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Fatehpur News: फतेहपुरः समस्याओं को हरा विजेता बनी सोनम
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सोनम सोनकर। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। न कोच और न ही खेलने के लिए कोई अतिरिक्त समय, फिर भी सोनम ने खो-खो में प्रदेश स्तर पर पहला स्थान पाया है। एक और बात छह माह पहले ही 18 साल की उम्र में उसकी शादी भी हो चुकी है। फिर भी कोई समस्या उसने सफलता में आड़े नहीं आने दी।
कोरसम गांव निवासी सोनम के पिता मुन्ना सोनकर बटाई पर खेती करते हैं। मां वीना देवी गृहिणी हैं। छोटी बहन रोशनी कक्षा सात में पढ़ रही है। बड़ा भाई हरीनरायन मजदूरी करता है। छोटा भाई हरीशंकर उच्च प्राथमिक विद्यालय पहरवापुर में कक्षा छह में पढ़ता है। सोनम की शादी हो चुकी है, लेकिन वह अभी भी मायके में रहकर राजकीय बालिका इंटर कालेज बिंदकी में इंटर की छात्रा है। सोनम उच्च प्राथमिक विद्यालय पहरवापुर से मलवां ब्लाक स्तर पर कबड्डी टीम से विजेता रह चुकी है।
जूनियर विद्यालय में ही शिक्षक ने उसेे खो-खो खेलने के लिए कहा। कक्षा नौ में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिंदकी में खो-खो खेलना शुरू किया। कोई कोच नहीं था। स्कूल के समय में ही सीखने को मिला। घर आकर घरेलू कार्यों में हाथ बंटाया और यहां से समय बचने पर पिता के साथ खेती के काम हाथ बटा रही हैं। मंडल में जीतने के बाद उसे प्रदेश स्तर पर खेलने के लिए बस्ती भेजा गया। वहां पर सोनम ने 19 नवंबर को पहला स्थान पाया।
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कोरसम गांव निवासी सोनम के पिता मुन्ना सोनकर बटाई पर खेती करते हैं। मां वीना देवी गृहिणी हैं। छोटी बहन रोशनी कक्षा सात में पढ़ रही है। बड़ा भाई हरीनरायन मजदूरी करता है। छोटा भाई हरीशंकर उच्च प्राथमिक विद्यालय पहरवापुर में कक्षा छह में पढ़ता है। सोनम की शादी हो चुकी है, लेकिन वह अभी भी मायके में रहकर राजकीय बालिका इंटर कालेज बिंदकी में इंटर की छात्रा है। सोनम उच्च प्राथमिक विद्यालय पहरवापुर से मलवां ब्लाक स्तर पर कबड्डी टीम से विजेता रह चुकी है।
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जूनियर विद्यालय में ही शिक्षक ने उसेे खो-खो खेलने के लिए कहा। कक्षा नौ में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बिंदकी में खो-खो खेलना शुरू किया। कोई कोच नहीं था। स्कूल के समय में ही सीखने को मिला। घर आकर घरेलू कार्यों में हाथ बंटाया और यहां से समय बचने पर पिता के साथ खेती के काम हाथ बटा रही हैं। मंडल में जीतने के बाद उसे प्रदेश स्तर पर खेलने के लिए बस्ती भेजा गया। वहां पर सोनम ने 19 नवंबर को पहला स्थान पाया।
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