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Fatehpur News: तेज हवा-बारिश ने खेतों में बिछाया धान, किसानों की बढ़ी धड़कन
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फोटो-02-थरियांव क्षेत्र में गिरी धान की फसल। संवाद
फतेहपुर/थरियांव। जिले में करीब 20 घंटे से जारी बारिश और तेज हवा ने खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को जमीन पर बिछा दिया है। कई क्षेत्रों में फसल गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं शहर के कई मोहल्लों में जलभराव होने से पांच स्थानों पर नगर पालिका ने पंपिंग सेट लगाए हैं, लेकिन लोगों को राहत नहीं मिली है।
कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि गिरी हुई फसल में कम से कम 15 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका है। दाने खेत में पड़े रहने से उनके खराब होने के साथ अंकुरण और सड़न का खतरा भी बढ़ गया है। गिरी फसल की कटाई में किसानों को अतिरिक्त श्रम और खर्च उठाना पड़ेगा। हालांकि असिंचित क्षेत्रों में यह बारिश रबी की फसल के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।
जिले में करीब एक लाख 19 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई है। इस बार देर से बारिश होने के बावजूद फसल की स्थिति अच्छी थी। अब लगातार बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई क्षेत्रों में धान की फसल गिर गई है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की भी आशंका है।
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रामपुर थरियांव में भी फसल गिरी
हसवा ब्लॉक के रामपुर थरियांव में दो दिन से रिमझिम बारिश के साथ तेज हवा चल रही है। इससे खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल गिरने से कटाई में दिक्कत के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
शहर की कई गलियों में भरा पानी
रात करीब 10 बजे से शुरू हुई बारिश के बाद शहर के खलीनगर, तांबेश्वर मोहल्ला, रानी कालोनी, मसवानी, ईसानपुरवा और गंगानगर समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। नगर पालिका ने जलनिकासी के लिए पांच स्थानों पर पंपिंग सेट लगाए हैं, लेकिन बारिश की रफ्तार अधिक होने से पंपों से पानी निकालने के बावजूद जलभराव की समस्या बनी हुई है।
सब्जियों की फसल नष्ट
लगातार बारिश से हरी सब्जियों की फसल चौपट हो जाएगी। बारिश से फूल नष्ट होने से फल नहीं आएंगे। ऐसे में सब्जी उत्पादकों का बड़ा नुकसान होने की प्रबल आशंका है।
एक दिन और बारिश तो पूरी फसल गिरने की आशंका
धाता। क्षेत्र में दो दिन से तेज हवा के साथ हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के मुताबिक, अब तक करीब 30 फीसदी फसल गिर चुकी है। यदि एक दिन और तेज हवा के साथ बारिश हुई तो अधिकांश फसल के गिरने की आशंका है। सरसौली के किसान त्रिभुवन सिंह, देवरी के प्रेम सिंह, बेनीपुर के शिवप्रताप सिंह और खरसेड़वा के विवेक सिंह ने बताया कि इस वर्ष धान की फसल शुरू से ही मौसम की मार झेल रही है। इसके बाद पत्ती लपेटक कीट, कंडो रोग और जोरई कीट के प्रकोप से फसल प्रभावित हुई। किसी तरह फसल संभली थी, लेकिन अब बारिश और तेज हवा ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है।
बंद हुए स्कूल, बारिश में मस्ती करते लौटे बच्चे
फतेहपुर। विजयीपुर क्षेत्र में सुबह से हो रही बारिश ने शुक्रवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बारिश के कारण कुछ निजी स्कूलों में छुट्टी हो गई। इससे बच्चे बारिश में मस्ती करते हुए घर लौटे।
लगातार बारिश बनी चिंता का विषय
मुरांव निवासी किसान बबलू सिंह ने बताया कि धान की फसल तैयार करने में किसानों को बड़ी पूंजी खर्च करनी पड़ी है। अब तेज हवा के साथ बारिश से तैयार फसल खेत में गिर गई है। इससे दाना खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बारिश किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
मंडासरांय निवासी किसान उमेश परमार ने बताया कि जून और जुलाई में धान की रोपाई के समय बारिश नहीं हुई थी। ऐसे में नलकूप से पानी खरीदकर फसल की रोपाई करनी पड़ी। अब धान पकने के समय तेज बारिश हो रही है। इससे तैयार फसल गिरने और दाना खराब होने से किसानों को बड़ा नुकसान होने की आशंका है।
हवा के साथ बारिश से गिरी धान की फसल में 10 से 15 प्रतिशत नुकसान का अनुमान है। पकने के नजदीक पहुंची फसल में पानी भरने से दाने अंकुरित हो सकते हैं। गिरी फसल की कटाई में किसानों को अतिरिक्त मेहनत और खर्च करना पड़ेगा। लगातार बारिश होने पर नुकसान और बढ़ने की आशंका है।
