होंने अपने देवर रामप्रकाश सेकहा था कि ठंड के कारण चोरी और लूटपाट की घटनाएं होती है।
सुरक्षा के लिए कुल्हाड़ियां घर पर लाकर रख लो, उसे क्या मालूम था कि मंगाई कुल्हाड़ियां उसी का काल बन जाएगी। एसपी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि विमला देवी की हत्या एक पहेली थी। सिर्फ रामनरेश का खून होता तो विमला देवी पूरे प्रकरण को उजागर कर देती। इसी डर से विमला की हत्या की गई।
--सर्विलांस में ट्रैस हुई की रात डेढ़ बजे की कॉल - घटना के खुलासे में हत्यारोपी उमा देवी की एक कॉल से पुलिस को सबूत मिलते गए। बेहद शातिराना अंदाज में घटना के बाद सुरेश वापस चला गया था, लेकिन रात डेढ़ बजे उमा देवी ने सुरेश को काल की थी।
उमा देवी ने सुरेश से ‘खुद को डर लगने और आराम से पहुंचे गए कोई देखा तो नहीं’ की बातचीत हुई थी। यह काल उमा देवी ने अपने पति रामप्रकाश के मोबाइल से की थी। इसके ही ट्रैस होते घटना की परत उखड़नी शुरू हो गई थी।
षडयंत्र में चचेरे ससुर को फं साना चाहती थी आरोपी - मृतक रामनरेश मौर्या का संपत्ति को लेकर चाचा गंगाराम से अक्सर विवाद होता था। घटना से दो दिन पहले भी थाने में गंगाराम ने मृतक के खिलाफ तहरीर दी थी। यह ठीक मौका उसकी हत्या के लिए था।
इससे पुलिस का शक गंगाराम पर जा रहा था। वे दोनों नि:संतान भी थे। संपत्ति के विवाद में ही हत्या करने के कयास भी लगाए जा रहे थे।
अनुज वधू ने जेठ पर बदनीयती के लगाए आरोप - हत्यारोपी अनुज वधू उमा देवी ने आरोप लगाया कि उसे आपत्तिजनक स्थितियों में देखने के बाद जेठ की नीयत खराब हो गई थी। जेठ उसे धमकी देते थे कि उसके साथ भी वह संबंध रखे नहीं तो परिवार के सामने पोल खोल देगा।