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Fatehpur News: पॉलिसी लैप्स हुई तो भी पहली किस्त नहीं रख सकती कंपनी
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फतेहपुर। जिला उपभोक्ता आयोग ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को बीमा पॉलिसी की पहली किस्त के रूप में जमा 50 हजार रुपये छह प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। आयोग अध्यक्ष रामनरेश मौर्य और सदस्या पद्मिनी आनंद की पीठ ने कंपनी को दो माह में रकम लौटाने के साथ 10 हजार रुपये परिवाद व्यय देने को कहा।
राधानगर थाना क्षेत्र के झाऊपुर निवासी तिलक मिश्रा ने परिवाद दाखिल किया था। बताया कि उनके पति विश्वजीत मिश्रा ने 29 अप्रैल 2019 को अभिकर्ता के माध्यम से 12 वर्ष की पॉलिसी ली थी। वार्षिक प्रीमियम 50 हजार रुपये था और तिलक नामिनी थीं।
उनका कहना था कि 30 अप्रैल 2020 को दूसरी किस्त भी नकद जमा की थी, लेकिन रसीद बाद में देने की बात कही गई। 28 अप्रैल 2021 को कोरोना संक्रमण के दौरान स्वरूपरानी अस्पताल, प्रयागराज में विश्वजीत की मृत्यु हो गई। बीमा दावा कंपनी ने 12 मई 2023 को निरस्त कर दिया।
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कंपनी ने कहा कि केवल पहली किस्त जमा हुई थी। दूसरी किस्त के लिए 30 दिन का ग्रेस पीरियड था। 16 मई 2020 को एसएमएस और पत्र भेजे गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ, जिससे पॉलिसी लैप्स हो गई।
आयोग ने दूसरी किस्त की रसीद न मिलने पर दावा देय नहीं माना, लेकिन पहली किस्त जब्त करने का प्रावधान कंपनी साबित नहीं कर सकी। इसलिए 50 हजार रुपये सात जुलाई 2023 से भुगतान तक छह प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया है।
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राधानगर थाना क्षेत्र के झाऊपुर निवासी तिलक मिश्रा ने परिवाद दाखिल किया था। बताया कि उनके पति विश्वजीत मिश्रा ने 29 अप्रैल 2019 को अभिकर्ता के माध्यम से 12 वर्ष की पॉलिसी ली थी। वार्षिक प्रीमियम 50 हजार रुपये था और तिलक नामिनी थीं।
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उनका कहना था कि 30 अप्रैल 2020 को दूसरी किस्त भी नकद जमा की थी, लेकिन रसीद बाद में देने की बात कही गई। 28 अप्रैल 2021 को कोरोना संक्रमण के दौरान स्वरूपरानी अस्पताल, प्रयागराज में विश्वजीत की मृत्यु हो गई। बीमा दावा कंपनी ने 12 मई 2023 को निरस्त कर दिया।
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कंपनी ने कहा कि केवल पहली किस्त जमा हुई थी। दूसरी किस्त के लिए 30 दिन का ग्रेस पीरियड था। 16 मई 2020 को एसएमएस और पत्र भेजे गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ, जिससे पॉलिसी लैप्स हो गई।
आयोग ने दूसरी किस्त की रसीद न मिलने पर दावा देय नहीं माना, लेकिन पहली किस्त जब्त करने का प्रावधान कंपनी साबित नहीं कर सकी। इसलिए 50 हजार रुपये सात जुलाई 2023 से भुगतान तक छह प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया है।