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Fatehpur News: कटखने बंदरों का आतंक, राहगीरों और बच्चों में दहशत
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फोटो-01-सड़क पर बैठा बंदरों का झुंड। संवाद
चौडगरा। क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदर राहगीरों को रास्ते से निकलने नहीं दे रहे हैं। इससे राहगीरों और बच्चों में भय का माहौल है। पीएचसी गोपालगंज में बंदरों के काटने से पीड़ित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
क्षेत्र के सभी गांवों में बंदरों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। सुबह के समय बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। झुंड में रहने वाले बंदर लोगों पर हमला कर घायल कर रहे हैं। गांवों के साथ-साथ बंदर फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
पहुर निवासी राम सिंह परिहार और जलाला निवासी आलोक गौड़ ने बताया कि घर का दरवाजा खुला होने पर बंदर सामान उठा ले जाते हैं और झुंड में होने पर हमला कर देते हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में बंदरों के काटने की एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। केवल कुत्ते काटने की वैक्सीन मौजूद है। प्रतिदिन लगभग 20 कुत्ता काटने के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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क्षेत्र के सभी गांवों में बंदरों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। सुबह के समय बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। झुंड में रहने वाले बंदर लोगों पर हमला कर घायल कर रहे हैं। गांवों के साथ-साथ बंदर फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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पहुर निवासी राम सिंह परिहार और जलाला निवासी आलोक गौड़ ने बताया कि घर का दरवाजा खुला होने पर बंदर सामान उठा ले जाते हैं और झुंड में होने पर हमला कर देते हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में बंदरों के काटने की एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। केवल कुत्ते काटने की वैक्सीन मौजूद है। प्रतिदिन लगभग 20 कुत्ता काटने के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।

फोटो-01-सड़क पर बैठा बंदरों का झुंड। संवाद
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