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सत्र के चार महीने बाद सिर्फ 30 प्रतिशत किताबें आईं
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फतेहपुर। चालू शिक्षण सत्र के चार महीने बीतने के बाद अभी तक सिर्फ 30 प्रतिशत किताबों की आपूर्ति ही बेसिक शिक्षा विभाग को मिली है। ऐसे में पाठ्यक्रम पूरा होने पर संशय पैदा हो रहा है।
चालू सत्र का चौथा महीना बीतने वाला है, लेकिन अभी तक परिषदीय स्कूल के छात्र-छात्राओं के हाथ में किताबें नहीं पहुंची हैं। विभाग को 18 लाख किताबों के सापेक्ष पांच लाख 43 हजार 842 किताबें ही मिल पाई हैं। यह सभी किताबें महात्मा गांधी पूर्व माध्यमिक विद्यालय निकट पुरानी तहसील के दो कक्षों में रखी गई हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग फिलहाल इतनी ही किताबें ब्लाक संसाधन केंद्र भेजने की तैयारी में है। बीएसए ने उप संभागीय परिवहन अधिकारी से वाहन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है, लेकिन दो दिन बीतने के बाद अभी तक वाहन की व्यवस्था नहीं हुई है। खास बात यह है कि प्राथमिक स्तर पर कुल 24 और उच्च प्राथमिक स्तर में कुल 61 किताबें पढ़ाई जाती हैं। इनमें अभी तक आधी अधूरी किताबें ही विभाग की मिल पाई हैं।
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डीसी समेकित शिक्षा अखिलेश सिंह ने बताया कि अभी तक 30 प्रतिशत किताबों की आपूर्ति मिली है। फिलहाल इतनी ही किताबें ब्लाकों में भेजने की तैयारी हो रही है। शेष किताबें आने पर भेज दी जाएंगी।
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चालू सत्र का चौथा महीना बीतने वाला है, लेकिन अभी तक परिषदीय स्कूल के छात्र-छात्राओं के हाथ में किताबें नहीं पहुंची हैं। विभाग को 18 लाख किताबों के सापेक्ष पांच लाख 43 हजार 842 किताबें ही मिल पाई हैं। यह सभी किताबें महात्मा गांधी पूर्व माध्यमिक विद्यालय निकट पुरानी तहसील के दो कक्षों में रखी गई हैं।
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बेसिक शिक्षा विभाग फिलहाल इतनी ही किताबें ब्लाक संसाधन केंद्र भेजने की तैयारी में है। बीएसए ने उप संभागीय परिवहन अधिकारी से वाहन उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है, लेकिन दो दिन बीतने के बाद अभी तक वाहन की व्यवस्था नहीं हुई है। खास बात यह है कि प्राथमिक स्तर पर कुल 24 और उच्च प्राथमिक स्तर में कुल 61 किताबें पढ़ाई जाती हैं। इनमें अभी तक आधी अधूरी किताबें ही विभाग की मिल पाई हैं।
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डीसी समेकित शिक्षा अखिलेश सिंह ने बताया कि अभी तक 30 प्रतिशत किताबों की आपूर्ति मिली है। फिलहाल इतनी ही किताबें ब्लाकों में भेजने की तैयारी हो रही है। शेष किताबें आने पर भेज दी जाएंगी।