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गंदगी से बजबजा रहा शहर, संक्रामक बीमारियों का खतरा
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आईटीआई रोड के फुटपाथ में डंप कूड़ा। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। शहर गंदगी से बजबजा रहा है। गर्मी के मौसम में गंदगी फैलने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा है। सड़क के फुटपाथों से लेकर आबादी के बीच जगह-जगह कूड़ा डंप है। कूड़ा डंपिंग सेंटरों में अन्ना मवेशी हर समय डेरा जमाए रहते हैं। कूड़े के ढेरों में सुअरों का बसेरा रहता है। नवरात्र और रमजान जैसे महीने में गंदगी का अंबार नगर पालिका की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है।
आईटीआई रोड के दोनों तरफ प्रमुख शिक्षण संस्थान हैं। एक तरफ आईटीआई और दूसरी तरफ राजकीय बालिका इंटर कालेज संचालित है। इनके बीच में बना कूड़ा डंपिंग सेंटर छात्र-छात्राओं के लिए परेशानियों का सबब है। यहां पर जमा अन्ना मवेशियों से सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है।
मिशन अस्पताल गेट के बगल में हर समय में बड़ी तादाद में कूड़ा डंप रहता है। इसके आसपास कई मैरिज हाल होने के कारण यहां निकलने वाली खानपान की सामग्री इसी डंपिंग सेंटर में फेंकी जाती है। ऐसे में हर समय अन्ना मवेशियों का बसेरा रहता है। खानपान की सामग्री की सड़ांध से अस्पताल आने वालों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय के समीप गंदगी के कारण आसपास रहने वालों का जीना मुश्किल हो रहा है। बजबजाती नालियों के कारण सड़क से गुजरने वालों पर दिन में भी मच्छर टूट पड़ते हैं। इसके बावजूद नगर पालिका कर्मचारी समस्या को पूरी तरह से नजरंदाज किए हैं।
खलील नगर की बजबजा रही नाली लोगों के लिए संक्रामक बीमारियों को दावत दे रही है। गंदगी के कारण मोहल्ले में दिन में भी मच्छरों का प्रकोप बना रहता है। ऐसी नालियों के आसपास के घरों में दिन में चैन से बैठ पाना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद नगर पालिका को यह समस्या दिखाई नहीं पड़ रही।
शहर में जलभराव की समस्या गंभीर है। मनमानी तरीके से प्लाटिंग और बिना सोचे-समझे लोगों ने भवनों का निर्माण करा लिया है। ऐसे में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। अभियान चलाकर सफाई कराई जाती है, लेकिन दो तीन दिन में यही समस्या फिर पैदा हो जाती है।
- राकेश कुमार गौड़, स्वास्थ्य एवं सफाई निरीक्षक, नगर पालिका
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आईटीआई रोड के दोनों तरफ प्रमुख शिक्षण संस्थान हैं। एक तरफ आईटीआई और दूसरी तरफ राजकीय बालिका इंटर कालेज संचालित है। इनके बीच में बना कूड़ा डंपिंग सेंटर छात्र-छात्राओं के लिए परेशानियों का सबब है। यहां पर जमा अन्ना मवेशियों से सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है।
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मिशन अस्पताल गेट के बगल में हर समय में बड़ी तादाद में कूड़ा डंप रहता है। इसके आसपास कई मैरिज हाल होने के कारण यहां निकलने वाली खानपान की सामग्री इसी डंपिंग सेंटर में फेंकी जाती है। ऐसे में हर समय अन्ना मवेशियों का बसेरा रहता है। खानपान की सामग्री की सड़ांध से अस्पताल आने वालों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय के समीप गंदगी के कारण आसपास रहने वालों का जीना मुश्किल हो रहा है। बजबजाती नालियों के कारण सड़क से गुजरने वालों पर दिन में भी मच्छर टूट पड़ते हैं। इसके बावजूद नगर पालिका कर्मचारी समस्या को पूरी तरह से नजरंदाज किए हैं।
खलील नगर की बजबजा रही नाली लोगों के लिए संक्रामक बीमारियों को दावत दे रही है। गंदगी के कारण मोहल्ले में दिन में भी मच्छरों का प्रकोप बना रहता है। ऐसी नालियों के आसपास के घरों में दिन में चैन से बैठ पाना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद नगर पालिका को यह समस्या दिखाई नहीं पड़ रही।
शहर में जलभराव की समस्या गंभीर है। मनमानी तरीके से प्लाटिंग और बिना सोचे-समझे लोगों ने भवनों का निर्माण करा लिया है। ऐसे में जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। अभियान चलाकर सफाई कराई जाती है, लेकिन दो तीन दिन में यही समस्या फिर पैदा हो जाती है।
- राकेश कुमार गौड़, स्वास्थ्य एवं सफाई निरीक्षक, नगर पालिका
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