- नरोत्तम कुमार, जिला कृषि अधिकारी।
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कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि गिरी हुई फसल में कम से कम 15 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका है। दाने खेत में पड़े रहने से उनके खराब होने के साथ अंकुरण और सड़न का खतरा भी बढ़ गया है। गिरी फसल की कटाई में किसानों को अतिरिक्त श्रम और खर्च उठाना पड़ेगा। हालांकि असिंचित क्षेत्रों में यह बारिश रबी की फसल के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।
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जिले में करीब एक लाख 19 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई है। इस बार देर से बारिश होने के बावजूद फसल की स्थिति अच्छी थी। अब लगातार बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई क्षेत्रों में धान की फसल गिर गई है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की भी आशंका है।
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रामपुर थरियांव में भी फसल गिरी
हसवा ब्लॉक के रामपुर थरियांव में दो दिन से रिमझिम बारिश के साथ तेज हवा चल रही है। इससे खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल गिरने से कटाई में दिक्कत के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
शहर की कई गलियों में भरा पानी
रात करीब 10 बजे से शुरू हुई बारिश के बाद शहर के खलीनगर, तांबेश्वर मोहल्ला, रानी कालोनी, मसवानी, ईसानपुरवा और गंगानगर समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। नगर पालिका ने जलनिकासी के लिए पांच स्थानों पर पंपिंग सेट लगाए हैं, लेकिन बारिश की रफ्तार अधिक होने से पंपों से पानी निकालने के बावजूद जलभराव की समस्या बनी हुई है।
सब्जियों की फसल नष्ट
लगातार बारिश से हरी सब्जियों की फसल चौपट हो जाएगी। बारिश से फूल नष्ट होने से फल नहीं आएंगे। ऐसे में सब्जी उत्पादकों का बड़ा नुकसान होने की प्रबल आशंका है।
एक दिन और बारिश तो पूरी फसल गिरने की आशंका
धाता। क्षेत्र में दो दिन से तेज हवा के साथ हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों के मुताबिक, अब तक करीब 30 फीसदी फसल गिर चुकी है। यदि एक दिन और तेज हवा के साथ बारिश हुई तो अधिकांश फसल के गिरने की आशंका है। सरसौली के किसान त्रिभुवन सिंह, देवरी के प्रेम सिंह, बेनीपुर के शिवप्रताप सिंह और खरसेड़वा के विवेक सिंह ने बताया कि इस वर्ष धान की फसल शुरू से ही मौसम की मार झेल रही है। इसके बाद पत्ती लपेटक कीट, कंडो रोग और जोरई कीट के प्रकोप से फसल प्रभावित हुई। किसी तरह फसल संभली थी, लेकिन अब बारिश और तेज हवा ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है।
बंद हुए स्कूल, बारिश में मस्ती करते लौटे बच्चे
फतेहपुर। विजयीपुर क्षेत्र में सुबह से हो रही बारिश ने शुक्रवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बारिश के कारण कुछ निजी स्कूलों में छुट्टी हो गई। इससे बच्चे बारिश में मस्ती करते हुए घर लौटे।
लगातार बारिश बनी चिंता का विषय
मुरांव निवासी किसान बबलू सिंह ने बताया कि धान की फसल तैयार करने में किसानों को बड़ी पूंजी खर्च करनी पड़ी है। अब तेज हवा के साथ बारिश से तैयार फसल खेत में गिर गई है। इससे दाना खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। लगातार बारिश किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
मंडासरांय निवासी किसान उमेश परमार ने बताया कि जून और जुलाई में धान की रोपाई के समय बारिश नहीं हुई थी। ऐसे में नलकूप से पानी खरीदकर फसल की रोपाई करनी पड़ी। अब धान पकने के समय तेज बारिश हो रही है। इससे तैयार फसल गिरने और दाना खराब होने से किसानों को बड़ा नुकसान होने की आशंका है।
हवा के साथ बारिश से गिरी धान की फसल में 10 से 15 प्रतिशत नुकसान का अनुमान है। पकने के नजदीक पहुंची फसल में पानी भरने से दाने अंकुरित हो सकते हैं। गिरी फसल की कटाई में किसानों को अतिरिक्त मेहनत और खर्च करना पड़ेगा। लगातार बारिश होने पर नुकसान और बढ़ने की आशंका है।
- नरोत्तम कुमार, जिला कृषि अधिकारी।

फोटो-02-थरियांव क्षेत्र में गिरी धान की फसल। संवाद

फोटो-02-थरियांव क्षेत्र में गिरी धान की फसल। संवाद

फोटो-02-थरियांव क्षेत्र में गिरी धान की फसल। संवाद