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Fatehpur News: मरीज को नहीं किया भर्ती, गैलरी में बेसुध पड़ा रहा
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फतेहपुर। जिला अस्पताल अक्सर अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रहता है। मंगलवार को एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया। यहां एक बेसुध मरीज को भर्ती नहीं किया गया। डॉक्टरों ने बाहर की दवाएं लिखकर उसे घर जाने के लिए कह दिया। तीमारदार बेसुध मरीज को गैलरी में लिटाकर बैठे रहे और भर्ती करने का इंतजार करते रहे। आखिर में वह मरीज को लेकर चले गए।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के रहिमापुर निवासी कुसमा देवी मंगलवार को हाइड्रोसील की समस्या से पीड़ित पति मैकू को लेकर जिला अस्पताल पहुंचीं। मरीज को पेट में तेज दर्द था। डॉक्टरों ने तीन दिन बाद शनिवार को ऑपरेशन की तारीख दे दी और बाहर की दवा लिखकर घर जाने के लिए कहा। परिजन मरीज को भर्ती कराने की आस में गैलरी में ही लिटाकर बैठ गए। कुसमा देवी ने बताया कि कई दिनों से स्थानीय अस्पतालों में दिखा रहे थे। वहां आराम न मिलने पर जिला अस्पताल लेकर आए। यहां गंभीर हालत होने के बावजूद उसे भर्ती नहीं किया गया। मरीज की बहू सुशीला ने बताया कि डॉक्टर की लिखी दवा का एक पत्ता 720 रुपये का मिला है। दो पत्ते 1440 रुपये और 40 रुपये की दो अन्य दवाएं मिली हैं।
गंंभीर मामलों में इमरजेंसी में भर्ती किया जाता है। तीमारदारों को इमरजेंसी ले जाना चाहिए था या फिर मेरे पास आना चाहिए था। ग्रामीणों को जानकारी न होने पर ऐसी स्थिति बनी होगी। डॉ. पीके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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हुसैनगंज थाना क्षेत्र के रहिमापुर निवासी कुसमा देवी मंगलवार को हाइड्रोसील की समस्या से पीड़ित पति मैकू को लेकर जिला अस्पताल पहुंचीं। मरीज को पेट में तेज दर्द था। डॉक्टरों ने तीन दिन बाद शनिवार को ऑपरेशन की तारीख दे दी और बाहर की दवा लिखकर घर जाने के लिए कहा। परिजन मरीज को भर्ती कराने की आस में गैलरी में ही लिटाकर बैठ गए। कुसमा देवी ने बताया कि कई दिनों से स्थानीय अस्पतालों में दिखा रहे थे। वहां आराम न मिलने पर जिला अस्पताल लेकर आए। यहां गंभीर हालत होने के बावजूद उसे भर्ती नहीं किया गया। मरीज की बहू सुशीला ने बताया कि डॉक्टर की लिखी दवा का एक पत्ता 720 रुपये का मिला है। दो पत्ते 1440 रुपये और 40 रुपये की दो अन्य दवाएं मिली हैं।
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गंंभीर मामलों में इमरजेंसी में भर्ती किया जाता है। तीमारदारों को इमरजेंसी ले जाना चाहिए था या फिर मेरे पास आना चाहिए था। ग्रामीणों को जानकारी न होने पर ऐसी स्थिति बनी होगी। डॉ. पीके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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