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सपा, कांग्रेस पर बरसे, माया का नाम तक नहीं लिया
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Mon, 20 Feb 2017 12:25 AM IST
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मोदी
- फोटो : amar ujala
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पीएम नरेंद्र मोदी का बसपा पर साफ्ट कार्नर दिखा। पूरे 59 मिनट बोले लेकिन एक बार भी न तो बसपा का नाम लिया न ही सुप्रीमो मायावती का। पीएम सपा व कांग्रेस पर खूब बरसे। रेप केस के आरोप में फंसे गायत्री प्रजापति पर चुटकी ली।
शहर के राधानगर मंडी समिति के बगल मैदान में यह जनसभा हुई। परिसर में दो लेयर तो पूरी तरह भरे थे लेकिन बाकी खाली।चार लेयर की बेरीकेडिंग की गई थी। अपने चिर-परिचित अंदाज में भारत माता की जय से पीएम ने संबोधन की शुरुआत की।
पहले पंद्रह से बीस मिनट छत्रपति शिवाजी की जयंती और जिले के इतिहास के इर्द-गिर्द केंद्रित रहे। इसके बाद नंबर आया विपक्षी पार्टियों को घेरने का। संबोधन के अंत तक इस घेराव की धुरी पर या तो सपा रही या कांग्रेस। इसमें पीएम ने कहीं भी बसपा का नंबर ही नहीं लगाया। वर्ष 1993 से जिले को अपना गढ़ बनाने वाली बसपा का नाम विपक्षी की रैली में न आए तो चर्चा दूर तक जाना स्वाभाविक भी है। ऐसे समय में जब मतदान के तीन चरण पूरे हो चुके हैं और खुद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सपा व कांग्रेस के तो सुर बदल गए हैं। ऐसा लग रहा कि उन्होंने अभी से हार मान ली है। पीएम ने अपने संबोधन को सीएम अखिलेश के ‘काम बोलता है’ के जवाब में अपने काम गिनाए। हालांकि इधर पीएम को सुनने आई भीड़ में चलने का सिलसिला संबोधन के पंद्रह मिनट बाद से ही शुरू हो गया था। लोग जाते और आते दिखे।
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शहर के राधानगर मंडी समिति के बगल मैदान में यह जनसभा हुई। परिसर में दो लेयर तो पूरी तरह भरे थे लेकिन बाकी खाली।चार लेयर की बेरीकेडिंग की गई थी। अपने चिर-परिचित अंदाज में भारत माता की जय से पीएम ने संबोधन की शुरुआत की।
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पहले पंद्रह से बीस मिनट छत्रपति शिवाजी की जयंती और जिले के इतिहास के इर्द-गिर्द केंद्रित रहे। इसके बाद नंबर आया विपक्षी पार्टियों को घेरने का। संबोधन के अंत तक इस घेराव की धुरी पर या तो सपा रही या कांग्रेस। इसमें पीएम ने कहीं भी बसपा का नंबर ही नहीं लगाया। वर्ष 1993 से जिले को अपना गढ़ बनाने वाली बसपा का नाम विपक्षी की रैली में न आए तो चर्चा दूर तक जाना स्वाभाविक भी है। ऐसे समय में जब मतदान के तीन चरण पूरे हो चुके हैं और खुद पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सपा व कांग्रेस के तो सुर बदल गए हैं। ऐसा लग रहा कि उन्होंने अभी से हार मान ली है। पीएम ने अपने संबोधन को सीएम अखिलेश के ‘काम बोलता है’ के जवाब में अपने काम गिनाए। हालांकि इधर पीएम को सुनने आई भीड़ में चलने का सिलसिला संबोधन के पंद्रह मिनट बाद से ही शुरू हो गया था। लोग जाते और आते दिखे।
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