{"_id":"5ef3929d8ebc3e432d3697c4","slug":"sachin-is-watching-chinese-patients-from-fatehpur-due-to-corona-infection-fatehpur-news-knp567400173","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना संक्रमण के चलते फतेहपुर से चीन के मरीज देख रहा सचिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना संक्रमण के चलते फतेहपुर से चीन के मरीज देख रहा सचिन
विज्ञापन
आनलाइन पढ़ाई करता चीन से लौटा विद्यार्थी
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। भारत और चीन के बीच तनातनी का माहौल है। दोनों देशों के बीच बिगड़े हालातों के बीच मेडिकल की पढ़ाई करने वाले बिना किसी गिले शिकवे के चीन के मरीजों से रूबरू होकर मर्ज समझने की कोशिश में जुटे हैं।
एमबीबीएस के छात्र सचिन पटेल चीन के वुहान शहर से लौटे हैं। मलवां ब्लाक के बरौरा गांव के मुखिया सुरेश कुमार पटेल के बेटे सचिन वर्ष 2015 में एमबीबीएस करने ई चांग हुबई के चीन थ्री गारजेज यूनिवर्सिटी गए थे। एमबीबीएस की पढ़ाई का आखिरी साल चल रहा था। तभी कोरोना संक्रमण ने चीन को अपनी जद में ले लिया।
इससे सचिन को अपने हॉस्टल के 123 मेडिकल छात्रों के साथ देश लौटना पड़ा। एक फरवरी को दिल्ली आने के बाद सचिन यहां क्वारंटीन रहे। 18 फरवरी को शहर पहुंचे। यहां आवास पर क्वारंटीन रहना पड़ा। संक्रमण का दौर तेज हो जाने से इन सभी छात्रों को चीन ने बिना परीक्षा के पास कर दिया। 15 दिन से प्री इंटर्नशिप चल रही है। 42 दिन की इस प्री इंटर्नशिप के दौरान हर रोज दोपहर 12 बजे से ढाई बजे के बीच सचिन चीन के मरीजों से रूबरू हो रहे हैं।
विज्ञापन
सचिन के मुताबिक यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर वेनचुन के सानिध्य में वहां के मरीजों की तकलीफ जानने का मौका मिल रहा है। मरीजों में कफ, कोल्ड, वायरल के रोगी सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। सचिन का कहना है कि मेडिकल पेशे में मरीज और चिकित्सक का संबंध सर्वोपरि होता है। ऐसा ही चीन के रोगियों से मुखातिब होने के दौरान महसूस होता है।
विज्ञापन
एमबीबीएस के छात्र सचिन पटेल चीन के वुहान शहर से लौटे हैं। मलवां ब्लाक के बरौरा गांव के मुखिया सुरेश कुमार पटेल के बेटे सचिन वर्ष 2015 में एमबीबीएस करने ई चांग हुबई के चीन थ्री गारजेज यूनिवर्सिटी गए थे। एमबीबीएस की पढ़ाई का आखिरी साल चल रहा था। तभी कोरोना संक्रमण ने चीन को अपनी जद में ले लिया।
विज्ञापन
इससे सचिन को अपने हॉस्टल के 123 मेडिकल छात्रों के साथ देश लौटना पड़ा। एक फरवरी को दिल्ली आने के बाद सचिन यहां क्वारंटीन रहे। 18 फरवरी को शहर पहुंचे। यहां आवास पर क्वारंटीन रहना पड़ा। संक्रमण का दौर तेज हो जाने से इन सभी छात्रों को चीन ने बिना परीक्षा के पास कर दिया। 15 दिन से प्री इंटर्नशिप चल रही है। 42 दिन की इस प्री इंटर्नशिप के दौरान हर रोज दोपहर 12 बजे से ढाई बजे के बीच सचिन चीन के मरीजों से रूबरू हो रहे हैं।
विज्ञापन
सचिन के मुताबिक यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर वेनचुन के सानिध्य में वहां के मरीजों की तकलीफ जानने का मौका मिल रहा है। मरीजों में कफ, कोल्ड, वायरल के रोगी सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। सचिन का कहना है कि मेडिकल पेशे में मरीज और चिकित्सक का संबंध सर्वोपरि होता है। ऐसा ही चीन के रोगियों से मुखातिब होने के दौरान महसूस होता है।