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ईवीएम में साईकिल ने फिर से बनाई जगह ...
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फतेहपुर। साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में ऐसा संयोग बना था, जिसे जिले के लोगों ने 22 साल बाद देखा। इस चुनाव में ईवीएम में सपा का चुनाव चिह्न साइकिल गायब था। दरअसल लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा के गठबंधन के चलते फतेहपुर की सीट बसपा के कोटे में चली गई थी। जिसके चलते मतपत्र से सपा गायब थी लेकिन इस विधानसभा चुनाव में फिर से सपा का चुनाव चिह्न दिखाई देगा। इससे पहले 1996 के चुनाव में भी ऐसा हो चुका है।
जिले का चुनावी इतिहास देखें तो पता चलता है कि 2019 में लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी शुकदेव वर्मा चुनाव लड़े थे और सपा ने उन्हें समर्थन दे रखा था। इससे पहले यह हालात 1996 में बने थे। जब सपा ने पहला लोकसभा चुनाव जनता दल से गठबंधन कर लड़ा था। इस दौरान जनता दल से पूर्व विधायक केके सिंह प्रत्याशी थे। सपा ने उन्हें समर्थन दिया।
सपा के पहले चुनाव में भी फतेहपुर संसदीय क्षेत्र के मतपत्र से उसका चुनाव चिह्न गायब था। हालांकि दोनों ही चुनाव सपा समर्थित प्रत्याशी हार गए थे। अब 2019 के बाद 2022 में चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें फिर से ईवीएम में सपा की साइकिल मतदाताओं को दिखाई देगी।
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जिले का चुनावी इतिहास देखें तो पता चलता है कि 2019 में लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी शुकदेव वर्मा चुनाव लड़े थे और सपा ने उन्हें समर्थन दे रखा था। इससे पहले यह हालात 1996 में बने थे। जब सपा ने पहला लोकसभा चुनाव जनता दल से गठबंधन कर लड़ा था। इस दौरान जनता दल से पूर्व विधायक केके सिंह प्रत्याशी थे। सपा ने उन्हें समर्थन दिया।
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सपा के पहले चुनाव में भी फतेहपुर संसदीय क्षेत्र के मतपत्र से उसका चुनाव चिह्न गायब था। हालांकि दोनों ही चुनाव सपा समर्थित प्रत्याशी हार गए थे। अब 2019 के बाद 2022 में चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें फिर से ईवीएम में सपा की साइकिल मतदाताओं को दिखाई देगी।
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