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सीबीआई के जिला छोड़ते ही सिंडीकेट ने ली राहत की सांस

Mon, 14 Dec 2020 12:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2020 12:17 AM IST
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Syndicate breathed a sigh of relief as soon as CBI left the district
फतेहपुर। सपा शासन काल के अवैध मौरंग पट्टों की जांच में जुटी सीबीआई ने छह दिन की लंबी जांच के बाद शनिवार रात मुख्यालय को रवाना हुई। टीम के जिले से निकलते ही सिंडीकेट और उनके गुर्गों ने राहत की सांस ली है। मामले की जांच को अंतिम रूप देने में जुटी टीम बांदा पहुंच सकती है। अवैध खनन का यह मामला 2012 से 2017 के बीच का है।
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2017 से शुरू सीबीआई जांच में टीम जिले चौथी बार सोमवार को आई थी। इन छह दिनों में कई जनप्रतिनिधियों और अवैध खनन से जुड़े लोगों से लंबी पूछताछ की गई। कई अधिकारी और बाबुओं से उनका पक्ष जाना है। उसके बाद सीबीआई टीम ने करीब 80 फाइलें तैयार की है, जिनमें अवैध खनन से जुड़े कई माननीयों के खिलाफ अहम दस्तावेज हैं। सीबीआई को संचालित कई खदानों के तत्कालीन समय के 27 जगहों के वीडियो फुटेज, हजारों की संख्या में फर्जी रवन्ने और उनकी फोटो कॉपी समेत तमाम दस्तावेज इकट्ठा किए हैं। यह सभी साक्ष्य टीम दिल्ली में सीबीआई उच्चाधिकारियों को सौंपेगी। उसके बाद जांच की दिशा में सीबीआई की एक और टीम बांदा जिले को रवाना होगी।
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अचानक जांच में तेजी से राजनैतिक ध्रुवीकरण के संकेत
सीबीआई ने अब मामले की जांच तेज की है। जिससे चुनाव करीब आने के कारण राजनैतिक ध्रुवीकरण के भी संकेत मालूम हो रहे हैं। सीबीआई 2020 में एक बार भी मामले की जांच को नहीं आई है। साल के अंतिम महीने में टीम को मौका मिला है। हाईकोर्ट के आदेश पर टीम को 2017 में जांच मिली थी। 2017 के बाद तीन बार सीबीआई कुछ माहों के अंतराल में आई। इस बार जांच को अंतिम रूप देने के मूड में आई है।
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गार्ड, मुनीम, टेंपो स्टैंड संचालक बने अकूत संपत्ति के मालिक
जिले में बांदा के मौरंग माफिया का सिंडीकेट का बड़ा नेटवर्क हावी रहा है। सिंडीकेट में काम करने वाले गार्ड, मुनीम, टेंपो स्टैंड संचालक तक अकूत संपत्ति के मालिक हो गए। बिंदकी तहसील के रहने वाले एक सिंडीकेट के गुर्गें ने अवैध मौरंग खनन से अकूत संपत्ति कमाई की। वह 10 साल पहले टेंपो स्टैंड का संचालक था। इसी तरह एक मौरंग माफिया का गार्ड एक ब्लॉक प्रमुख के सहारे सीधा खनन मंत्री के संपर्क में आया और उसने अकूत संपत्ति बनाई। यहां के खनन मामले में फंसे बांदा के पूर्व विधायक, वर्तमान विधायक समेत कई ऐसे चेहरे हैं जो मौरंग माफिया के मुनीम और गार्ड रहे हैं। उन्होंने अकूत संपत्ति के साथ राजनैतिक सफर भी तय किया है।
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